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एमडीएम का डाटा न फीड करने पर 54 प्रधानाध्यापकों का रुका वेतन
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54 प्रधानाध्यापकों का रुका वेतन
एमडीएम का डाटा फीड नहीं करने पर की गई कार्रवाई
एक सप्ताह में प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीड करने का निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना काल में परिषदीय और माध्यमिक स्कूल बंद होने के बाद भी एमडीएम योजना के अंतर्गत सरकार ने बच्चों को राशन व कन्वर्जन कास्ट देने का निर्देश औंधे मुंह है। इसके तहत जिले के दो लाख 29 हजार बच्चों को इसका लाभ मिलना था। लेकिन स्कूलों की लापरवाही के कारण जिले के लगभग 20 हजार से अधिक बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। जिसको लेकर डीएम ने लापरवाही बरतने वाले 54 प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने के लिए निर्देशित किया है।
कोरोना संक्रमण के कारण परिषदीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को मार्च से 2020 से बंद कर दिया गया था। 15 मार्च 2021 को कोविड के नियमों का पालन करते हुए बच्चों को स्कूल बुलाया गया, लेकिन अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। लेकिन बच्चे स्कूल भले नहीं आए, विभाग उन्हें मध्याह्न भोजन का राशन व पैसा दिया जाना था। इसके तहत शासन ने एक सितंबर 2020 से नौ फरवरी 2021 तक परिषदीय स्कूलों के बच्चों को गेहूं और चावल देने के साथ ही कन्वर्जन कास्ट देने का निर्देश दिया है। जिसमें जिले के दो लाख 29 बच्चे लाभान्वित होते। गेहूं और चावल कोटेदारों के यहां से लेना होगा तथा कन्वर्जन कास्ट बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजा जाना है। प्राइमरी के एक बच्चे को 4.6 किग्रा गेहूं, 9.2 किग्रा चावल तथा पूर्व माध्यमिक के बच्चों को 6.2 किग्रा गेहूं और 12.4 किग्रा चावल मिलेगा। इसके अलावा प्राइमरी के बच्चों को 685 रुपये व पूर्व माध्यमिक के बच्चों को 923 रुपये कन्वर्जन कास्ट दिया गया। लेकिन माध्यमिक स्कूल के 54 विद्यालयों ने बच्चों के अभिभावकों का डाटा प्रेरणा पोर्टल पर फीड नहीं करने के कारण लगभग 20 हजार से अधिक बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। इस पर डीएम सौम्या अग्रवाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए इन विद्यालय के प्रधानाध्यापकों का वेतन अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया है। साथ ही एक सप्ताह के अंदर अभिभावकों का डाटा पोर्टल पर फीड करने के लिए निर्देशित किया है।
इन स्कूलों ने नहीं फीड किया डाटा
एमडीएम के जिला समन्वयक अमित मिश्र ने बताया कि कन्वर्जन कास्ट की धनराशि भेजने के लिए बच्चों के माता-पिता का बैंक खाता नंबर हेडमास्टरों से मांगा गया है। लेकिन श्रीदेशराज नारंग इंटर कॉलेज वाल्टरगंज, जनता इंटर कॉलेज बनकटी, कैप्टर एमडी सिंह माध्यमिक विद्यालय, राष्ट्रीय कृषक इंटर कॉलेज रघुराजनगर, लालबहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज गौर, श्रीमहादेव शुक्ल कृषक इंटर कॉलेज गौर, अभिनव मॉडल स्कूल गौर, औद्योगिक विकास इंटर कॉलेज बिहरा कप्तानगंज, आदर्श इंटर कॉलेज, मेहीलाल आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर, संतकबीर शंकरदास इंटर कॉलेज रामनगर, जीआरएस इंटर कॉलेज, बैगम खैर इंटर कॉलेज, किसान इंटर कॉलेज सहित 54 स्कूलों ने अभिभावकों का डाटा प्रेरणा पोर्टल पर फीड नहीं किया है। जिसके कारण बच्चों को एमडीएम के कनवर्जन कास्ट की धनराशि नहीं भेजी जा सकी है।
