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बढ़ने लगा जलस्तर तो ठप हुआ मरम्मत कार्य
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बढ़ने लगा जलस्तर तो ठप हुआ मरम्मत कार्य
चांदपुर-गौरा व गौरा-सैफाबाद तटबंध पर चल रहा था कार्य
चेतावनी स्तर 92.73 मीटर के एक मीटर नीचे बह रही नदी
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। घाघरा नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के मुताबिक नदी चेतावनी स्तर 92.73 मीटर से करीब एक मीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में वृद्धि के चलते चांदपुर-गौरा व गौरा-सैफाबाद तटबंध पर मरम्मत कार्य रोक दिया गया है। इसके चलते ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। उन्हें बाढ़ का खतरा सताने लगा है।
यहां बाढ़ से बचाव के लिए मरम्मत कार्य काफी देर में शुरू हुआ। बाढ़ खंड के जिम्मेदार यह दावा कर रहे थे कि बाढ़ आने से पहले तटबंध मजबूत कर लिया जाएगा। इधर, पहाड़ों पर हो रही बारिश से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसके चलते चांदपुर-गौरा व गौरा-सैफाबाद तटबंध पर चल रहा काम ठप हो गया है।
इधर, गौरा-सैफाबाद तटबंध के दो ठोकर का पुनर्निर्माण कार्य भी अधूरा है। पानी बढ़ने से आगे के बोल्डर पिचिंग डूब गए हैं। गौरा-सैफाबाद तटबंध के सहायक अभियंता हरिश्चंद्र ने कहा कि जलस्तर बढ़ने से काम में बाधा आई है लेकिन पानी कम होगा तो काम तेजी से कराया जाएगा।
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कटान की जद में आया मोजपुर पुरवा
दुबौलिया क्षेत्र के गौरा-सैफाबाद तटबंध व किशुनपुर-मोजपुर रिंगबांध के बीच बसे मोजपुर पुरवे के अस्तित्व पर संकट आ गया है। क्योंकि किशुनपुर-मोजपुर रिंगबांध को घाघरा ने काट दिया है। ऐसे में यहां के ग्रामीण परेशान हैं। नदी की धारा रिंगबांध को काटकर अब कृषि योग्य जमीन काट रही है।
मोजपुर गांव निवासी चंद्र पाल गिरि कहते हैं कि नदी की धारा जिस प्रकार कटान करते बढ़ रही है। कब आबादी तक पहुंच जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। रिंगबांध कट गया है, यहीं के झिनकान कहते हैं कि अब तो सरयू मैया ही खेवनहार हैं। कटान का रुख देखकर रात को नींद नहीं आती। कहा कि प्रशासन ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करे। वहीं के ठाकुर का कहना है कि रिंगबांध बाढ़ से बचाता था, वह भी कट गया। नदी की धारा घर के करीब पहुंच रही है। ऐसे में गृहस्थी का सामान लेकर जाएं तो कहां जाएं।
तहसीलदार हरैया इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि घाघरा नदी की कटान तेजी से हो रही है। यह संज्ञान में है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जाएगा।
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चांदपुर-गौरा व गौरा-सैफाबाद तटबंध पर चल रहा था कार्य
चेतावनी स्तर 92.73 मीटर के एक मीटर नीचे बह रही नदी
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। घाघरा नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के मुताबिक नदी चेतावनी स्तर 92.73 मीटर से करीब एक मीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में वृद्धि के चलते चांदपुर-गौरा व गौरा-सैफाबाद तटबंध पर मरम्मत कार्य रोक दिया गया है। इसके चलते ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। उन्हें बाढ़ का खतरा सताने लगा है।
यहां बाढ़ से बचाव के लिए मरम्मत कार्य काफी देर में शुरू हुआ। बाढ़ खंड के जिम्मेदार यह दावा कर रहे थे कि बाढ़ आने से पहले तटबंध मजबूत कर लिया जाएगा। इधर, पहाड़ों पर हो रही बारिश से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसके चलते चांदपुर-गौरा व गौरा-सैफाबाद तटबंध पर चल रहा काम ठप हो गया है।
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इधर, गौरा-सैफाबाद तटबंध के दो ठोकर का पुनर्निर्माण कार्य भी अधूरा है। पानी बढ़ने से आगे के बोल्डर पिचिंग डूब गए हैं। गौरा-सैफाबाद तटबंध के सहायक अभियंता हरिश्चंद्र ने कहा कि जलस्तर बढ़ने से काम में बाधा आई है लेकिन पानी कम होगा तो काम तेजी से कराया जाएगा।
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कटान की जद में आया मोजपुर पुरवा
दुबौलिया क्षेत्र के गौरा-सैफाबाद तटबंध व किशुनपुर-मोजपुर रिंगबांध के बीच बसे मोजपुर पुरवे के अस्तित्व पर संकट आ गया है। क्योंकि किशुनपुर-मोजपुर रिंगबांध को घाघरा ने काट दिया है। ऐसे में यहां के ग्रामीण परेशान हैं। नदी की धारा रिंगबांध को काटकर अब कृषि योग्य जमीन काट रही है।
मोजपुर गांव निवासी चंद्र पाल गिरि कहते हैं कि नदी की धारा जिस प्रकार कटान करते बढ़ रही है। कब आबादी तक पहुंच जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। रिंगबांध कट गया है, यहीं के झिनकान कहते हैं कि अब तो सरयू मैया ही खेवनहार हैं। कटान का रुख देखकर रात को नींद नहीं आती। कहा कि प्रशासन ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करे। वहीं के ठाकुर का कहना है कि रिंगबांध बाढ़ से बचाता था, वह भी कट गया। नदी की धारा घर के करीब पहुंच रही है। ऐसे में गृहस्थी का सामान लेकर जाएं तो कहां जाएं।
तहसीलदार हरैया इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि घाघरा नदी की कटान तेजी से हो रही है। यह संज्ञान में है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जाएगा।