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आठ डाइंग हाउस के खिलाफ कार्रवाई से कालीन उद्यमियों में खलबली
Updated Tue, 18 Jul 2017 01:02 AM IST
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भदोही।
कालीन परिक्षेत्र के रंगाई संयंत्रों को बंद करने के आदेश की अवहेलना के आरोप में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने जनपद के आठ डाइंग हाउस सील कर दिए। शनिवार को जीटी रोड की तीन और सोमवार को भदोही नगर की पांच इकाइयों पर कार्रवाई की गई। इससे खलबली मच गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने 19 जून को कालीन परिक्षेत्र के 45 डाइंग (रंगाई) हाउस को बंद करने का नोटिस जारी किया था। कहा था कि आदेश तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक डाइंग हाउस उत्प्रवाह शुद्धीकरण संयंत्र (ईटीपी) और आनलाइन इफ्ल्यूएंट मानीटरिंग सिस्टम (ओएमएस) का निरीक्षण कराकर डाइंग हाउस चलाने की अनुमति नहीं प्राप्त कर लेते। इस आदेश के बाद कई इकाइयों ने इसका अनुपालन शुरू कर दिया था। यूपीपीसीबी के वाराणसी क्षेत्रीय अधिकारी डा. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिल रही थी कि कई इकाइयां आदेशों की अवहेलना कर रंगाई कार्य कर रही हैं। इसकी छानबीन के बाद शुक्रवार को जिलधिकारी विशाख जी से मिलकर इनके खिलाफ कार्रवाई में सहयोग मांगा गया था। शनिवार को क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी डा. एससी शुक्ला की अगुवाई में तीन सदस्यीय दल ने औराई एसडीएम प्रवरशील बरनवाल की उपस्थिति में जीटी रोड की तीन इकाइयों को सील किया था। सोमवार को भदोही क्षेत्र की पांच इकाइयों को सील कर दिया गया। यहां कार्रवाई के दौरान एसडीएम आशीष कुमार यादव मौजूद रहे। कार्रवाई की खबर होते ही कालीन उद्यमियों, डाइंग हाउस संचालकों में खलबली मच गई। जीएसटी से जूझ रहे कालीन उद्यमियों ने गत सप्ताह नई दिल्ली में सीपीसीबी के चेयरमैन से मिल कर डाइंग हाउस के लिए नए दिशा निर्देशों के अनुपालन के लिए कुछ समय मांगा था लेकिन सफल नहीं हो सके थे।
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कालीन परिक्षेत्र के रंगाई संयंत्रों को बंद करने के आदेश की अवहेलना के आरोप में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने जनपद के आठ डाइंग हाउस सील कर दिए। शनिवार को जीटी रोड की तीन और सोमवार को भदोही नगर की पांच इकाइयों पर कार्रवाई की गई। इससे खलबली मच गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने 19 जून को कालीन परिक्षेत्र के 45 डाइंग (रंगाई) हाउस को बंद करने का नोटिस जारी किया था। कहा था कि आदेश तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक डाइंग हाउस उत्प्रवाह शुद्धीकरण संयंत्र (ईटीपी) और आनलाइन इफ्ल्यूएंट मानीटरिंग सिस्टम (ओएमएस) का निरीक्षण कराकर डाइंग हाउस चलाने की अनुमति नहीं प्राप्त कर लेते। इस आदेश के बाद कई इकाइयों ने इसका अनुपालन शुरू कर दिया था। यूपीपीसीबी के वाराणसी क्षेत्रीय अधिकारी डा. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिल रही थी कि कई इकाइयां आदेशों की अवहेलना कर रंगाई कार्य कर रही हैं। इसकी छानबीन के बाद शुक्रवार को जिलधिकारी विशाख जी से मिलकर इनके खिलाफ कार्रवाई में सहयोग मांगा गया था। शनिवार को क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी डा. एससी शुक्ला की अगुवाई में तीन सदस्यीय दल ने औराई एसडीएम प्रवरशील बरनवाल की उपस्थिति में जीटी रोड की तीन इकाइयों को सील किया था। सोमवार को भदोही क्षेत्र की पांच इकाइयों को सील कर दिया गया। यहां कार्रवाई के दौरान एसडीएम आशीष कुमार यादव मौजूद रहे। कार्रवाई की खबर होते ही कालीन उद्यमियों, डाइंग हाउस संचालकों में खलबली मच गई। जीएसटी से जूझ रहे कालीन उद्यमियों ने गत सप्ताह नई दिल्ली में सीपीसीबी के चेयरमैन से मिल कर डाइंग हाउस के लिए नए दिशा निर्देशों के अनुपालन के लिए कुछ समय मांगा था लेकिन सफल नहीं हो सके थे।
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