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Basti News: दगाबाजी से बाज नहीं आ रहा मानसून, मायूस हैं किसान
Sun, 23 Jul 2023 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 23 Jul 2023 11:16 PM IST
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बारिश न होने के कारण बनकटी क्षेत्र में पम्पपिंग सेट से धान के फसल का सिचाई करता किसान।
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बस्ती। भटका हुआ मानसून दगाबाजी करने से बाज नहीं आ रहा है। रोजाना चार-छह घंटे पर काले बादल घिरते हैं, लेकिन बिना बरसे लौट जाते हैं। दिन में बादल छंटते ही तीखी धूप होने लगती है, जिससे फसलों की पत्तियां और किसानों के चेहरे, दोनों मुरझाने लगते हैं। ऐन मौके पर बारिश से गच्चा खाए किसान पंपिंगसेट-ट्यूबवेल ने पानी भरकर फसल बचाने की जद्दोजहद कर तो रहे हैं, लेकिन फसलों की प्यास बुझा पाने में उनकी यह कोशिश नाकाफी साबित हो रही है।
अब तक के आंकड़ों की बात करें तो बस्ती मंडल के तीनों जिले में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 55 फीसदी कम बारिश हुई। पिछले वर्ष 2022 जुलाई के तीसरे हफ्ते तक 120 मिलीमीटर, 2020 में 107 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। 2021 की जुलाई के शुरुआती चार दिनों में 50 मिलीलीटर से अधिक बारिश हो गई थी, जिसके कारण खेत-तालाब लबालब भर गए थे। इससे धान की रोपाई में काफी सुविधा हुई थी। तापमान भी 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ चुका था। मगर इस बार जुलाई में अभी सिर्फ 34 मिलीमीटर बारिश ही हुई।
भूअर के किसान राम जनम का कहना है कि धान की रोपाई किए 20 दिन से अधिक समय हो गया है। मगर पौधे अभी ठीक से हरे नहीं हो पाए हैं। सुबह खेत में पानी भरो ताे रात तक गायब हो जाता है। रौतापार के किसान कपिलदेव शुक्ला कहते हैं कि बारिश न होने से खेत में काफी खर निकल रहे हैं, जिसके कारण फसल दब जा रही है। बारिश होने से जब पानी रहता है तो खर-पतवार कम निकलते हैं।
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निराशाजनक रहा जुलाई का तीसरा हफ्ता
- शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि वातावरण में 70 फीसदी आर्द्रता बरकरार है। इससे पहले शनिवार को भी कमोबेश इतना तापमान ही रहा। मानसून के इस रुख से जहां एक ओर मौसम विज्ञानी हैरान हैं वहीं किसानों में भारी निराशा है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खड़ी से नमी लेकर आ रही हवाओं के दिशा भटकने के कारण बारिश में कमी आ रही है।
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मंगलवार से बारिश का अनुमान
मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि मानसून की बारिश मंगलवार से हो सकती है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डाॅक्टर अमरनाथ मिश्र के मुताबिक दक्षिण पश्चिम की तरफ भटककर पहुंचा मानसून धीरे-धीरे लौट रहा है। इससे उम्मीद है कि जुलाई के अंतिम हफ्ते में 70 से 80 मिलीमीटर बारिश हो जाएगी।
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अब तक के आंकड़ों की बात करें तो बस्ती मंडल के तीनों जिले में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 55 फीसदी कम बारिश हुई। पिछले वर्ष 2022 जुलाई के तीसरे हफ्ते तक 120 मिलीमीटर, 2020 में 107 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। 2021 की जुलाई के शुरुआती चार दिनों में 50 मिलीलीटर से अधिक बारिश हो गई थी, जिसके कारण खेत-तालाब लबालब भर गए थे। इससे धान की रोपाई में काफी सुविधा हुई थी। तापमान भी 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ चुका था। मगर इस बार जुलाई में अभी सिर्फ 34 मिलीमीटर बारिश ही हुई।
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भूअर के किसान राम जनम का कहना है कि धान की रोपाई किए 20 दिन से अधिक समय हो गया है। मगर पौधे अभी ठीक से हरे नहीं हो पाए हैं। सुबह खेत में पानी भरो ताे रात तक गायब हो जाता है। रौतापार के किसान कपिलदेव शुक्ला कहते हैं कि बारिश न होने से खेत में काफी खर निकल रहे हैं, जिसके कारण फसल दब जा रही है। बारिश होने से जब पानी रहता है तो खर-पतवार कम निकलते हैं।
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निराशाजनक रहा जुलाई का तीसरा हफ्ता
- शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि वातावरण में 70 फीसदी आर्द्रता बरकरार है। इससे पहले शनिवार को भी कमोबेश इतना तापमान ही रहा। मानसून के इस रुख से जहां एक ओर मौसम विज्ञानी हैरान हैं वहीं किसानों में भारी निराशा है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खड़ी से नमी लेकर आ रही हवाओं के दिशा भटकने के कारण बारिश में कमी आ रही है।
मंगलवार से बारिश का अनुमान
मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि मानसून की बारिश मंगलवार से हो सकती है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डाॅक्टर अमरनाथ मिश्र के मुताबिक दक्षिण पश्चिम की तरफ भटककर पहुंचा मानसून धीरे-धीरे लौट रहा है। इससे उम्मीद है कि जुलाई के अंतिम हफ्ते में 70 से 80 मिलीमीटर बारिश हो जाएगी।