{"_id":"5bd8aa14bdec22699e08700c","slug":"121540925972-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल बने प्रबंधकों के आवास, नहीं बनेंगे केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल बने प्रबंधकों के आवास, नहीं बनेंगे केंद्र
Updated Wed, 31 Oct 2018 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। शिक्षा के मंदिर को जिले के कुछ प्रबंधकों ने आवास बना लिया है। ऐसे माध्यमिक विद्यालयों को 2019 की परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर करने की कवायद शुरू हो गई है। डीआईओएस ने इसकी संस्तुति भी कर दी है। इसके बाद 10 से अधिक स्कूलों को तकनीकी आधार पर परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर कर दिया जाएगा। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के शैक्षिक मूल्यांकन के लिए हर साल बोर्ड परीक्षा कराई जाती है। फरवरी-मार्च में प्रस्तावित 2019 की यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। 60 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के मद्देनजर इस बार करीब 75 परीक्षा केंद्र बनाए जाने हैं। राजकीय और वित्तपोषित के मुकाबले 80 फीसदी वित्तविहीन विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाता है। केंद्र निर्धारण के लिए कई गाइडलाइन तय की गई है। उन्हीं में से एक गाइडलाइन यह भी है कि विद्यालयों को आवास की तरह प्रयोग न किया जाए, लेकिन जिले के तीन माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधक कई वर्षों से विद्यालय को ही अपना आवास बनाए हुए हैं। शिक्षा विभाग की कृपा से उन स्कूलों को केंद्र भी बना दिया जाता था, लेकिन इस बार गाइडलाइन को धता बता रहे ऐसे माध्यमिक विद्यालयों के परीक्षा केंद्र बनाए जाने पर डीआईओएस ने कैंची चलानी शुरू कर दी है। इन विद्यालयों को केंद्र न बनाया जाए, इसके लिए संस्तुति की गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो उक्त तीनों विद्यालयों के अलावा 10 से 12 अन्य ऐसे विद्यालय भी हैं, जो मानक पूरा न करने के कारण केंद्र बनने में पिछड़ गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार चौरसिया ने कहा कि बोर्ड का मानक पूर्ण करने वाले माध्यमिक एवं इंटर कॉलेज ही केंद्र बनाए जाएंगे। किसी भी स्तर पर मानक से समझौता नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन