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ग्रामीण क्षेत्रों में भी निकाला जुलूस
basti
Updated Sat, 02 Dec 2017 11:37 PM IST
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सांस्कृृतिक
- फोटो : amar ujala
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बस्तीत मोहम्मद साहब का जन्म दिन ईद मिलादुल्लनबी धूम धाम से मनाया गया। जगह जगह जुलूस निकाले गए। इबादत के बाद मोहम्मद साहब के अमन व तरक्की के दिए पैगाम को अपनाकर दुनिया को खुशहाल रखने की दु। हजरआएं मांगी गईं। युवाओं ने बाइक जुलूस निकाल खुशी का इजहार किया।
हर्रैया कस्बे के सिपाही टोला से लेकर जामा मस्जिद तक सड़क के दोनों किनारों को सजाया गया। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ चहलकदमी करते बच्चों की टोलियां सुबह से ही खुशी से चहक रही थीं। गुबदे खिजरा के साथ नगर में जुलूस निकाला गया। सिद्दीक अहमद, मंजूर अहमद, फैयाज अहमद, नियाज अहमद, मोहम्मद सईद, सरफराज, निसार अहमद, अबरार आदि लोग शामिल रहे। साऊंघाट के विभिन्न स्थानों पर जन्मोत्सव बडे ही धूम धाम से मनाया गया। दारूल ऊलूम अलिमिया जमदाशाही, मझौआमीर, पैडा खरहरा, सिसवारी, पुरैना, बसडीला, मझौआ खजुरी, केऊवां जप्ती, गंधरिया फैज, पकरी चौबे, परसालालशाही, पडिया, तेलियाडिह, तरेता, रसूलपुर, धौरहरा, खम्हरिया सहित तमाम स्थानों पर कार्यक्रम हुए। जमदाशाही व मझौआमीर मदरसे से हजारों की संख्या में लोग जलूस में शामिल हुए। जलूस में मिले चंदे से गांव के गरीब लोगों व बेहतर शिक्षा आदि पर खर्च किया जाता है। मौलाना मोहम्मद कमर आलम ने शांति का पैगाम देते हुए अभिभावकों व बच्चों के बेहतर तालीम पर विशेष रुप से ध्यान देने को कहा। तनवीर बाबा, खलील अहमद, मोहम्मद मुस्तकीम, मुशाहिद रजा, मोहम्मद इद्रीश, मो हस्सान, मो लुकमान, मास्टर अबूजर आदि शामिल रहे।
नगर बाजार एवं आस पास के क्षेत्रों मे जश्ने ईद मिलादुन्नबी के त्योहार पर दारूल उलूम अहले सुन्नत नूरुल इस्लाम मदरसे से ऊंट, घोड़ों के जुलूस के साथ झांकियां निकालकर कर पूरे क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। पोखरनी, टेमा, बिरऊपुर आदि क्षेत्रों भी जुलूस निकाले गए। हाफिज नूर आलम ने पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि पैगम्बर ए अमन की तालीम पर अमल से ही पूरी दुनिया में अमन मुमकिन है। लोगों से मजलूम, गरीब, बीमारों यतीमों की खूब मदद करने को कहा। मौलाना मुनव्वर, मेहताब अहमद, सरवरे आलम, प्रवीन फातमा, मो.असद, मो.नईम. मो.आरिफ, जमील अहमद, शाबान इदरीसी, मो. आसिफ, अशरफ आदि शामिल रहे।
