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Basti News: लाल निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही सरयू, बाढ़ की दहशत
Sun, 27 Aug 2023 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 27 Aug 2023 12:23 AM IST
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कुदरहा ब्लाक के बैड़ारी एहतमाली में सरयू नदी के कटान के कारण सुरक्षित जगह जाते ग्रामीण।
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दुबौलिया/ बस्ती। सरयू नदी उफनाई हुई है। लाल निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर होकर नदी बह रही है। तटवर्ती गांवों में बाढ़ का दहशत है। अतिसंवेदनशील गांव सुविका बाबू पानी से चौतरफा घिर गया है। आधा दर्जन अन्य गांवों में भी नदी का पानी तेजी के साथ फैल रहा है। एक दर्जन गांवों की फसल डूबकर बर्बाद हो रही है। इसे देख किसान चिंतित है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शनिवार की शाम 5 बजे नदी खतरे के निशान 92.730 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर होकर 92.980 मीटर पर प्रवाहित हो रही है। सुविकाबाबू गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरकर टापू बन गया है। वहीं बाढ़ का पानी विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती टेढवा, भुअरिया, सतहा आदि गांवों की तरफ तेजी से फैल रहा है। माझा क्षेत्र की फसलें बाढ़ के पानी से जलमग्न होती जा रही है। सुविकाबाबू गांव के लोग नाव के सहारे गृहस्थी चला रहे हैं। यहां पशुओं के चारे का संकट गहरा गया है। विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती की आलामति गांव के तरफ बढ़ रहे पानी को देखकर नागरिक तटबंध पर तिरपाल तानकर ठिकाना बनाने में जुट गए हैं। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से लेकर खलवा गांव तक दबाव बना हुआ है।
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मैरुंड गांव में नहीं लगाई नाव
दूसरी बार बाढ़ आने पर नदी और तटबंध के बीच बसे आधा दर्जन गांवों में नाव की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे सुविकाबाबू के स्कूली बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दो दिनों से यह गांव पूरी तरह से मैरूंड है। इस यहां नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। अभी 15 दिन पहले बाढ़ से घिरने के दौरान प्रशासन की ओर से यहां नाव की व्यवस्था की गई थी। शनिवार की दोपहर में स्कूलों से छुट्टी के बाद करीब एक दर्जन बच्चे कटरिया तटबंध पर बैठकर सुविकाबाबू गांव जाने के लिए नाव का इंतजार करते देखे गए। कुछ बच्चे गांव की कमर भर पानी में घुसकर पगडंडी के रास्ते गांव जा रहे थे। छात्र मनीष चौहान, छात्रा ने अंगीला ने बताया नाव की व्यवस्था न होने से उन्हें स्कूल आने जाने में दिक्कत हो रही है।
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सुविकाबाबू गांव में नाव लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। बहुत जल्द नाव यहां उपलब्ध हो जाएगी। जरूरत पड़ी तो मोटरबोट की भी व्यवस्था की जाएगी। बढ़ते हुए जलस्तर को देखकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
-गुलाब चंद्र, एसडीएम, हर्रैया।
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केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शनिवार की शाम 5 बजे नदी खतरे के निशान 92.730 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर होकर 92.980 मीटर पर प्रवाहित हो रही है। सुविकाबाबू गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरकर टापू बन गया है। वहीं बाढ़ का पानी विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती टेढवा, भुअरिया, सतहा आदि गांवों की तरफ तेजी से फैल रहा है। माझा क्षेत्र की फसलें बाढ़ के पानी से जलमग्न होती जा रही है। सुविकाबाबू गांव के लोग नाव के सहारे गृहस्थी चला रहे हैं। यहां पशुओं के चारे का संकट गहरा गया है। विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती की आलामति गांव के तरफ बढ़ रहे पानी को देखकर नागरिक तटबंध पर तिरपाल तानकर ठिकाना बनाने में जुट गए हैं। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से लेकर खलवा गांव तक दबाव बना हुआ है।
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मैरुंड गांव में नहीं लगाई नाव
दूसरी बार बाढ़ आने पर नदी और तटबंध के बीच बसे आधा दर्जन गांवों में नाव की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे सुविकाबाबू के स्कूली बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दो दिनों से यह गांव पूरी तरह से मैरूंड है। इस यहां नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। अभी 15 दिन पहले बाढ़ से घिरने के दौरान प्रशासन की ओर से यहां नाव की व्यवस्था की गई थी। शनिवार की दोपहर में स्कूलों से छुट्टी के बाद करीब एक दर्जन बच्चे कटरिया तटबंध पर बैठकर सुविकाबाबू गांव जाने के लिए नाव का इंतजार करते देखे गए। कुछ बच्चे गांव की कमर भर पानी में घुसकर पगडंडी के रास्ते गांव जा रहे थे। छात्र मनीष चौहान, छात्रा ने अंगीला ने बताया नाव की व्यवस्था न होने से उन्हें स्कूल आने जाने में दिक्कत हो रही है।
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सुविकाबाबू गांव में नाव लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। बहुत जल्द नाव यहां उपलब्ध हो जाएगी। जरूरत पड़ी तो मोटरबोट की भी व्यवस्था की जाएगी। बढ़ते हुए जलस्तर को देखकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
-गुलाब चंद्र, एसडीएम, हर्रैया।