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Basti News: वायरल खबर को एसडीएम ने लिया संज्ञान जारी किया आय प्रमाणपत्र
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हर्रैया, बस्ती। जिले के हर्रैया तहसील के एसडीएम गुलाब चंद्र ने कैंसर पीड़ित महिला के इलाज के लिए आय प्रमाणपत्र की आवश्यकता से जुड़ी वायरल खबर का संज्ञान लेकर कुछ ही देर में महिला का प्रमाणपत्र जारी करा दिया।एसडीएम के इस संवेदनशीलता भरे कार्य की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है।
गौर ब्लॉक निवासी प्रमोद कुमार मुंबई में रहकर मजदूरी करते हैं। इनकी पत्नी सुनीता (29) घर पर रहती है। इनके दो बेटे व दो बेटियां है जिसमे सबसे छोटी बेटी मात्र नौ माह की है। करीब तीन माह पहले पेट में दर्द की शिकायत पर सुनीता ने बस्ती में जांच कराया तो चिकित्सकों ने टीबी व पथरी का रोग बताकर इलाज किया। समस्या बनी रहने पर वह कैली अस्पताल के चिकित्सक डाॅ. आरडी पटेल को दिखाया। डॉक्टर ने ब्लड कैंसर की संभावना जताते हुए मेडिकल काॅलेज या राम मनोहर लोहिया संस्थान में जांच कराने की सलाह दी।
इसके बाद सुनीता पति के साथ लोहिया अस्पताल लखनऊ गईं तो जांच में कैंसर की पुष्टि हुई। पीड़िता की माली हालत ठीक नहीं है। लोहिया संस्थान में सुनीता भर्ती तो हो गईं, मगर रुपये के अभाव के चलते उसका इलाज नहीं हो पा रहा है। सुनीता के पति ने बताया कि अस्पताल की एक नर्स ने बताया कि वह आय प्रमाणपत्र बनवाकर क्षेत्रीय विधायक से लिखवाकर पत्र भेज दें तो सरकार से इलाज मुफ्त में हो जाएगा।
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पत्नी की जान बचाने के लिए पिता को अस्पताल में छोड़कर वह चार दिन पहले गांव आया। 30 जुलाई को प्रमोद ने आय प्रमाणपत्र बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, मगर तीन दिनों तक आवेदन लेखपाल के पोर्टल पर ही नही पहुंचा। बुधवार को यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो एसडीएम गुलाब चंद्र ने संज्ञान लेते हुए तत्काल आय प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश नायब तहसीलदार निखिलेश कुमार सिंह को दिया। निर्देश मिलते ही आवेदन की जांच की गई तो पता चला कि ऑनलाइन करने वाले सेंटर से हुई चूक के चलते देरी हो रही है। आनन-फानन में लेखपाल की जांच आख्या उपलब्ध कराकर नायब तहसीलदार ने रिपोर्ट लगाकर तहसीलदार के पोर्टल पर भेज दिया। शाम करीब चार बजे सुनीता के नाम से जारी आय प्रमाणपत्र प्रमोद को मिल गया।
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गौर ब्लॉक निवासी प्रमोद कुमार मुंबई में रहकर मजदूरी करते हैं। इनकी पत्नी सुनीता (29) घर पर रहती है। इनके दो बेटे व दो बेटियां है जिसमे सबसे छोटी बेटी मात्र नौ माह की है। करीब तीन माह पहले पेट में दर्द की शिकायत पर सुनीता ने बस्ती में जांच कराया तो चिकित्सकों ने टीबी व पथरी का रोग बताकर इलाज किया। समस्या बनी रहने पर वह कैली अस्पताल के चिकित्सक डाॅ. आरडी पटेल को दिखाया। डॉक्टर ने ब्लड कैंसर की संभावना जताते हुए मेडिकल काॅलेज या राम मनोहर लोहिया संस्थान में जांच कराने की सलाह दी।
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इसके बाद सुनीता पति के साथ लोहिया अस्पताल लखनऊ गईं तो जांच में कैंसर की पुष्टि हुई। पीड़िता की माली हालत ठीक नहीं है। लोहिया संस्थान में सुनीता भर्ती तो हो गईं, मगर रुपये के अभाव के चलते उसका इलाज नहीं हो पा रहा है। सुनीता के पति ने बताया कि अस्पताल की एक नर्स ने बताया कि वह आय प्रमाणपत्र बनवाकर क्षेत्रीय विधायक से लिखवाकर पत्र भेज दें तो सरकार से इलाज मुफ्त में हो जाएगा।
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पत्नी की जान बचाने के लिए पिता को अस्पताल में छोड़कर वह चार दिन पहले गांव आया। 30 जुलाई को प्रमोद ने आय प्रमाणपत्र बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, मगर तीन दिनों तक आवेदन लेखपाल के पोर्टल पर ही नही पहुंचा। बुधवार को यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो एसडीएम गुलाब चंद्र ने संज्ञान लेते हुए तत्काल आय प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश नायब तहसीलदार निखिलेश कुमार सिंह को दिया। निर्देश मिलते ही आवेदन की जांच की गई तो पता चला कि ऑनलाइन करने वाले सेंटर से हुई चूक के चलते देरी हो रही है। आनन-फानन में लेखपाल की जांच आख्या उपलब्ध कराकर नायब तहसीलदार ने रिपोर्ट लगाकर तहसीलदार के पोर्टल पर भेज दिया। शाम करीब चार बजे सुनीता के नाम से जारी आय प्रमाणपत्र प्रमोद को मिल गया।