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सोनहा क्षेत्र में बारावफात जलूस निकाल कर मनाया गया। कस्बे के अलावा पचमोहनी, महनुआ, आमा, कोठिली, हरिहरपुर, चौकवा, करीमनगर, खैरा, बनटिकरा, रामपुर मुडरी, बंजरिया, नौवागांव, परीला गरीब, सल्टौआ, लौकी कोहडी, मैनी सहित कई जगहों पर जुलूस का स्वागत हुआ। मोहम्मद सफीक, रफीक, जमील, मनवर अली, जोखन अली, सुबराती, झिनकू, हकीम, नाजू, गफ्फार, इस्लाम, समीर, सद्दाम आदि की मौजूदगी रही।
दुबौलिया में विभिन्न क्षेत्रों में बारावफात का जुलूस निकाला गया। सर पर हरा साफा बांध लकदक कपड़ों में सजे समुदाय के लोग एक हाथ में मजहबी परचम दूसरे में तिरंगा लहराते हुए जुलूस में शामिल हुए। हर तरफ नबी की आमद मरहबा, सरकार की आमद मरहबा, हुजूर की आमद मरहबा, आका की आमद मरहबा की सदाएं बुलंद होती रहीं। रास्ते भर चाय व खाने पीने की चीजों का वितरण किया जा रहा था। जुलूस खुशहालगंज दुबौलिया, धर्मूपुर, भिऊरा, शौकुलपुरा, बैरागल से वापस हो कर खुशहालगंज मदरसे पहुंचकर सलातो सलाम व कौमो मिल्लत की दुआ मांग कर समाप्त हुआ।
सल्टौआ के हसनापुर, चौकवा, लक्ष्मणपुर, सल्टौआ, जगतापुर, रामपुर मुड़री, खराहर, सिहबरा, रुद्रपुर, सिसवाबरुआर, औसापुर आदि गांवों में लोगों ने बारावफात पर जुलूस निकाला। कलवारी में हुए कार्यक्रम में कानपुर के मौलाना सैयद अकमल मियां ने कहा कि हमारे हजरत ने लोगों से बताया कि कोई भी मजहब हमें आपस में बैर करना नहीं सिखाता। मौलाना कलीम असरफ, मौलाना गुलाम मजदानी, कारी बजीर आलम, जाबिर रंजवी, फिरोज अहमद, निजामत सैयद जहीर अशरफ, नैयर बस्तवी व हाफिज इस्लाम ने भी संबोधित किया। रजा ए मुस्तफा कमेटी द्वारा कुसौरा बाजार में त्योहार मनाया गया। ग्राम प्रधान संतोष उर्फ गुड्डू सिंह, सफातुल्लाह खान, निसार अहमद, जुवेर, शमसुलहक, मोहम्मद अली, असगर अली, इस्लाम आदि शामिल रहे।
हर्रैया कस्बे के सिपाही टोला से लेकर जामा मस्जिद तक सड़क के दोनों किनारों को सजाया गया। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ चहलकदमी करते बच्चों की टोलियां सुबह से ही खुशी से चहक रही थीं। गुबदे खिजरा के साथ नगर में जुलूस निकाला गया। सिद्दीक अहमद, मंजूर अहमद, फैयाज अहमद, नियाज अहमद, मोहम्मद सईद, सरफराज, निसार अहमद, अबरार आदि लोग शामिल रहे। साऊंघाट के विभिन्न स्थानों पर जन्मोत्सव बडे ही धूम धाम से मनाया गया। दारूल ऊलूम अलिमिया जमदाशाही, मझौआमीर, पैडा खरहरा, सिसवारी, पुरैना, बसडीला, मझौआ खजुरी, केऊवां जप्ती, गंधरिया फैज, पकरी चौबे, परसालालशाही, पडिया, तेलियाडिह, तरेता, रसूलपुर, धौरहरा, खम्हरिया सहित तमाम स्थानों पर कार्यक्रम हुए। जमदाशाही व मझौआमीर मदरसे से हजारों की संख्या में लोग जलूस में शामिल हुए। जलूस में मिले चंदे से गांव के गरीब लोगों व बेहतर शिक्षा आदि पर खर्च किया जाता है। मौलाना मोहम्मद कमर आलम ने शांति का पैगाम देते हुए अभिभावकों व बच्चों के बेहतर तालीम पर विशेष रुप से ध्यान देने को कहा। तनवीर बाबा, खलील अहमद, मोहम्मद मुस्तकीम, मुशाहिद रजा, मोहम्मद इद्रीश, मो हस्सान, मो लुकमान, मास्टर अबूजर आदि शामिल रहे।
