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मनोरमा की बाढ़ से घर छोड़ने को विवश ग्रामीण

Wed, 22 Sep 2021 09:50 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 09:50 PM IST
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villagers was left his house afraid of Manorma river
मनोरमा की दहशत से घर छोड़ने को विवश हैं ग्रामीण
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- नदी का पानी घरों में घुसने से कई परिवारों की पन्नी के आशियाने में गुजर रही जिंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नगर बाजार (बस्ती)। मनोरमा नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के लोगों में दहशत व्याप्त है। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है, तो वहीं सैकड़ों एकड़ धान की फसल को भी नुकसान हो रहा है। लोग घर खाली कर दूसरी जगह शरण लिए हैं।

नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पोखरा बाजार के टोला (बनकटिया) बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिरा है। जिससे कई लोग अपना घर छोड़कर दूसरी जगह शरण लिए हैं। कई लोगों के मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। यह लोग दूसरी जगह प्लास्टिक की पन्नी तानकर उसमें आशियाना बनाकर रह रहे हैं। ग्राम पंचायत पोखरा बाजार के टोला बनकटिया में बना पंचायत भवन व अंबेडकर पार्क पूरी तरह पानी में डूबा है। जिसकी वजह से वहां जाना भी मुश्किल हो गया है। गांव निवासी जैसराज, सतीश के मकान में बाढ़ का पानी भर गया है। जिससे यह लोग घर छोड़कर दूसरी जगह शरण लिए हैं। रामनेवास, राजेश, राम प्रसाद का मकान गिर गया है, जिससे यह लोग पन्नी तानकर दूसरी जगह अपने परिवार के साथ शरण लिए हैं। ग्राम महुरैया में स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में बाढ़ का पानी भर गया है। जिसमें से होकर छात्र-छात्राओं को आना-जाना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापक सुधीर तिवारी ने बताया कि विद्यालय परिसर में पानी भर जाने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पोखरा बाजार में स्थित गोशाला भी पूरी तरह से पानी से लबालब भरा है। गोशाला में मौजूद पशुओं को बाग में बांधकर खुले आसमान के नीचे चारा खिलाना पड़ रहा है। गांव निवासी उपेंद्र सिंह ने बताया कि पोखरा व महुरैया के बीच में बना बंधा मनोरमा नदी के बढ़ते जलस्तर से टूट गया है। जिसकी वजह से वहां छोटा पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। उसका पानी तेजी से लोगों के खेतों से होते हुए चंदोताल में जा रहा है। जिससे चंदोताल का जलस्तर बढ़ने लगा है और लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक लेखपाल व विभागीय अधिकारी क्षति का आकलन करने गांव में नहीं पहुंचे हैं। एसडीएम सदर पवन जायसवाल ने बताया कि हल्का लेखपाल को गांव में भेजकर क्षति का आकलन कर रिपोर्ट बनाएंगे।
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