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स्वाइन फ्लू से महिला की मौत
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स्वाइन फ्लू से महिला की मौत
बस्ती। शहर में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दिया है। इस बीमारी से पुराना डाकखाना की 40 वर्षीय मंजू की बृहस्पतिवार रात लखनऊ से इलाज कराकर लौटते समय रास्ते में मौत हो गई। स्वाइन फ्लू की पुष्टि एसजीपीजीआई की जांच के बाद हुई है। जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम ने निरोधात्मक कार्रवाई के साथ घर में मौजूद सभी 11 सदस्यों को दवा आदि दी है।
मंजू पत्नी भोला को छह अक्तूबर को तेज बुखार और जुकाम हुआ। उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग शहर के स्टेशन रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टर ने इलाज शुरू किया, मगर तबीयत सुधरने का नाम नहीं ले रही थी। डॉक्टर ने आठ अक्तूबर को बीमार को केजीएमयू रेफर कर दिया। परिवार के लोगों ने उसे केजीएमयू में भर्ती करा दिया। केजीएमयू ने स्वाइन फ्लू के अंदेशा में खून की जांच एसजीपीजीआई भेजा। वहां से रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई और इसकी सूचना पीजीआई ने स्वास्थ्य विभाग को दी। नौ अक्तूबर की रात में परिवार के लोगों ने मंजू को लखनऊ में ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, मगर दस अक्तूबर की रात परिवार के लोग वहां बिना कुछ बताए उसे लेकर घर के लिए निकल पड़े। रास्ते में उसकी मौत हो गई।
रैपिड रिस्पांस टीम के अगुवा एसीएमओ डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि स्वाइन फ्लू से मंजू की मौत हुई है। उनके परिवार में टीम ने निरोधात्मक कार्रवाई की है। सभी 11 सदस्यों को दवा आदि दे दिया गया है।
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बस्ती। शहर में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दिया है। इस बीमारी से पुराना डाकखाना की 40 वर्षीय मंजू की बृहस्पतिवार रात लखनऊ से इलाज कराकर लौटते समय रास्ते में मौत हो गई। स्वाइन फ्लू की पुष्टि एसजीपीजीआई की जांच के बाद हुई है। जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम ने निरोधात्मक कार्रवाई के साथ घर में मौजूद सभी 11 सदस्यों को दवा आदि दी है।
मंजू पत्नी भोला को छह अक्तूबर को तेज बुखार और जुकाम हुआ। उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग शहर के स्टेशन रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टर ने इलाज शुरू किया, मगर तबीयत सुधरने का नाम नहीं ले रही थी। डॉक्टर ने आठ अक्तूबर को बीमार को केजीएमयू रेफर कर दिया। परिवार के लोगों ने उसे केजीएमयू में भर्ती करा दिया। केजीएमयू ने स्वाइन फ्लू के अंदेशा में खून की जांच एसजीपीजीआई भेजा। वहां से रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई और इसकी सूचना पीजीआई ने स्वास्थ्य विभाग को दी। नौ अक्तूबर की रात में परिवार के लोगों ने मंजू को लखनऊ में ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, मगर दस अक्तूबर की रात परिवार के लोग वहां बिना कुछ बताए उसे लेकर घर के लिए निकल पड़े। रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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रैपिड रिस्पांस टीम के अगुवा एसीएमओ डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि स्वाइन फ्लू से मंजू की मौत हुई है। उनके परिवार में टीम ने निरोधात्मक कार्रवाई की है। सभी 11 सदस्यों को दवा आदि दे दिया गया है।
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