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Basti News: प्लॉट के नाम पर महिला से नौ लाख की ठगी, छह पर एफआईआर
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सतरिख। प्लॉट बेचने के नाम पर बस्ती की महिला से नौ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। एसपी अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर सतरिख थाने में निदेशक सहित छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना की एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बस्ती जिले की आवास विकास कॉलोनी निवासी सरिता सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में उनके परिचित दारा सिंह ने उन्हें संदौली उमरपुर गांव के पास विकसित की जा रही देव इंफ्रा डेवलपर्स की साइट पर प्लॉट दिखाया था। इस दौरान उनकी मुलाकात कंपनी से जुड़े देवेंद्र पाल, दिनेश कुमार सिंह, सज्जन लाल गुप्ता और अजय प्रताप सिंह से हुई।
प्लॉट खरीदने के लिए उन्होंने किस्तों में कुल 906250 रुपये कंपनी के खाते में जमा किए। वर्ष 2018 में देवेंद्र पाल ने उनके नाम प्लॉट की रजिस्ट्री करा दी। इसके बाद वह अपने घर बस्ती लौट गईं। कुछ समय बाद जब वह दाखिल-खारिज कराने पहुंचीं तो पता चला कि जिस प्लॉट की रजिस्ट्री हुई है, उस स्थान पर संबंधित जमीन ही नहीं है।
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जून 2020 में देवेंद्र पाल की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी बबीता पाल कंपनी की निदेशक बन गईं। आरोप है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद न तो प्लॉट दिया गया और न ही धन वापस किया गया।
बाद में जो प्लॉट दिखाया गया था, उसकी बाउंड्री तोड़कर उस पर जबरन कब्जा कर लिया गया। सतरिख के एसएचओ डीके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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बस्ती जिले की आवास विकास कॉलोनी निवासी सरिता सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में उनके परिचित दारा सिंह ने उन्हें संदौली उमरपुर गांव के पास विकसित की जा रही देव इंफ्रा डेवलपर्स की साइट पर प्लॉट दिखाया था। इस दौरान उनकी मुलाकात कंपनी से जुड़े देवेंद्र पाल, दिनेश कुमार सिंह, सज्जन लाल गुप्ता और अजय प्रताप सिंह से हुई।
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प्लॉट खरीदने के लिए उन्होंने किस्तों में कुल 906250 रुपये कंपनी के खाते में जमा किए। वर्ष 2018 में देवेंद्र पाल ने उनके नाम प्लॉट की रजिस्ट्री करा दी। इसके बाद वह अपने घर बस्ती लौट गईं। कुछ समय बाद जब वह दाखिल-खारिज कराने पहुंचीं तो पता चला कि जिस प्लॉट की रजिस्ट्री हुई है, उस स्थान पर संबंधित जमीन ही नहीं है।
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जून 2020 में देवेंद्र पाल की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी बबीता पाल कंपनी की निदेशक बन गईं। आरोप है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद न तो प्लॉट दिया गया और न ही धन वापस किया गया।
बाद में जो प्लॉट दिखाया गया था, उसकी बाउंड्री तोड़कर उस पर जबरन कब्जा कर लिया गया। सतरिख के एसएचओ डीके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।