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शुरू हुआ ‘वादी संवाद दिवस’, लोगों ने जानी मुकदमों की प्रगति
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शुरू हुआ ‘वादी संवाद दिवस’, लोगों ने जानी मुकदमों की प्रगति
- प्रत्येक बुधवार को होगा आयोजन
- राजपत्रित अधिकारियों को थानावार पहुंचकर करना है समाधान
- पहले दिवस को 135 विवेचनाओं का लिया गया लेखाजोखा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में दर्ज मुकदमों में प्रगति जानने के लिए पुलिस की तरफ से नई पहल की गई है। इसके तहत प्रत्येक बुधवार को ‘वादी संवाद दिवस’ की शुरुआत हुई है। जिसमें थाने पर ‘वादी संवाद दिवस’ का आयोजन किया जा रहा है। पहले बुधवार को 135 विवेचनाओं के बारे में फीड बैक लिया गया। इसमें वादी और विवेचक के बीच सीधा संवाद किया गया। इसमें लड़की को बहला फुसला कर भगाने, शारीरिक अपराध और जमीन के मामलों का निपटारा कराने या उसकी प्रगति बताने का कार्य किया गया।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जमीन या फिर कई ऐसे मामले में है, जिनका केस दर्ज होने के बाद एक साल से अधिक का समय गुजर गया,लेकिन विवेचना पूरी नहीं हो पाई है। इस विवेचनाओं को पहले भी निपटाने के लिए अफसरों ने कोशिश की थी और अलग-अलग नाम से अभियान भी चलाया था, लेकिन कोई फायदा नजर नहीं आया। समीक्षा में पाया गया कि जो फरियादी अफसरों के पास पहुंचे उन्हीं को इस अभियान का फायदा भी मिल पाया। एसपी का मानना है कि विवेचनात्मक कार्रवाई में देरी होने से पीड़ित पक्ष को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विवेचनाओं का त्वरित निस्तारण भी नहीं हो पाता है।
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यह है रूपरेखा
वादी को न्याय दिलाने के लिए ‘वादी संवाद दिवस’ का आयोजन हुआ है। वादी पक्ष विवेचक से संवाद स्थापित कर अपनी बात बेहिचक रख सके। जिसमें सभी विवेचक, थाना-प्रभारी द्वारा अपने सभी विवेचनाओं के साथ वादी की समस्याओं सहित प्रतिभाग करेंगे, परिक्षेत्र के चारों जनपदों को निर्देशित किया गया है। प्रत्येक बुधवार को ‘वादी संवाद दिवस’ का आयोजन होगा, जिसमें विशेषकर बहला-फुसला कर भगाने, शरीर संबंधित अपराध, संपत्ति संबंधित अपराध की लंबित विवेचना निपटाई जाएंगी। निर्देश है कि बुधवार को थाने में वादी को बुलाकर संवाद स्थापित किया जाए। समय का निर्धारण इस प्रकार किया जाए कि जब सीओ/अपर पुलिस अधीक्षक संवाद में समय से भाग ले सकें। वादी को बीट पुलिस अफसर के माध्यम से आयोजन के 02 दिन पूर्व सूचना प्राप्त कराई जाए, जिससे वादी से विवेचक, थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक संवाद स्थापित कर सकें, जिससे वादी की दुविधाओं (शंकाओं) एवं समस्याओं का समाधान हो सके।
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- प्रत्येक बुधवार को होगा आयोजन
- राजपत्रित अधिकारियों को थानावार पहुंचकर करना है समाधान
- पहले दिवस को 135 विवेचनाओं का लिया गया लेखाजोखा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में दर्ज मुकदमों में प्रगति जानने के लिए पुलिस की तरफ से नई पहल की गई है। इसके तहत प्रत्येक बुधवार को ‘वादी संवाद दिवस’ की शुरुआत हुई है। जिसमें थाने पर ‘वादी संवाद दिवस’ का आयोजन किया जा रहा है। पहले बुधवार को 135 विवेचनाओं के बारे में फीड बैक लिया गया। इसमें वादी और विवेचक के बीच सीधा संवाद किया गया। इसमें लड़की को बहला फुसला कर भगाने, शारीरिक अपराध और जमीन के मामलों का निपटारा कराने या उसकी प्रगति बताने का कार्य किया गया।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जमीन या फिर कई ऐसे मामले में है, जिनका केस दर्ज होने के बाद एक साल से अधिक का समय गुजर गया,लेकिन विवेचना पूरी नहीं हो पाई है। इस विवेचनाओं को पहले भी निपटाने के लिए अफसरों ने कोशिश की थी और अलग-अलग नाम से अभियान भी चलाया था, लेकिन कोई फायदा नजर नहीं आया। समीक्षा में पाया गया कि जो फरियादी अफसरों के पास पहुंचे उन्हीं को इस अभियान का फायदा भी मिल पाया। एसपी का मानना है कि विवेचनात्मक कार्रवाई में देरी होने से पीड़ित पक्ष को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विवेचनाओं का त्वरित निस्तारण भी नहीं हो पाता है।
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यह है रूपरेखा
वादी को न्याय दिलाने के लिए ‘वादी संवाद दिवस’ का आयोजन हुआ है। वादी पक्ष विवेचक से संवाद स्थापित कर अपनी बात बेहिचक रख सके। जिसमें सभी विवेचक, थाना-प्रभारी द्वारा अपने सभी विवेचनाओं के साथ वादी की समस्याओं सहित प्रतिभाग करेंगे, परिक्षेत्र के चारों जनपदों को निर्देशित किया गया है। प्रत्येक बुधवार को ‘वादी संवाद दिवस’ का आयोजन होगा, जिसमें विशेषकर बहला-फुसला कर भगाने, शरीर संबंधित अपराध, संपत्ति संबंधित अपराध की लंबित विवेचना निपटाई जाएंगी। निर्देश है कि बुधवार को थाने में वादी को बुलाकर संवाद स्थापित किया जाए। समय का निर्धारण इस प्रकार किया जाए कि जब सीओ/अपर पुलिस अधीक्षक संवाद में समय से भाग ले सकें। वादी को बीट पुलिस अफसर के माध्यम से आयोजन के 02 दिन पूर्व सूचना प्राप्त कराई जाए, जिससे वादी से विवेचक, थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक संवाद स्थापित कर सकें, जिससे वादी की दुविधाओं (शंकाओं) एवं समस्याओं का समाधान हो सके।
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