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नोटबंदी की वर्षगाठ पर काला दिवस
Updated Sat, 10 Nov 2018 12:18 AM IST
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भदोही। भाजपा सरकार की ओर से वर्ष 2016 में की गई नोटबंदी की दूसरी वर्षगांठ पर विरोध स्वरूप सपाइयों ने बृहस्पतिवार को इंदिरा मिल चौराहे स्थित गांधी चौक पर काला दिवस मनाया। इस मौके पर जुटे कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार के उस निर्णय से किसी पूंजीपति को नहीं लेकिन गरीबों को जरूर समस्या हुई। उस निर्णय से देश भर के मध्यम उद्यम बर्बादी के कगार पर पहुंच गए। यह जिम्मेदारी भाजपा सरकार को लेनी होगी।
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख विकास यादव ने कहा कि दो वर्ष पूर्व आठ नवंबर को प्रधानमंत्री ने बगैर सोचे समझे 1000 और 500 के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। नोटबंदी के दो वर्ष बाद स्थिति सुधरी नहीं है, लेकिन सरकार में बैठे मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता पर जबरन अर्थव्यवस्था और सुदृढ़ होने की बात थोप रहे हैं। उक्त निर्णय के बाद कितने लोगों की मौत हुई। कितने उद्योग बंद हो गए और मध्यम दर्जे के महिला पुरुषों को कितनी दिक्कतेें हुई, इससे सरकार को मतलब नहीं रहा। लोगों ने कहा कि उस निर्णय से किसानों, मजदूरों, छोटे व्यवसायियों की कमर टूट गई। इस मौके पर डॉ. तेजबहादुर यादव, सुभाष यादव, राजेश यादव, आनंद यादव, चंद्रशेखर यादव, सूरज प्रसाद यादव, रामराज यादव, इस्लाम अहमद, पवन यादव, संतोष यादव, सुभम यादव, दवेंद्र यादव, अमन आनंद, राहुल यादव, सुरेश यादव, समय लाल, निशांत राय, उमेश राय, बनारसी यादव, राज विश्वकर्मा, पिंटू माली आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख विकास यादव ने कहा कि दो वर्ष पूर्व आठ नवंबर को प्रधानमंत्री ने बगैर सोचे समझे 1000 और 500 के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। नोटबंदी के दो वर्ष बाद स्थिति सुधरी नहीं है, लेकिन सरकार में बैठे मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता पर जबरन अर्थव्यवस्था और सुदृढ़ होने की बात थोप रहे हैं। उक्त निर्णय के बाद कितने लोगों की मौत हुई। कितने उद्योग बंद हो गए और मध्यम दर्जे के महिला पुरुषों को कितनी दिक्कतेें हुई, इससे सरकार को मतलब नहीं रहा। लोगों ने कहा कि उस निर्णय से किसानों, मजदूरों, छोटे व्यवसायियों की कमर टूट गई। इस मौके पर डॉ. तेजबहादुर यादव, सुभाष यादव, राजेश यादव, आनंद यादव, चंद्रशेखर यादव, सूरज प्रसाद यादव, रामराज यादव, इस्लाम अहमद, पवन यादव, संतोष यादव, सुभम यादव, दवेंद्र यादव, अमन आनंद, राहुल यादव, सुरेश यादव, समय लाल, निशांत राय, उमेश राय, बनारसी यादव, राज विश्वकर्मा, पिंटू माली आदि उपस्थित रहे।
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