{"_id":"584c43f04f1c1bf95944bafc","slug":"westerly-wind-grew-shudder","type":"story","status":"publish","title_hn":"पछुआ हवा से बढ़ी कंपकंपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पछुआ हवा से बढ़ी कंपकंपी
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sat, 10 Dec 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
ठंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आसमान में धुंध से शनिवार को कोहरे का प्रभाव तो कम हुआ लेकिन पछुआ हवाओं की तेजी से ठंड का सितम बरकरार रहा। दिन का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा। चार किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं से बचने के लिए लोग गरम कपड़े में खुद को लपेटे रहे। आवश्यक कार्य पर ही लोग बाहर निकले। वरना दिन घरों में अंगीठी, हीटर के सामने बैठकर गुजारना बेहतर समझा।
वहीं हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बाद भी पालिका परिषद की ओर से सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था शनिवार को भी नहीं दिखी। लोग दफ्ती, टायर और कागज के टुकड़ों को जलाकर ठंड से बचने का उपाय करते रहे। अवकाश के कारण अक्सर जाम रहने वाली सड़कें सामान्य रहीं। रोडवेज, रेलवे स्टेशन और अस्पताल के पास चाय की दुकानों पर भीड़ रही जबकि नकदी संकट झेल रहे लोग एटीएम के सामने लंबी कतारों में ठिठुरते रहे।
विद्यालय का समय सुबह 10 बजे से हो जाने से अभिभावकों को थोड़ा राहत मिली। लगातार बढ़ रही ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को ही कक्षा आठ तक के स्कूलों के खुलने को समय 10 से 3 बजे तक कर दिया था। अधिकतर स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के चलते बच्चों का जाना भी मजबूरी है। परिवहन सेवाएं भी कोहरे और ठंड के चलते प्रभावित हुई हैं। रेल से लेकर रोडवेज तक की सेवाओं पर इसका असर पड़ रहा है। अधिकतर ट्रेनों के विलंब से चलने पर बसों से यात्रा करना भी मजबूरी बन गई है।
विज्ञापन
इस संबंध में मौसम विज्ञानी डॉ. पद्यमाकर त्रिपाठी ने बताया कि आने वाले दिनों में अभी राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम में ऐसा उतार- चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि दो दिन से पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार पर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अब कमजोर पड़ रहा है। इस बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के करीब पहुंच गया है जिसके कारण सर्द हवाओं का दौर चलेगा। कोहरा पड़ने के आसार कम हैं।
विज्ञापन
वहीं हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बाद भी पालिका परिषद की ओर से सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था शनिवार को भी नहीं दिखी। लोग दफ्ती, टायर और कागज के टुकड़ों को जलाकर ठंड से बचने का उपाय करते रहे। अवकाश के कारण अक्सर जाम रहने वाली सड़कें सामान्य रहीं। रोडवेज, रेलवे स्टेशन और अस्पताल के पास चाय की दुकानों पर भीड़ रही जबकि नकदी संकट झेल रहे लोग एटीएम के सामने लंबी कतारों में ठिठुरते रहे।
विज्ञापन
विद्यालय का समय सुबह 10 बजे से हो जाने से अभिभावकों को थोड़ा राहत मिली। लगातार बढ़ रही ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को ही कक्षा आठ तक के स्कूलों के खुलने को समय 10 से 3 बजे तक कर दिया था। अधिकतर स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के चलते बच्चों का जाना भी मजबूरी है। परिवहन सेवाएं भी कोहरे और ठंड के चलते प्रभावित हुई हैं। रेल से लेकर रोडवेज तक की सेवाओं पर इसका असर पड़ रहा है। अधिकतर ट्रेनों के विलंब से चलने पर बसों से यात्रा करना भी मजबूरी बन गई है।
विज्ञापन
इस संबंध में मौसम विज्ञानी डॉ. पद्यमाकर त्रिपाठी ने बताया कि आने वाले दिनों में अभी राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम में ऐसा उतार- चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि दो दिन से पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार पर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अब कमजोर पड़ रहा है। इस बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के करीब पहुंच गया है जिसके कारण सर्द हवाओं का दौर चलेगा। कोहरा पड़ने के आसार कम हैं।