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Basti News: दो दर्जन से अधिक अपंजीकृत नर्सिंग होम व पैथाेलॉजी सेंटर निशाने पर
Mon, 01 May 2023 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 01 May 2023 01:03 AM IST
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बस्ती। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरा तंत्र सक्रिय है। मानकों का उल्लंघन कर चल रहे नर्सिंग होम व पैथाेलॉजी सेंटरों प्रशासन सख्त हो गया है। प्रशासनिक सर्वे में जिले में दो दर्जन से अधिक अपंजीकृत नर्सिंग होम, पैथाेलॉजी सेंटर व अल्ट्रासाउंड-एक्सरे सेंटरों को चिह्नित किया गया है। प्रशासन की जांच में यह तथ्य सामने आया कि इन सेंटरों पर अप्रशिक्षित कर्मी लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।
हर्रैया सहित पूरे जिले में प्रशासन, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ताबड़तोड़ छापा मार रही है। अकेले हर्रैया क्षेत्र में अब तक हुई जांच में आधा दर्जन मेडिकल स्टोर, अल्ट्रासाउंड सेंटर व पैथाेलॉजी सेंटरों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि इतने ही सेंटर बंद पाए गए हैं।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धड़ाधड़ खुल रहे नर्सिंग होम, पैथाेलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर प्रशासन के तेवर सख्त हो गए हैं। शासन के निर्देश पर इन सेंटरों की जांच शुरू हुई तो यह तथ्य सामने आया कि जिले भर में दो दर्जन ऐसे सेंटर हैं, जहां चिकित्सक नहीं बैठते, मगर पंजीकरण करा लिया गया है। इसी प्रकार कई ऐेसे नर्सिंग होम की जानकारी प्रशासन को मिली कि चिकित्सक के नाम पर पंजीकरण कराने के बाद यहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते, मगर गुणवत्तायुक्त इलाज का झांसा दिया जा रहा है। यही नहीं, प्रशासन के संज्ञान में बहादुरपुर, कलवारी, हर्रैया सहित दूरस्थ इलाकों में तीन से चार सौ रुपये में अल्ट्रासाउंड भी हो रहा है। बिना पैथाेलॉजिस्ट कई सेंटर खून, यूरिन सहित तमाम जांच करने का दावा कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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सूचना के बाद शुक्रवार को हर्रैया क्षेत्र के कई ऐसे सेंटरों पर प्रशासनिक टीम ने छाया मारा, तो सब कुछ सामने आ गया। शनिवार को अमोढ़ा स्थित एक मेडिकल सेंटर पर महिला को भर्ती कर उसका इलाज करते हुए पाया गया, मगर चिकित्सक वहां मौजूद नहीं थे। संबंधित को गिरफ्तार किया गया है।
बोले सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र ने कहा कि शासन के निर्देश पर डीएम प्रियंका निरंजन ने टीम गठित कर दी है। यह टीम जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों, पैथाेलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच कर रही है। कहा कि प्रशासन ने दो दर्जन से अधिक ऐसे सेंटरों की सूची भी बनाई है। उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। चेेतावनी दी है कि बिना डॉक्टर कहीं भी कोई नर्सिंग होम, पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित होते पाया गया तो उस पर मुकदमा भी दर्ज होगा।
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हर्रैया सहित पूरे जिले में प्रशासन, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ताबड़तोड़ छापा मार रही है। अकेले हर्रैया क्षेत्र में अब तक हुई जांच में आधा दर्जन मेडिकल स्टोर, अल्ट्रासाउंड सेंटर व पैथाेलॉजी सेंटरों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि इतने ही सेंटर बंद पाए गए हैं।
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जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धड़ाधड़ खुल रहे नर्सिंग होम, पैथाेलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर प्रशासन के तेवर सख्त हो गए हैं। शासन के निर्देश पर इन सेंटरों की जांच शुरू हुई तो यह तथ्य सामने आया कि जिले भर में दो दर्जन ऐसे सेंटर हैं, जहां चिकित्सक नहीं बैठते, मगर पंजीकरण करा लिया गया है। इसी प्रकार कई ऐेसे नर्सिंग होम की जानकारी प्रशासन को मिली कि चिकित्सक के नाम पर पंजीकरण कराने के बाद यहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते, मगर गुणवत्तायुक्त इलाज का झांसा दिया जा रहा है। यही नहीं, प्रशासन के संज्ञान में बहादुरपुर, कलवारी, हर्रैया सहित दूरस्थ इलाकों में तीन से चार सौ रुपये में अल्ट्रासाउंड भी हो रहा है। बिना पैथाेलॉजिस्ट कई सेंटर खून, यूरिन सहित तमाम जांच करने का दावा कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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सूचना के बाद शुक्रवार को हर्रैया क्षेत्र के कई ऐसे सेंटरों पर प्रशासनिक टीम ने छाया मारा, तो सब कुछ सामने आ गया। शनिवार को अमोढ़ा स्थित एक मेडिकल सेंटर पर महिला को भर्ती कर उसका इलाज करते हुए पाया गया, मगर चिकित्सक वहां मौजूद नहीं थे। संबंधित को गिरफ्तार किया गया है।
बोले सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र ने कहा कि शासन के निर्देश पर डीएम प्रियंका निरंजन ने टीम गठित कर दी है। यह टीम जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों, पैथाेलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच कर रही है। कहा कि प्रशासन ने दो दर्जन से अधिक ऐसे सेंटरों की सूची भी बनाई है। उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। चेेतावनी दी है कि बिना डॉक्टर कहीं भी कोई नर्सिंग होम, पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित होते पाया गया तो उस पर मुकदमा भी दर्ज होगा।