Basti News: बेटे ने फोन पर कहा, हमें बचा लो पापा- अपहरण बोल ठगों ने इस तकनीकी से पिता से ठगे एक लाख रुपये
दोपहर करीब 12 बजे राम प्रकाश के मोबाइल नंबर पर एक कॉल आया। जिसमें बताया गया कि उनके बेटे विशाल का अपहरण कर लिया गया है। फोन करने वाला बेटे से बात भी कराया। दूसरी तरफ से बेटे की आवाज भी सुनाई दी। जिसमें बेटा कहा रहा था कि पापा हमें बचा लो।
विस्तार
हूबहू उसी की आवाज में बात करने की वजह से राम प्रकाश को यकीन हो गया था कि उनका बेटा वाकई मुसीबत में है। साइबर सेल और सोनहा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस छानबीन कर रही है।
बसडीला निवासी राम प्रकाश ने बताया कि उनका बेटा विशाल शहर के एक विद्यालय में कक्षा 12 का छात्र है। मंगलवार को वह सुबह की पाली में परीक्षा देने गया था। दोपहर करीब 12 बजे राम प्रकाश के मोबाइल नंबर पर एक कॉल आया। जिसमें बताया गया कि उनके बेटे विशाल का अपहरण कर लिया गया है। फोन करने वाला बेटे से बात भी कराया।
दूसरी तरफ से बेटे की आवाज भी सुनाई दी। जिसमें बेटा कहा रहा था कि पापा हमें बचा लो। फोन करने वाला उसे छोड़ने के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग करने लगा। डर कर राम प्रकाश ने दो नंबर पर एक लाख रुपये गूगल-पे कर दिया। तब से वह मोबाइल नंबर बंद बताने लगा। बाद में विशाल घर पहुंच गया और उसने बताया कि वह परीक्षा देकर आ रहा है। तब पता चला कि साइबर फ्राड हो गया।
आईजी आरके भारद्वाज के अनुसार साइबर क्राइम के क्षेत्र में यह तकनीकी एक नई चुनौती बनकर सामने आई है। एआई तकनीकी का साइबर अपराधी कई तरह से इस्तेमाल कर रहे हैं। एक तो वे आवाज बदलकर अपराध कर रहे हैं। कई बार मदद या उधार के रूप में रुपये मांगते हैं। दूसरे, परिचित बनकर फोन करेंगे कि आपके एकाउंट में कुछ रुपये भेज रहे हैं। बाद में कहेंगे कि ज्यादा रुपये भेज दिए। वापस मंगवाने के चक्कर में फंसाकर ठगी कर लेते हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं वायस स्कैम
रुधौली क्षेत्र के डाड़वा निवासी राजेश सिंह का बेटा हैदराबाद में बीटेक कर रहा है। करीब 10 दिन पहले उनके मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप कॉल आई। ठग ने खुद को पुलिस एसएचओ बताते हुए कहा कि आपका बेटा दुष्कर्म के केस में फंस गया है।
पुलिस की फोटो लगी आईडी से कॉल आने की वजह से उन्हें यकीन हो गया। मामला रफादफा करने के लिए उसने तत्काल साढ़े पांच लाख रुपये मांगा। बेटे को कॉल करने पर फोन नहीं उठा। ऐसे में पांच लाख चालीस हजार रुपये भेज दिए। बाद में बेटे से बात हुई तो मामला फर्जी पाया गया। पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
जीजा बनकर 20 हजार रुपये ठगा
छह नवंबर की शाम 6:53 बजे सोनहा क्षेत्र के सिहारी सरदहा गांव के रतिकेश शर्मा के मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से कॉल आई। सामने व्यक्ति ने खुद रतिकेश का जीजा बताया। कहा कि मां की तबीयत खराब है। तत्काल रुपयों की जरूरत है।
बीस हजार रुपये भेज दीजिए, वापस लौटा दूंगा। हूबहू आवाज आने पर विश्वास करके रतिकेश नने बीस हजार रुपये भेज दिए। रुपये फोन करने वाले के खाते में जाने के बाद उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया। इसके बाद रतिकेश को समझ में आया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उनकी तहरीर पर 23 दिसंबर को केस दर्ज हुआ।
इस तरह साइबर अपराधी बदल रहे आवाज
आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से वॉयस क्लोनिंग के जरिए किसी की भी आवाज की नकल करने के लिए सिर्फ तीन से पांच सेकेंड का वीडियो चाहिए। साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर सर्च कर किसी भी आवाज का सैंपल ले लेते हैं। इसके बाद वाॅयस क्लोन कर उनके परिचित, रिश्तेदारों को फोन करते हैं। आवाज की क्लोनिंग ऐसी होती है कि पति-पत्नी, पिता-पुत्र और सगे संबंधी तक आवाज नहीं पहचान पाते हैं।
चार तरीके से करें स्कैम की पहचान
- अचानक से किसी करीबी का कॉल आना: यदि आपके पास किसी अपने बेहद ही करीबी का कॉल आता है और वह भी नए नंबर से तो आपको बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है। कॉल आने के समय का भी ध्यान रखें।
- एआई के जरिए वॉयस को क्लोन करके ये ठग इमरजेंसी के बहाने के साथ कॉल करते हैं। ये आपके किसी जानने वाले की ही आवाज में कहते हैं कि आपका कोई करीबी मुसीबत में है या अस्पताल में है। ऐसे में पैसे की तुरंत जरूरत है।
- बात करने का अंदाज: किसी की आवाज की कॉपी तो की जा सकती है लेकिन उसके बात करने का तरीका और अंदाज को कॉपी नहीं किया जा सकता। इस तरह के कॉल को ध्यान से सुनें और तय करें कि रोबोटिक कॉल है या फिर किसी इंसान ने किया है।
- यदि कोई फोन कॉल करके आपसे पैसे मांगता है तो सतर्क हो जाएं। इसके अलावा यदि आपसे कोई बैंक अकाउंट की जानकारी भी मांगता हो तो ना दें, भले ही उसकी आवाज आपके किसी जानने वाले से मेल खाती हो।
इस तरह करें बचाव
- अनजान नंबर से आ रहे फोन कॉल का जवाब देने में सतर्कता बरतें।
- अगर कोई आपका परिचित बनकर अनजान नंबर से फोन करे, तो पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
- फ्रॉड करने वाले अक्सर अर्जेंट, तुरंत, अभी जैसी जरूरतों का बहाना देते हैं, तो इनसे अलर्ट रहें।
- संदिग्ध मैसेज या ईमेल में भेजे गए लिंक पर कभी क्लिक न करें।
- अज्ञात स्रोतों से मिले क्यूआर कोड को स्कैन करने से बचें।
- अपने बैंक या कार्ड से जुड़ी जानकारियां किसी को न दें।
- कुछ भी संदिग्ध लगे तो तुरंत बैंक व पुलिस को सूचित करें।