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Basti News: औसत से कम हुई बारिश, किसानों की नींद उड़ी
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बस्ती। जिले में औसत से काफी कम बारिश हुई है। पानी की कमी से धान की फसलें मुर्झाने लगी है। इसको लेकर चिंतित किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हैं। खरीफ सत्र में सामान्य तौर पर तीन अगस्त तक 574.6 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन 186.8 मिमी वर्षा ही हो पाई है।
इस तरह 32.5 मिमी वर्षा कम हुई है। इन सबके बीच बड़े काश्तकार निजी संसाधनों से फसल बचाने की कवायद में जुटे हैं, लेकिन लघु एवं सीमावर्ती किसानों को सिंचाई के लिए वर्षा के पानी का ही सहारा है।
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घट गया धान का रकबा
औसत से कम वर्षा होने के कारण इस बार करीब 20 प्रतिशत किसान धान की
रोपाई ही नहीं कर पाए हैं। इसके चलते पिछले वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष जिले में धान रोपाई का रकबा घट गया है। इस वर्ष एक लाख 10 हजार 69 हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई की गई है, जो पिछले वर्ष से लगभग 19 हजार हेक्टेयर कम है। जिला कृषि अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने इसको लेकर कुछ और ही तर्क दिया है। उनका कहना है कि इस बार धान का रकबा शासन स्तर से ही घटा दिया गया है।
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डीएम ने शासन को भेजी रिपोर्ट
बस्ती जनपद में सूखे की आशंका को लेकर जहां किसान परेशान हैं। वहीं अब तक औसत से कम वर्षा होने के कारण जिला प्रशासन भी चिंतित है। डीएम प्रियंका निरंजन ने राहत आयुक्त को पत्र भेजकर किसानों की चिंता से अवगत कराया है। शासन को भेजे पत्र में डीएम ने लिखा है कि जनपद में अब तक सिर्फ 186 मिमी वर्षा हुई है, जबकि औसत 574.6 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। जिला कृषि अधिकारी व चारों तहसीलों से प्राप्त आख्या में कहा गया है कि औसत से कम वर्षा हाेने के कारण किसान अपनी फसल बचाने की कवायद में जुटे हैं। यदि सप्ताह भर तक यही स्थिति रही तो फसल बचाना मुश्किल होगा।
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वर्षा की स्थिति
माह सामान्य वर्षा वर्तमान वर्ष की औसत
अप्रैल 5.75 मिमी 2.18 मिमी
मई 26.11 मिमी 1.36 मिमी
जून 9.5 मिमी 12.8 मिमी
जुलाई 380 मिमी 159.1 मिमी
3 अगस्त 574.6 मिमी 186.8 मिमी
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इस तरह 32.5 मिमी वर्षा कम हुई है। इन सबके बीच बड़े काश्तकार निजी संसाधनों से फसल बचाने की कवायद में जुटे हैं, लेकिन लघु एवं सीमावर्ती किसानों को सिंचाई के लिए वर्षा के पानी का ही सहारा है।
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घट गया धान का रकबा
औसत से कम वर्षा होने के कारण इस बार करीब 20 प्रतिशत किसान धान की
रोपाई ही नहीं कर पाए हैं। इसके चलते पिछले वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष जिले में धान रोपाई का रकबा घट गया है। इस वर्ष एक लाख 10 हजार 69 हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई की गई है, जो पिछले वर्ष से लगभग 19 हजार हेक्टेयर कम है। जिला कृषि अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने इसको लेकर कुछ और ही तर्क दिया है। उनका कहना है कि इस बार धान का रकबा शासन स्तर से ही घटा दिया गया है।
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डीएम ने शासन को भेजी रिपोर्ट
बस्ती जनपद में सूखे की आशंका को लेकर जहां किसान परेशान हैं। वहीं अब तक औसत से कम वर्षा होने के कारण जिला प्रशासन भी चिंतित है। डीएम प्रियंका निरंजन ने राहत आयुक्त को पत्र भेजकर किसानों की चिंता से अवगत कराया है। शासन को भेजे पत्र में डीएम ने लिखा है कि जनपद में अब तक सिर्फ 186 मिमी वर्षा हुई है, जबकि औसत 574.6 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। जिला कृषि अधिकारी व चारों तहसीलों से प्राप्त आख्या में कहा गया है कि औसत से कम वर्षा हाेने के कारण किसान अपनी फसल बचाने की कवायद में जुटे हैं। यदि सप्ताह भर तक यही स्थिति रही तो फसल बचाना मुश्किल होगा।
वर्षा की स्थिति
माह सामान्य वर्षा वर्तमान वर्ष की औसत
अप्रैल 5.75 मिमी 2.18 मिमी
मई 26.11 मिमी 1.36 मिमी
जून 9.5 मिमी 12.8 मिमी
जुलाई 380 मिमी 159.1 मिमी
3 अगस्त 574.6 मिमी 186.8 मिमी