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डीएम ने लिया जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा
Sat, 20 Apr 2019 01:07 AM IST
राकेश पांडेय
बस्ती (ब्यूरो)
बस्ती (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 20 Apr 2019 01:07 AM IST
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डीएम ने लिया जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। शहर में निर्बाध पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का डीएम डॉ राजशेखर ने जायजा लिया। अनियमितताएं मिलने पर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से नाराजगी जताई। डीएम अधिशासी अधिकारी के साथ अगि्नशमन केंद्र भी पहुंचे और यहां व्यवस्था का जायजा लिया।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और जलकल के अभियंता को निर्देशित किया कि गर्मी का मौसम समाप्त होने तक पर शहर मंे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, सभी ओएचटी व पंप दुरुस्त रखने और 24 घंटे के लिए कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात रखने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि कुल आठ ओवरहेड टैंक व 22 नलकूपों के माध्यम से शहर में जलापूर्ति की जाती है। इनमें एक मात्र ओवरहेड टैंक खराब था, जिसकी मरम्मत कराई जा रही है। औसतन एक टैंक भरने में छह से आठ घंटे लगते हैं। इस समय सुबह 6 से 11 बजे और शाम 4 से 10 बजे चत आपूर्ति की जा रही है। बीच के अंतराल में टंकियां भरी जाती हैं। आठ पंपिंग स्टेशनों में से केवल तीन पर जेनरेटर पाए गए। बाकी जगह जरूरत होने पर जनरेटर किराए पर लिया जाता है। शहर में कुल 21 हजार के आसपास घर हैं। जबकि पेयजल आपूर्ति का कनेक्शन लगभग 11 हजार घरों को ही दिया गया है। बाकी 10 हजार घरों में दिसंबर 2019 तक अमृत योजना के तहत कनेक्शन दिया जाएगा।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और जलकल के अभियंता को निर्देशित किया कि गर्मी का मौसम समाप्त होने तक पर शहर मंे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, सभी ओएचटी व पंप दुरुस्त रखने और 24 घंटे के लिए कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात रखने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि कुल आठ ओवरहेड टैंक व 22 नलकूपों के माध्यम से शहर में जलापूर्ति की जाती है। इनमें एक मात्र ओवरहेड टैंक खराब था, जिसकी मरम्मत कराई जा रही है। औसतन एक टैंक भरने में छह से आठ घंटे लगते हैं। इस समय सुबह 6 से 11 बजे और शाम 4 से 10 बजे चत आपूर्ति की जा रही है। बीच के अंतराल में टंकियां भरी जाती हैं। आठ पंपिंग स्टेशनों में से केवल तीन पर जेनरेटर पाए गए। बाकी जगह जरूरत होने पर जनरेटर किराए पर लिया जाता है। शहर में कुल 21 हजार के आसपास घर हैं। जबकि पेयजल आपूर्ति का कनेक्शन लगभग 11 हजार घरों को ही दिया गया है। बाकी 10 हजार घरों में दिसंबर 2019 तक अमृत योजना के तहत कनेक्शन दिया जाएगा।
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