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नगर बाजार एवं आस पास के क्षेत्रों मे जश्ने ईद मिलादुन्नबी के त्योहार पर दारूल उलूम अहले सुन्नत नूरुल इस्लाम मदरसे से ऊंट, घोड़ों के जुलूस के साथ झांकियां निकालकर कर पूरे क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। पोखरनी, टेमा, बिरऊपुर आदि क्षेत्रों भी जुलूस निकाले गए। हाफिज नूर आलम ने पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि पैगम्बर ए अमन की तालीम पर अमल से ही पूरी दुनिया में अमन मुमकिन है। लोगों से मजलूम, गरीब, बीमारों यतीमों की खूब मदद करने को कहा। मौलाना मुनव्वर, मेहताब अहमद, सरवरे आलम, प्रवीन फातमा, मो.असद, मो.नईम. मो.आरिफ, जमील अहमद, शाबान इदरीसी, मो. आसिफ, अशरफ आदि शामिल रहे।
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सोनहा क्षेत्र में बारावफात जलूस निकाल कर मनाया गया। कस्बे के अलावा पचमोहनी, महनुआ, आमा, कोठिली, हरिहरपुर, चौकवा, करीमनगर, खैरा, बनटिकरा, रामपुर मुडरी, बंजरिया, नौवागांव, परीला गरीब, सल्टौआ, लौकी कोहडी, मैनी सहित कई जगहों पर जुलूस का स्वागत हुआ। मोहम्मद सफीक, रफीक, जमील, मनवर अली, जोखन अली, सुबराती, झिनकू, हकीम, नाजू, गफ्फार, इस्लाम, समीर, सद्दाम आदि की मौजूदगी रही।
दुबौलिया में विभिन्न क्षेत्रों में बारावफात का जुलूस निकाला गया। सर पर हरा साफा बांध लकदक कपड़ों में सजे समुदाय के लोग एक हाथ में मजहबी परचम दूसरे में तिरंगा लहराते हुए जुलूस में शामिल हुए। हर तरफ नबी की आमद मरहबा, सरकार की आमद मरहबा, हुजूर की आमद मरहबा, आका की आमद मरहबा की सदाएं बुलंद होती रहीं। रास्ते भर चाय व खाने पीने की चीजों का वितरण किया जा रहा था। जुलूस खुशहालगंज दुबौलिया, धर्मूपुर, भिऊरा, शौकुलपुरा, बैरागल से वापस हो कर खुशहालगंज मदरसे पहुंचकर सलातो सलाम व कौमो मिल्लत की दुआ मांग कर समाप्त हुआ।
सल्टौआ के हसनापुर, चौकवा, लक्ष्मणपुर, सल्टौआ, जगतापुर, रामपुर मुड़री, खराहर, सिहबरा, रुद्रपुर, सिसवाबरुआर, औसापुर आदि गांवों में लोगों ने बारावफात पर जुलूस निकाला। कलवारी में हुए कार्यक्रम में कानपुर के मौलाना सैयद अकमल मियां ने कहा कि हमारे हजरत ने लोगों से बताया कि कोई भी मजहब हमें आपस में बैर करना नहीं सिखाता। मौलाना कलीम असरफ, मौलाना गुलाम मजदानी, कारी बजीर आलम, जाबिर रंजवी, फिरोज अहमद, निजामत सैयद जहीर अशरफ, नैयर बस्तवी व हाफिज इस्लाम ने भी संबोधित किया। रजा ए मुस्तफा कमेटी द्वारा कुसौरा बाजार में त्योहार मनाया गया। ग्राम प्रधान संतोष उर्फ गुड्डू सिंह, सफातुल्लाह खान, निसार अहमद, जुवेर, शमसुलहक, मोहम्मद अली, असगर अली, इस्लाम आदि शामिल रहे।