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हड़ताल से डाक घरों में 65 लाख का लेन-देन ठप
Updated Thu, 24 Aug 2017 01:08 AM IST
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हड़ताल से डाक घरों में 65 लाख का लेन-देन ठप
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ज्ञानपुर (भदोही)।
50 वर्ष के बाद कर्मचारियों को सेवानिवृत्त करने और डाक विभाग का निजीकरण करने के विरोध में बुधवार को जिले भर के डाककर्मी हड़ताल पर रहे। इससे जिले भर के डाकघरों में करीब 65 लाख रुपये का लेनदेन ठप रहा। इसके अलावा, बुधवार को जिले भर के डाकघरों में पांच हजार से अधिक डाक का वितरण नहीं किया जा सका। हड़ताल की वजह से बुधवार को डाक विभाग से संबंधित कार्य के लिए पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
मालूम हो कि पिछले 16 अगस्त से ही डाक विभाग में विभिन्न स्तरों पर सांकेतिक विरोध का आंदोलन कर्मचारी संगठन की ओर से किया जा रहा है। इसके तहत, बुधवार को विभाग की ओर से शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत कर्मियों ने कामकाज पूरी तरह से ठप रखा। इससे वित्तीय लेनदेन के अलावा डाक वितरण समेत और रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट आदि का कार्य भी किसी डाक घर में नहीं हुआ। ज्ञानपुर डाकघर के डाकपाल मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को उनके यहां तो बंद था। साथ ही पूरे जिले के डाकघरों में कामकाज नहीं हुआ। ज्ञानपुर डाकघर में जहां करीब सात लाख रुपये का वित्तीय कार्य प्रतिदिन होता है। वह नहीं हुआ, इसी तरह एक हजार से अधिक डाक पत्रों का वितरण नहीं हो सका। बताया कि निजीकरण और 50 वर्ष की आयु के बाद सेवानिवृत्ति को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन चल रहा है।
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50 वर्ष के बाद कर्मचारियों को सेवानिवृत्त करने और डाक विभाग का निजीकरण करने के विरोध में बुधवार को जिले भर के डाककर्मी हड़ताल पर रहे। इससे जिले भर के डाकघरों में करीब 65 लाख रुपये का लेनदेन ठप रहा। इसके अलावा, बुधवार को जिले भर के डाकघरों में पांच हजार से अधिक डाक का वितरण नहीं किया जा सका। हड़ताल की वजह से बुधवार को डाक विभाग से संबंधित कार्य के लिए पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
मालूम हो कि पिछले 16 अगस्त से ही डाक विभाग में विभिन्न स्तरों पर सांकेतिक विरोध का आंदोलन कर्मचारी संगठन की ओर से किया जा रहा है। इसके तहत, बुधवार को विभाग की ओर से शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत कर्मियों ने कामकाज पूरी तरह से ठप रखा। इससे वित्तीय लेनदेन के अलावा डाक वितरण समेत और रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट आदि का कार्य भी किसी डाक घर में नहीं हुआ। ज्ञानपुर डाकघर के डाकपाल मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को उनके यहां तो बंद था। साथ ही पूरे जिले के डाकघरों में कामकाज नहीं हुआ। ज्ञानपुर डाकघर में जहां करीब सात लाख रुपये का वित्तीय कार्य प्रतिदिन होता है। वह नहीं हुआ, इसी तरह एक हजार से अधिक डाक पत्रों का वितरण नहीं हो सका। बताया कि निजीकरण और 50 वर्ष की आयु के बाद सेवानिवृत्ति को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन चल रहा है।
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