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Basti News: घट गए मतदाता...दिग्गजों का बिगड़ा गणित, अब नए समीकरण की चुनौती
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बस्ती। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी हाे चुकी है। बार-बार सत्यापन के बाद भी 19 लाख 430 मतदाताओं में से 15 लाख 98 हजार 289 (84.10 प्रतिशत) का ब्योरा ही डिजिटाइज्ड किया जा सका है। इनमें भी एक लाख 26 हजार मतदाताओं का वर्ष-2003 की सूची से मिलान नहीं हुआ है। इस पूरी प्रक्रिया में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 हजार से अधिक मतदाता घट गए हैं। इससे सियासी दिग्गजों के समीकरण भी बिगड़ने लगे हैं। एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के साथ सियासी हलचल बढ़ गई है।
4 नवंबर से 26 दिसंबर तक चली एसआईआर प्रक्रिया में सही मतदाता छनकर बाहर आ गए हैं। नई एसआईआर सूची में एक-एक मतदाता का सही विवरण दर्ज हो चुका है। इसमें दो जगहों से मतदाता बनकर वोट देने वाले लोगों को एक ही जगह की सूची में शिफ्ट होना पड़ा है। वहीं अनजान ठिकाने वाले मतदाताओं को भी इस सूची से बाहर कर दिया गया है। इससे जिले में मतदाताओं की संख्या में दो लाख 98 हजार 285 यानी 15.9 प्रतिशत की कमी आई है।
विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से देखा जाए तो प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में 50 हजार या उससे अधिक मतदाता कम हुए हैं। राजनीतिक हस्तियों का सियासी गणित भी इससे काफी हद तक बिगड़ गया है। एसआईआर के आधार पर अपडेट मतदाता सूची से चुनाव तो अभी नहीं होने हैं लेकिन नई सूची ने तमाम दिग्गजों की धड़कनें बढ़ा दीं हैं। रणनीतिकारों का कहना है कि नई मतदाता सूची कई दिग्गजों का सियासी समीकरण प्रभावित कर सकती है। अब नए सिरे वोट का तानाबाना बुनना होगा।
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4 नवंबर से 26 दिसंबर तक चली एसआईआर प्रक्रिया में सही मतदाता छनकर बाहर आ गए हैं। नई एसआईआर सूची में एक-एक मतदाता का सही विवरण दर्ज हो चुका है। इसमें दो जगहों से मतदाता बनकर वोट देने वाले लोगों को एक ही जगह की सूची में शिफ्ट होना पड़ा है। वहीं अनजान ठिकाने वाले मतदाताओं को भी इस सूची से बाहर कर दिया गया है। इससे जिले में मतदाताओं की संख्या में दो लाख 98 हजार 285 यानी 15.9 प्रतिशत की कमी आई है।
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विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से देखा जाए तो प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में 50 हजार या उससे अधिक मतदाता कम हुए हैं। राजनीतिक हस्तियों का सियासी गणित भी इससे काफी हद तक बिगड़ गया है। एसआईआर के आधार पर अपडेट मतदाता सूची से चुनाव तो अभी नहीं होने हैं लेकिन नई सूची ने तमाम दिग्गजों की धड़कनें बढ़ा दीं हैं। रणनीतिकारों का कहना है कि नई मतदाता सूची कई दिग्गजों का सियासी समीकरण प्रभावित कर सकती है। अब नए सिरे वोट का तानाबाना बुनना होगा।
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