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Basti News: स्थिर सरयू में घटने लगा जलस्तर, कटान से खलबली
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मईपुर गांव के पास कटान करती नदी संवाद
बस्ती। सरयू नदी के जलस्तर में सोमवार को आठ सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। इससे बाढ़ का खतरा कुछ कम हुआ है, लेकिन जलस्तर घटते ही नदी की कटान ने तटवर्ती ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। विक्रमजोत, कुदरहा और दुबौलिया क्षेत्र में कई स्थानों पर कटान जारी है। इससे कृषि भूमि लगातार नदी में समा रही है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार सोमवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.47 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 26 सेंटीमीटर नीचे है। रविवार को जलस्तर में छह सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई थी। सोमवार को आठ सेंटीमीटर गिरावट दर्ज की गई। दोपहर दो बजे के बाद जलस्तर स्थिर बताया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खेतों में पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। पशुपालक नाव के सहारे पशुओं के चारे का इंतजाम कर रहे हैं।
दुबौलिया, विक्रमजोत, कुदरहा और बहादुरपुर के आंशिक क्षेत्रों में तटबंधों पर नदी का दबाव बना हुआ है। वहीं मांझा क्षेत्र में कई जगह पानी भरा है। जलस्तर घटने के साथ कटान की स्थिति को देखते हुए बाढ़ कार्य खंड की ओर से संवेदनशील स्थानों पर ट्री स्पर और बंबू क्रेट लगाने का काम कराया जा रहा है। अधिकारियों की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
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जलस्तर घटा तो तेज हुई कटान, तटवर्ती गांवों में दहशत
कुदरहा। कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण दिशा में बसे महुआपार कला, मईपुर, बैडारी एहतमाली, टेंगरिहा राजा समेत कई गांवों पर बाढ़ और कटान का खतरा बना हुआ है। पिछले दिनों नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी ग्रामीणों के घरों के करीब पहुंच गया था। अब जलस्तर घटने के बाद नदी की धारा किनारों को तेजी से काट रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के दौरान बाढ़ का भय था, लेकिन पानी कम होने के बाद कटान ने चिंता बढ़ा दी है। यदि कटान इसी तरह जारी रही तो कई घर और कृषि भूमि नदी की जद में आ सकती है।
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विक्रमजोत में कृषि भूमि नदी में समा रही
विक्रमजोत। सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। रविवार को बढ़ने के बाद सोमवार को जलस्तर घटा, लेकिन दोपहर बाद स्थिर हो गया। अपस्ट्रीम में पानी फिर बढ़ने की सूचना है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण नदी तटबंध पर दबाव बनाए हुए है। बीडी तटबंध पर दुधौरा समेत कमजोर स्थानों पर रुक-रुककर कटान हो रही है। एलबी क्षेत्र के सैन्य पड़ाव भूमि, चांदपुर, संदलपुर, छतौना मांझा, शंभूपुर, पूरे चेतन, पकड़ी संग्राम और लकड़ी पांडेय समेत कई गांवों के आसपास पानी भरा है। कटान के चलते कृषि भूमि लगातार नदी में समा रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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नाव के सहारे पशुओं के चारे का इंतजाम
दुबौलिया। मांझा क्षेत्र में जलस्तर घटने के साथ पानी तेजी से हट रहा है, लेकिन मैरुंड गांव सुविका बाबू समेत कुछ स्थानों पर दुश्वारियां बरकरार हैं। पानी भरा होने के कारण पशुपालक नाव के सहारे पशुओं के लिए चारे का इंतजाम कर रहे हैं।
कोट
नदी के पानी में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कुछ जगहों पर दबाव बना है। ब्लैक स्पाटों पर टीम लगातार सक्रिय होकर काम कर रही है।
-दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड, बस्ती।
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केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार सोमवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.47 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 26 सेंटीमीटर नीचे है। रविवार को जलस्तर में छह सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई थी। सोमवार को आठ सेंटीमीटर गिरावट दर्ज की गई। दोपहर दो बजे के बाद जलस्तर स्थिर बताया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खेतों में पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। पशुपालक नाव के सहारे पशुओं के चारे का इंतजाम कर रहे हैं।
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दुबौलिया, विक्रमजोत, कुदरहा और बहादुरपुर के आंशिक क्षेत्रों में तटबंधों पर नदी का दबाव बना हुआ है। वहीं मांझा क्षेत्र में कई जगह पानी भरा है। जलस्तर घटने के साथ कटान की स्थिति को देखते हुए बाढ़ कार्य खंड की ओर से संवेदनशील स्थानों पर ट्री स्पर और बंबू क्रेट लगाने का काम कराया जा रहा है। अधिकारियों की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
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जलस्तर घटा तो तेज हुई कटान, तटवर्ती गांवों में दहशत
कुदरहा। कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण दिशा में बसे महुआपार कला, मईपुर, बैडारी एहतमाली, टेंगरिहा राजा समेत कई गांवों पर बाढ़ और कटान का खतरा बना हुआ है। पिछले दिनों नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी ग्रामीणों के घरों के करीब पहुंच गया था। अब जलस्तर घटने के बाद नदी की धारा किनारों को तेजी से काट रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के दौरान बाढ़ का भय था, लेकिन पानी कम होने के बाद कटान ने चिंता बढ़ा दी है। यदि कटान इसी तरह जारी रही तो कई घर और कृषि भूमि नदी की जद में आ सकती है।
विक्रमजोत में कृषि भूमि नदी में समा रही
विक्रमजोत। सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। रविवार को बढ़ने के बाद सोमवार को जलस्तर घटा, लेकिन दोपहर बाद स्थिर हो गया। अपस्ट्रीम में पानी फिर बढ़ने की सूचना है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण नदी तटबंध पर दबाव बनाए हुए है। बीडी तटबंध पर दुधौरा समेत कमजोर स्थानों पर रुक-रुककर कटान हो रही है। एलबी क्षेत्र के सैन्य पड़ाव भूमि, चांदपुर, संदलपुर, छतौना मांझा, शंभूपुर, पूरे चेतन, पकड़ी संग्राम और लकड़ी पांडेय समेत कई गांवों के आसपास पानी भरा है। कटान के चलते कृषि भूमि लगातार नदी में समा रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
नाव के सहारे पशुओं के चारे का इंतजाम
दुबौलिया। मांझा क्षेत्र में जलस्तर घटने के साथ पानी तेजी से हट रहा है, लेकिन मैरुंड गांव सुविका बाबू समेत कुछ स्थानों पर दुश्वारियां बरकरार हैं। पानी भरा होने के कारण पशुपालक नाव के सहारे पशुओं के लिए चारे का इंतजाम कर रहे हैं।
कोट
नदी के पानी में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कुछ जगहों पर दबाव बना है। ब्लैक स्पाटों पर टीम लगातार सक्रिय होकर काम कर रही है।
-दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड, बस्ती।