{"_id":"6aa84297cb21229e7f00d244","slug":"vighnaharta-the-remover-of-obstacles-is-enshrined-in-pandals-and-homes-a-wave-of-devotion-sweeps-through-basti-news-c-207-1-bst1005-166819-2026-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: पंडालों और घरों में विघ्नहर्ता विराजे, बही भक्ति की बयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: पंडालों और घरों में विघ्नहर्ता विराजे, बही भक्ति की बयार
विज्ञापन
कंपनीबाग पर सजाए गए गणेश पंडाल में विराजे विघ्नहर्ता संवाद
बस्ती। श्रद्धा और भक्ति के बीच सोमवार को प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश के महोत्सव का आगाज हुआ। गणेश चतुर्थी पर घर-घर में गजानन की मूर्ति स्थापित की गई। शहर से लेकर गांवों तक जगह-जगह सामूहिक गणेश पंडाल सजाए गए। मूर्ति स्थापना से पहले कई स्थानों पर बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। अनुमान के मुताबिक शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-बड़े करीब 194 पंडाल सजाए गए हैं।
भगवान श्रीगणेश की मूर्ति स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहा। इस दौरान शहर में जगह-जगह भक्ति गीतों के बीच शोभायात्राएं निकाली गईं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से घरों में गणपति की स्थापना की। पीले वस्त्र पर चावल से स्वास्तिक बनाकर उसके ऊपर भगवान श्रीगणेश की मूर्ति स्थापित की गई। पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की गई।
कॉलोनियों, कस्बों और प्रमुख मार्गों के किनारे सजे सामूहिक पंडालों में भी श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना की। मूर्ति की स्थापना और पूजा के दौरान गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। पंडित देवस्य मिश्र ने बताया कि दोपहर 1:31 बजे तक मूर्ति स्थापना और पूजन के लिए शुभ मुहूर्त था।
विज्ञापन
बनकटी संवाद के अनुसार क्षेत्र के सजहरा, फैलवा, बनकटी समेत कई गांवों और चौराहों पर सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान श्रीगणेश की मूर्तियां स्थापित की गईं। आयोजक विनोद पाल ने बताया कि यहां पिछले सात वर्षों से गणेश उत्सव के लिए पंडाल सजाया जा रहा है।
विज्ञापन
भगवान श्रीगणेश की मूर्ति स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहा। इस दौरान शहर में जगह-जगह भक्ति गीतों के बीच शोभायात्राएं निकाली गईं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से घरों में गणपति की स्थापना की। पीले वस्त्र पर चावल से स्वास्तिक बनाकर उसके ऊपर भगवान श्रीगणेश की मूर्ति स्थापित की गई। पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की गई।
विज्ञापन
कॉलोनियों, कस्बों और प्रमुख मार्गों के किनारे सजे सामूहिक पंडालों में भी श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना की। मूर्ति की स्थापना और पूजा के दौरान गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। पंडित देवस्य मिश्र ने बताया कि दोपहर 1:31 बजे तक मूर्ति स्थापना और पूजन के लिए शुभ मुहूर्त था।
विज्ञापन
बनकटी संवाद के अनुसार क्षेत्र के सजहरा, फैलवा, बनकटी समेत कई गांवों और चौराहों पर सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान श्रीगणेश की मूर्तियां स्थापित की गईं। आयोजक विनोद पाल ने बताया कि यहां पिछले सात वर्षों से गणेश उत्सव के लिए पंडाल सजाया जा रहा है।