{"_id":"5eca9c388ebc3e90701b8d30","slug":"wind-off-from-amfan-cyclone-basti-news-gkp3523419135","type":"story","status":"publish","title_hn":"अम्फान से भटक गईं हवाएं, रिकार्ड तोड़ेगी गर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अम्फान से भटक गईं हवाएं, रिकार्ड तोड़ेगी गर्मी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अम्फान से भटक गईं हवाएं, रिकार्ड तोड़ेगी गर्मी
बस्ती। बंगाल की खाड़ी से उठे अम्फान तूफान का पूर्वांचल में प्रत्यक्ष असर भले न दिखा हो, लेकिन उसने जलवायु के ताने-बाने को बुरी तरह से झकझोर दिया है। हवाएं अपना रास्ता भटक गईं हैं। इसके चलते तापमान रिकार्ड तोड़ स्तर तक पहुंच गया।
मौसम विज्ञानी बताते हैं कि मई में अधिकतम और न्यूनतम तापमान इतना ऊपर कभी नहीं हुआ। ज्यादा से ज्यादा 41 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस तक ही रहा। जबकि पिछले दो दिन से तापमान चढ़ रहा है। आंकड़े बताते हैं कि आने वाले पांच दिन बहुत भारी पड़ेंगे। तापमान के और बढ़ने के आसार हैं। साथ में गर्म हवाओं (लू) के थपेड़े भी चलेंगे। रविवार को आसमान से मानो आग बरस रही हो। लगातार दूसरे दिन भी तापमान में बढ़ोतरी हुई। मई के अंत में गर्मी ने सितम ढाना शुरू किया है।
सुबह से हाल खराब हो गया। छतों पर टंकियों में भरा पानी तक गर्म हो गया। इससे नहाने में भी परेशानी हो रही थी। लॉकडाउन के कारण हालांकि बहुत कम लोग घर से बाहर निकल रहे हैं। फिर भी जरूरी काम से निकले लोगों के सिर चकरा रहे हैं। जूतों के बावजूद पैरों में झुलसने का अहसास होता रहा।
विज्ञापन
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने मौसम के रुख में आए एकाएक बदलाव के लिए अम्फान को वजह बताया है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार तक हल्की बारिश के आसार हैं। उसके बाद ही गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
पिछले वर्षों में 24 मई को यह रहा औसत तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2019 37 18.8
2018 40 20
2017 39 24
2016 41 19
2015 38 22
विज्ञापन
बस्ती। बंगाल की खाड़ी से उठे अम्फान तूफान का पूर्वांचल में प्रत्यक्ष असर भले न दिखा हो, लेकिन उसने जलवायु के ताने-बाने को बुरी तरह से झकझोर दिया है। हवाएं अपना रास्ता भटक गईं हैं। इसके चलते तापमान रिकार्ड तोड़ स्तर तक पहुंच गया।
मौसम विज्ञानी बताते हैं कि मई में अधिकतम और न्यूनतम तापमान इतना ऊपर कभी नहीं हुआ। ज्यादा से ज्यादा 41 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस तक ही रहा। जबकि पिछले दो दिन से तापमान चढ़ रहा है। आंकड़े बताते हैं कि आने वाले पांच दिन बहुत भारी पड़ेंगे। तापमान के और बढ़ने के आसार हैं। साथ में गर्म हवाओं (लू) के थपेड़े भी चलेंगे। रविवार को आसमान से मानो आग बरस रही हो। लगातार दूसरे दिन भी तापमान में बढ़ोतरी हुई। मई के अंत में गर्मी ने सितम ढाना शुरू किया है।
विज्ञापन
सुबह से हाल खराब हो गया। छतों पर टंकियों में भरा पानी तक गर्म हो गया। इससे नहाने में भी परेशानी हो रही थी। लॉकडाउन के कारण हालांकि बहुत कम लोग घर से बाहर निकल रहे हैं। फिर भी जरूरी काम से निकले लोगों के सिर चकरा रहे हैं। जूतों के बावजूद पैरों में झुलसने का अहसास होता रहा।
विज्ञापन
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने मौसम के रुख में आए एकाएक बदलाव के लिए अम्फान को वजह बताया है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार तक हल्की बारिश के आसार हैं। उसके बाद ही गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
पिछले वर्षों में 24 मई को यह रहा औसत तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2019 37 18.8
2018 40 20
2017 39 24
2016 41 19
2015 38 22