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बुढ़वा मंगल मेले में बिखरे खुशियों के रंग
Updated Wed, 02 Aug 2017 01:07 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। बुढ़वा मंगल पर जिले के हनुमान मंदिरों पर दर्शन-पूजन के लिए भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर कई मंदिरों पर मेले का आयोजन भी किया गया। ज्ञानपुर से लगे पांडवकालीन चकवा महावीर धाम पर बुढ़वा मंगल के मौके पर आयोजित मेले में भारी भीड़ उमड़ी। इससे पूर्व, सुबह से ही मंदिरों पर दर्शन-पूजन करने वालों की कतार लग गई थी। इसी तरह खमरिया के नटवा वीर, मोढ़ के धनुष यज्ञ की बारी और गोपीगंज में भी मेले का आयोजन किया गया।
सावन के अंतिम मंगलवार को बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है। इस दिन परंपरागत ढंग से दर्शन-पूजन के बाद मेले का आयोजन किया जाता है। चकवा महावीर धाम पर आयोजित मेले में सुबह सात बजे से ही भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। सर्कस, झूला और जादूगर के अलावा मिठाई और खेल-खिलौनों की दूकानों पर भारी भीड़ रही। सुबह मंदिर में हनुमान जी के दर्शन-पूजन के बाद ही लोग मेला भ्रमण करने लगे। मेले में महिलाओं और बच्चों की भीड़ काफी ज्यादा दिखी। बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह डिगा नहीं और पूरे दिन मेले में लोगों का आवागमन बना रहा। हालांकि बारिश के चलते मेला क्षेत्र में कीचड़ फैल गया था, लेकिन इसके बाद भी लोग मेला देखने के लिए पहुंचते रहे। चकवा मेला के निमित्त स्थानीय अवकाश घोषित होने के कारण जिलेभर से लोग मेला देखने पहुंचे थे। इस दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर में दर्शन कराने से लेकर मेले में भीड़ को नियंत्रित करने तक के कार्य के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहे। महिला पुलिस भी मेले में चक्रमण करती रही। खमरिया संवाददाता के मुताबिक सावन के आखिरी मंगलवार को नटवा महावीर धाम पर मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंचे थे।
ग्राम्यांचलों में बुढ़वा मंगल की धूम
गोपीगंज। बुढ़वा मंगल का उल्लास ग्रामीण क्षेत्रों में भी खूब दिखा। सावन माह के आखिरी मंगलवार को गोपीगंज क्षेत्र के जखांव गांव स्थित ऐतिहासिक इमिलिया हनुमान मंदिर पर पवनसुत हनुमान के दर्शन पूजन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।
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बुढ़वा मंगल पर इमिलिया हनुमान मंदिर पर पवन सुत हनुमान का रंगबिरंगे सुगंधित पुष्पों से भव्य शृंगार किया गया। महावीर के अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। इमिलिया हनुमान के साथ नगर स्थित बरगदा हनुमान मंदिर, संकट मोचन और हनुमान गढ़ी स्थित मंदिर पर भी पवन सुत का शृंगार किया गया। बरगदा हनुमान मंदिर पर सायंकालीन बेला में सुंदरकांड का आयोजन किया गया। समापन पर पुजारी अज्जू महराज ने पवन सुत की आरती उतारी। मोढ़ संवाददाता के मुताबिक, क्षेत्र के धनुष यज्ञ की बारी में बुढ़वा मंगल का मेला लगा। महिलाएं और बच्चों ने मेले का खूब आनंद लिया। इसके बाद, राम-जानकी, भगवान शिव और दुर्गा जी के मंदिर पर लोगों ने मत्था टेक आशीर्वाद लिया। सुबह बारिश होने के नाते थोड़ी दिक्कतें आईं लेकिन, बारिश थमने के बाद श्रद्धालुओं का तांता लग गया। मेला की बारी क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है। इसी तरह कस्तूरीपुर हनुमान मंदिर पर हर वर्ष सावन के अंतिम मंगलवार को लगने वाला बुढ़वा मंगल मेला चर्चित है। सुबह से ही यहां महिलाएं पूड़ी, हलुवा, रोट चढ़ाने लगीं। शाम होते होते मेले में जगह नहीं बचती।
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सावन के अंतिम मंगलवार को बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है। इस दिन परंपरागत ढंग से दर्शन-पूजन के बाद मेले का आयोजन किया जाता है। चकवा महावीर धाम पर आयोजित मेले में सुबह सात बजे से ही भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। सर्कस, झूला और जादूगर के अलावा मिठाई और खेल-खिलौनों की दूकानों पर भारी भीड़ रही। सुबह मंदिर में हनुमान जी के दर्शन-पूजन के बाद ही लोग मेला भ्रमण करने लगे। मेले में महिलाओं और बच्चों की भीड़ काफी ज्यादा दिखी। बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह डिगा नहीं और पूरे दिन मेले में लोगों का आवागमन बना रहा। हालांकि बारिश के चलते मेला क्षेत्र में कीचड़ फैल गया था, लेकिन इसके बाद भी लोग मेला देखने के लिए पहुंचते रहे। चकवा मेला के निमित्त स्थानीय अवकाश घोषित होने के कारण जिलेभर से लोग मेला देखने पहुंचे थे। इस दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर में दर्शन कराने से लेकर मेले में भीड़ को नियंत्रित करने तक के कार्य के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहे। महिला पुलिस भी मेले में चक्रमण करती रही। खमरिया संवाददाता के मुताबिक सावन के आखिरी मंगलवार को नटवा महावीर धाम पर मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंचे थे।
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ग्राम्यांचलों में बुढ़वा मंगल की धूम
गोपीगंज। बुढ़वा मंगल का उल्लास ग्रामीण क्षेत्रों में भी खूब दिखा। सावन माह के आखिरी मंगलवार को गोपीगंज क्षेत्र के जखांव गांव स्थित ऐतिहासिक इमिलिया हनुमान मंदिर पर पवनसुत हनुमान के दर्शन पूजन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।
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बुढ़वा मंगल पर इमिलिया हनुमान मंदिर पर पवन सुत हनुमान का रंगबिरंगे सुगंधित पुष्पों से भव्य शृंगार किया गया। महावीर के अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। इमिलिया हनुमान के साथ नगर स्थित बरगदा हनुमान मंदिर, संकट मोचन और हनुमान गढ़ी स्थित मंदिर पर भी पवन सुत का शृंगार किया गया। बरगदा हनुमान मंदिर पर सायंकालीन बेला में सुंदरकांड का आयोजन किया गया। समापन पर पुजारी अज्जू महराज ने पवन सुत की आरती उतारी। मोढ़ संवाददाता के मुताबिक, क्षेत्र के धनुष यज्ञ की बारी में बुढ़वा मंगल का मेला लगा। महिलाएं और बच्चों ने मेले का खूब आनंद लिया। इसके बाद, राम-जानकी, भगवान शिव और दुर्गा जी के मंदिर पर लोगों ने मत्था टेक आशीर्वाद लिया। सुबह बारिश होने के नाते थोड़ी दिक्कतें आईं लेकिन, बारिश थमने के बाद श्रद्धालुओं का तांता लग गया। मेला की बारी क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है। इसी तरह कस्तूरीपुर हनुमान मंदिर पर हर वर्ष सावन के अंतिम मंगलवार को लगने वाला बुढ़वा मंगल मेला चर्चित है। सुबह से ही यहां महिलाएं पूड़ी, हलुवा, रोट चढ़ाने लगीं। शाम होते होते मेले में जगह नहीं बचती।