फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   रामलीला से संबंधित फाइल

रामलीला से संबंधित फाइल

Fri, 26 Oct 2018 11:08 PM IST
Updated Fri, 26 Oct 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
रामलीला से संबंधित फाइल

विज्ञापन
महराजगंज। भरत मिलाप समिति की ओर से बृहस्पतिवार रात में आयोजित महराजगंज बाजार का भरत मिलाप परंपरागत तरीके से संपन्न हो गया। मेले में 25 से अधिक आकर्षक झांकी एवं लाग विमान निकाले गए। भोर में चारों भाइयों का मिलन होने पर सबकी आंखें नम हो गईं। जय श्रीराम के जयकारे से इलाका गुंजायमान हो उठा।
भरत मिलाप के मद्देनजर महराजगंज बाजार को आकर्षक झालरों से सजाया गया था। शाम से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हुआ, जो भोर तक चला। रात करीब नौ बजे से झांकी और लाग विमान निकाले गए। विभिन्न कमेटियों की ओर से करीब 27 लाग विमान निकाले गए। सीओ औराई रामकरन और कोतवाली प्रभारी सुनील दत्त दूबे फोर्स के साथ रात में चक्रमण करते रहे। समिति के अध्यक्ष उत्पल दूबे अन्य पदाधिकारियों संग मेले का जायजा लेते रहे। मंच पर औराई विधायक दीनानाथ भास्कर, पूर्व विधायक मधुबाला पासी और पूर्व विधायक उदय भान सिंह के बेटे विशाल सिंह का स्वागत किया गया। मेले में रात भर जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जिसका लोगों ने लुत्फ उठाया। भोर में राम-भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न जब मिले तो जय श्रीराम का जयकारा गूंज उठा। प्रथम पुरस्कार ज्ञानपुर के वंशीधर मिस्त्री, दूसरा पुरस्कार हाशमी मिस्त्री ज्ञानपुर, तृतीय पुरस्कार राधेश्याम मिस्त्री को मिला। चौथा और पाचवां पुरस्कार भी ज्ञानपुर के कलाकारों को मिला। इस मौके पर आशीष सोनी, गोरेलाल अग्रहरि, मनीराम सिंह, धनंजय दूबे, आलोक मिश्रा, अनिल, रविशंकर, दिलीप दूबे, सुनील दुबे,शरद चंद सोनकर मंडल, सुरेंद्र विश्वकर्मा आदि रहे।
विज्ञापन




पूंछ में लगाई आग तो हनुमान ने जला दी सोने की लंका
चौरी। इलाके के लठिया गांव में चल रही रामलीला में बृहस्पतिवार रात राम- सुग्रीव मित्रता और लंका दहन का मंचन किया गया। रामलीला में छठे दिन सीता की खोज में निकले श्रीराम को सबरी ने सुग्रीव के विषय में जानकारी दी। ऋष्यम्क पर्वत पर राम और सुग्रीव की मित्रता होती है। सुग्रीव-बाली युद्ध के दौरान राम बाली का वध करते हैं और सुग्रीव को उसका राज्य वापस दिलाते हैं। हनुमान ने याद दिलाया तो सुग्रीव अपनी वानर सेना को सीता की खोज में लेकर निकलते हैं। सीता की खोज में हनुमान लंका पहुंचते हैं। अशोक वाटिका में सीता से मिलकर भगवान राम का संदेश सुनाते हैं। उसके बाद भूख मिटाने के लिए वाटिका में फल तोड़ने के दौरान हनुमान जी उपद्रव मचाते हैं। मेघनाद ने हनुमान को बंदी बना लिया और रावण के सामने ले गया। राक्षसों ने हनुमान को परेशान करने के लिए उनकी पूंछ में आग लगा दी। उसी आग से हनुमान जी ने समूची सोने की लंका को जला दिया। केवल रामभक्त विभीषण का भवन बचा। लंका के जलते ही पंडाल में मौजूद लोग जय श्रीराम का जयकारा करने लगे। रामलीला देखने के लिए देर रात तक बड़ी संख्या में दर्शक दीर्घा में डटे रहे। मौके पर मुख्य रूप से विजयी शुक्ल, ऊदल तिवारी, छोटेलाल तिवारी, दयाशंकर यादव, चंद्रेश्वर तिवारी, दयाशंकर साहू, दिनेश यादव, गुड्डू शर्मा आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed