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Basti News: निजी अस्पताल में बच्चे की मौत पर हंगामा, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
Tue, 15 Jul 2025 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 15 Jul 2025 01:07 AM IST
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बस्ती। शहर से सटे जिगिना चौराहा के निकट स्थित निजी नर्सिंग होम में सोमवार को चिकित्सक की लापरवाही से बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि रुपये के अभाव में निजी अस्पताल में उन्हें बंधक भी बनाए रखा था। रकम चुकता करने के बाद हंगामा होने पर चिकित्सक और कुछ स्टाफ भाग खड़े हुए। मुंडेरवा थाना क्षेत्र के परसा हज्जाम के छोटू ने बताया कि उनकी पत्नी की पिछले महीने निजी हॉस्पिटल में सीजर से डिलीवरी हुई। नवजात के गंदा पीने की बात बताई गई। संबंधित अस्पताल से नवजात को इलाज के लिए जिगिना स्थित एक निजी हॉस्पिटल में भेजा गया। यहां उनके बच्चे को भर्ती किया गया। कुछ दिन इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। घर ले जाने पर फिर उसकी तबीयत बिगड़ गई। अगले दिन इसी अस्पताल में फिर से भर्ती कराया गया।
परिजनों ने बताया कि संबंधित अस्पताल में 22 दिनों से बच्चे को भर्ती रखा गया था। उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर सोमवार को रेफर करने के बजाय अस्पताल संचालक ने बकाया 30 हजार भुगतान चुकता करने की शर्त रख दी। रुपये का इंतजाम नहीं होने पर पीड़ित ने पत्नी का गहना बेचकर 15 हजार भुगतान किया। लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। परिजन बच्चे को हायर मेडिकल सेंटर तक नहीं पहुंचा सके। बच्चे की मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि चिकित्सक की लापरवाही के चलते उनके बच्चे की मौत हुई है। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद डॉक्टर और कुछ स्टाफ मौके से भाग खड़े हुए। नवजात के पिता छोटू ने बताया कि 22 दिनों के इलाज में लाखों रुपये का बजट बनाया गया। अस्पताल का बिल चुलाने के लिए पहले जमीन बेचनी पड़ी। शेष रकम पत्नी का जेवर बेचकर चुकानी पड़ी। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि प्रकरण अभी संज्ञान में नहीं है। यदि लिखित शिकायत मिलेगी तो जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी होगी।
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परिजनों ने बताया कि संबंधित अस्पताल में 22 दिनों से बच्चे को भर्ती रखा गया था। उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर सोमवार को रेफर करने के बजाय अस्पताल संचालक ने बकाया 30 हजार भुगतान चुकता करने की शर्त रख दी। रुपये का इंतजाम नहीं होने पर पीड़ित ने पत्नी का गहना बेचकर 15 हजार भुगतान किया। लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। परिजन बच्चे को हायर मेडिकल सेंटर तक नहीं पहुंचा सके। बच्चे की मौत हो गई।
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परिजनों का कहना है कि चिकित्सक की लापरवाही के चलते उनके बच्चे की मौत हुई है। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद डॉक्टर और कुछ स्टाफ मौके से भाग खड़े हुए। नवजात के पिता छोटू ने बताया कि 22 दिनों के इलाज में लाखों रुपये का बजट बनाया गया। अस्पताल का बिल चुलाने के लिए पहले जमीन बेचनी पड़ी। शेष रकम पत्नी का जेवर बेचकर चुकानी पड़ी। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि प्रकरण अभी संज्ञान में नहीं है। यदि लिखित शिकायत मिलेगी तो जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी होगी।
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