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एमडीएम का डाटा फीड नहीं करने पर की गई कार्रवाई
एक सप्ताह में प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीड करने का निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना काल में परिषदीय और माध्यमिक स्कूल बंद होने के बाद भी एमडीएम योजना के अंतर्गत सरकार ने बच्चों को राशन व कन्वर्जन कास्ट देने का निर्देश औंधे मुंह है। इसके तहत जिले के दो लाख 29 हजार बच्चों को इसका लाभ मिलना था। लेकिन स्कूलों की लापरवाही के कारण जिले के लगभग 20 हजार से अधिक बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। जिसको लेकर डीएम ने लापरवाही बरतने वाले 54 प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने के लिए निर्देशित किया है।
कोरोना संक्रमण के कारण परिषदीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को मार्च से 2020 से बंद कर दिया गया था। 15 मार्च 2021 को कोविड के नियमों का पालन करते हुए बच्चों को स्कूल बुलाया गया, लेकिन अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। लेकिन बच्चे स्कूल भले नहीं आए, विभाग उन्हें मध्याह्न भोजन का राशन व पैसा दिया जाना था। इसके तहत शासन ने एक सितंबर 2020 से नौ फरवरी 2021 तक परिषदीय स्कूलों के बच्चों को गेहूं और चावल देने के साथ ही कन्वर्जन कास्ट देने का निर्देश दिया है। जिसमें जिले के दो लाख 29 बच्चे लाभान्वित होते। गेहूं और चावल कोटेदारों के यहां से लेना होगा तथा कन्वर्जन कास्ट बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजा जाना है। प्राइमरी के एक बच्चे को 4.6 किग्रा गेहूं, 9.2 किग्रा चावल तथा पूर्व माध्यमिक के बच्चों को 6.2 किग्रा गेहूं और 12.4 किग्रा चावल मिलेगा। इसके अलावा प्राइमरी के बच्चों को 685 रुपये व पूर्व माध्यमिक के बच्चों को 923 रुपये कन्वर्जन कास्ट दिया गया। लेकिन माध्यमिक स्कूल के 54 विद्यालयों ने बच्चों के अभिभावकों का डाटा प्रेरणा पोर्टल पर फीड नहीं करने के कारण लगभग 20 हजार से अधिक बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। इस पर डीएम सौम्या अग्रवाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए इन विद्यालय के प्रधानाध्यापकों का वेतन अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया है। साथ ही एक सप्ताह के अंदर अभिभावकों का डाटा पोर्टल पर फीड करने के लिए निर्देशित किया है।
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इन स्कूलों ने नहीं फीड किया डाटा
एमडीएम के जिला समन्वयक अमित मिश्र ने बताया कि कन्वर्जन कास्ट की धनराशि भेजने के लिए बच्चों के माता-पिता का बैंक खाता नंबर हेडमास्टरों से मांगा गया है। लेकिन श्रीदेशराज नारंग इंटर कॉलेज वाल्टरगंज, जनता इंटर कॉलेज बनकटी, कैप्टर एमडी सिंह माध्यमिक विद्यालय, राष्ट्रीय कृषक इंटर कॉलेज रघुराजनगर, लालबहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज गौर, श्रीमहादेव शुक्ल कृषक इंटर कॉलेज गौर, अभिनव मॉडल स्कूल गौर, औद्योगिक विकास इंटर कॉलेज बिहरा कप्तानगंज, आदर्श इंटर कॉलेज, मेहीलाल आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर, संतकबीर शंकरदास इंटर कॉलेज रामनगर, जीआरएस इंटर कॉलेज, बैगम खैर इंटर कॉलेज, किसान इंटर कॉलेज सहित 54 स्कूलों ने अभिभावकों का डाटा प्रेरणा पोर्टल पर फीड नहीं किया है। जिसके कारण बच्चों को एमडीएम के कनवर्जन कास्ट की धनराशि नहीं भेजी जा सकी है।
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