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आपरेशन कायाकल्प से बदलेगी 1116 स्कूलों की तस्वीर
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ज्ञानपुर। सबकुछ ठीकठाक रहा तो एक से डेढ़ साल में जिले के सभी 1116 परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदली-बदली नजर आएगी। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सभी स्कूलों को मॉडल बनाने का निर्देश शासन की ओर से दिया गया है। अब तक 100 स्कूल मॉडल बन चुके हैं, जबकि 200 का कायाकल्प करने का काम चल रहा है। शिक्षा विभाग पंचायती राज विभाग के जरिए स्कूलों की तस्वीर बदलने की कवायद में जुटा है।
जर्जर भवन, टूटे-फूटे शौचालय, ऊबड़-खाबड़ मैदान वाले परिषदीय स्कूलों के अच्छे दिन आने वाले हैं। बच्चे टाट-पट्टी पर नहीं, कॉन्वेंट की तरह फर्नीचर पर बैठकर तालीम हासिल करेंगे। पूर्व में शिक्षा विभाग के माध्यम से परिषदीय स्कूलों का कामकाज कराया जाता था, लेकिन दो से तीन साल पूर्व सरकार स्कूलों की दशा सुधारने के लिए राज्य वित्त और 14वें वित्त से काम करने पर जोर दिया गया। इसके तहत पहले चरण में जिले के 50 से अधिक स्कूल चिह्नित किए गए। इसमें प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय जोरईं, महुआपुर, सर्रोई समेत अन्य स्कूल शामिल रहे। इन स्कूलों में बेंच, फर्नीचर, शौचालय, बेबी शौचालय, इंटरलॉकिंग, आकर्षक पेंटिग आदि कार्य कराए गए। वित्तीय वर्ष 2019-20 में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों को सुविधाओं से संतृप्त करने का निर्देश दिया गया है। इससे अब जिले के सभी 1116 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में जरूरी काम कराए जांएगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से सभी विद्यालयों को मॉडल बनाया जाएगा।
स्कूलों में क्या होंगे कार्य
ज्ञानपुर। मॉडल स्कूल की तरह विद्यालयों का जीर्णोद्धार होगा। कक्षों में विद्यार्थियों के बैठने के इंतजाम और रसोईघर बेहतर बनेंगे। रंगाई-पुताई के साथ ही गेट से लेकर भवन पर स्वच्छता, शिक्षा के लिए प्रेरित करने वाले स्लोगन लिखे जाएंगे। खेल मैदान बेहतर किया जाएगा। छात्र-छात्राओं की संख्या के आधार पर शौचालय, स्वच्छ पेयजल, मल्टीपल हैंडवाशिंग सिस्टम, फर्श में टाइल्स, अतिरिक्त कक्षा कक्ष समेत जरूरत के हिसाब से अन्य कार्य कराए जाएंगे।
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जर्जर भवन, टूटे-फूटे शौचालय, ऊबड़-खाबड़ मैदान वाले परिषदीय स्कूलों के अच्छे दिन आने वाले हैं। बच्चे टाट-पट्टी पर नहीं, कॉन्वेंट की तरह फर्नीचर पर बैठकर तालीम हासिल करेंगे। पूर्व में शिक्षा विभाग के माध्यम से परिषदीय स्कूलों का कामकाज कराया जाता था, लेकिन दो से तीन साल पूर्व सरकार स्कूलों की दशा सुधारने के लिए राज्य वित्त और 14वें वित्त से काम करने पर जोर दिया गया। इसके तहत पहले चरण में जिले के 50 से अधिक स्कूल चिह्नित किए गए। इसमें प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय जोरईं, महुआपुर, सर्रोई समेत अन्य स्कूल शामिल रहे। इन स्कूलों में बेंच, फर्नीचर, शौचालय, बेबी शौचालय, इंटरलॉकिंग, आकर्षक पेंटिग आदि कार्य कराए गए। वित्तीय वर्ष 2019-20 में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों को सुविधाओं से संतृप्त करने का निर्देश दिया गया है। इससे अब जिले के सभी 1116 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में जरूरी काम कराए जांएगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से सभी विद्यालयों को मॉडल बनाया जाएगा।
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स्कूलों में क्या होंगे कार्य
ज्ञानपुर। मॉडल स्कूल की तरह विद्यालयों का जीर्णोद्धार होगा। कक्षों में विद्यार्थियों के बैठने के इंतजाम और रसोईघर बेहतर बनेंगे। रंगाई-पुताई के साथ ही गेट से लेकर भवन पर स्वच्छता, शिक्षा के लिए प्रेरित करने वाले स्लोगन लिखे जाएंगे। खेल मैदान बेहतर किया जाएगा। छात्र-छात्राओं की संख्या के आधार पर शौचालय, स्वच्छ पेयजल, मल्टीपल हैंडवाशिंग सिस्टम, फर्श में टाइल्स, अतिरिक्त कक्षा कक्ष समेत जरूरत के हिसाब से अन्य कार्य कराए जाएंगे।
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