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पीएम दरबार से आया जांच का फरमान
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:27 AM IST
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गोपीगंज। नगर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए मिली धनराशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत पर केंद्र सरकार से जांच का फरमान जारी किया गया है। जांच का आदेश जारी होते ही नगर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं।
पालिका परिषद के पूर्व सभासद अनीस अख्तर ने शौचालय निर्माण के नाम पर व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायती पत्र भेजकर प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण योजना में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। बताया कि स्वच्छ भारत मिशन नगरीय योजना के अंतर्गत 77 लाख रुपये जारी किए गए थे। 27 हजार आबादी वाले नगर में जब शौचालय निर्माण के लिए आवेदन मागा गया तो लगभग नौ हजार लोगों ने आवेदन किया, जिनमें स्थलीय सत्यापन न कर ऑफिस में ही बैठ कर 6776 आवेदन निरस्त कर दिए गए। जब शासन से ओडीएफ घोषित करने का दबाव पड़ा तो अपात्रों को इसका लाभ सुविधा शुल्क लेकर दे दिया गया। औपचारिकता पूरी कर शासन को गलत सूचना देते हुए नगर को सितंबर में ओडीएफ घोषित कर दिया गया, जबकि सरकारी वेबसाइट पर लगभग पांच सौ शौचालय अब भी अपूर्ण हैं। शिकायत पत्र को गंभीरता से लेते हुए स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार के प्रधान सचिव गोपाल झा ने उत्तर प्रदेश सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के प्रधान सचिव से जांच कराकर एक माह में रिपोर्ट तलब की है।
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पालिका परिषद के पूर्व सभासद अनीस अख्तर ने शौचालय निर्माण के नाम पर व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायती पत्र भेजकर प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण योजना में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। बताया कि स्वच्छ भारत मिशन नगरीय योजना के अंतर्गत 77 लाख रुपये जारी किए गए थे। 27 हजार आबादी वाले नगर में जब शौचालय निर्माण के लिए आवेदन मागा गया तो लगभग नौ हजार लोगों ने आवेदन किया, जिनमें स्थलीय सत्यापन न कर ऑफिस में ही बैठ कर 6776 आवेदन निरस्त कर दिए गए। जब शासन से ओडीएफ घोषित करने का दबाव पड़ा तो अपात्रों को इसका लाभ सुविधा शुल्क लेकर दे दिया गया। औपचारिकता पूरी कर शासन को गलत सूचना देते हुए नगर को सितंबर में ओडीएफ घोषित कर दिया गया, जबकि सरकारी वेबसाइट पर लगभग पांच सौ शौचालय अब भी अपूर्ण हैं। शिकायत पत्र को गंभीरता से लेते हुए स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार के प्रधान सचिव गोपाल झा ने उत्तर प्रदेश सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के प्रधान सचिव से जांच कराकर एक माह में रिपोर्ट तलब की है।
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