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Basti News: छह माह बाद भी रेडियोलॉजिस्ट की नहीं हो सकी तैनाती
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महिला अस्पताल में बंद पड़ा अल्ट्रासाउंड कक्ष। संवाद
- फोटो : BASTI
छह माह बाद भी रेडियोलॉजिस्ट की नहीं हो सकी तैनाती
- जिला और महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच बंद
- निजी केंद्रों पर महंगे दामों में कराना पड़ रहा जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला और महिला अस्पताल में लगभग छह माह से अल्ट्रासाउंड जांच बंद है। दरअसल यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट का मई माह के अंतिम में तबादला कर दिया गया। इसके बाद से यहां नए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। मरीजों को निजी केंद्रों से महंगे दामों में जांच कराना पड़ रहा है।
जिला चिकित्सालय और महिला अस्पताल में कई वर्ष से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। इसकी भरपाई मेडिकल कॉलेज की चिकित्सक डॉ. विभा कर रही थीं, मगर मई में उनका स्थानांतरण हो गया। नतीजतन दोनों अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर ताला लटक गया है। इसके बाद से मरीजों को निजी सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराना मजबूरी हो गई है।
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निजी सेंटरों पर आठ सौ में होता है अल्ट्रासाउंड
जिला अस्पताल में महिला अस्पताल जहां अल्ट्रासाउंड निशुल्क होता है, वहीं बाहर निजी सेंटरों पर आठ सौ रुपये लिए जाते हैं। चूंकि सर्वाधिक अल्ट्रासाउंड के मरीज महिला अस्पताल से ही निकलते हैं, मगर इनके लिए अस्पताल प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की है।
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बोले पीड़ित
महिला चिकित्सालय में चिकित्सक को दिखाने आईं गांधी नगर निवासी रीता ने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद है। बताया कि निशुल्क कराना है तो कैली जाएं अथवा निजी अस्पताल से अल्ट्रासाउंड करा लें। पुरानी बस्ती की रंभा ने कहा कि ओपीडी में दिखाने के बाद चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड लिख दिया है, मगर अस्पताल में व्यवस्था नहीं है। बाहर के लिए यहां से कैली जाने का मतलब पूरा दिन लग जाता है। ऐसे में अब तो मजबूरी है कि आठ सौ देकर ही अल्ट्रासाउंड कराना होगा।
जिला अस्पताल में चिकित्सक को ओपीडी में दिखाने आए महराजगंज निवासी राम कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि यहां चिकित्सक को दिखाने के बाद अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह डॉक्टर ने दी है, मगर यहां तो व्यवस्था ही नहीं है। जब शिकायत की गई तो बताया गया कि कैली में व्यवस्था है वहां चले जाएं। शहर के रौता चौराहा निवासी प्रकाश ने जिला अस्पताल में फिजीशियन को दिखाया। चिकित्सक ने उन्हें तत्काल अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी है, मगर यहां तो बाहर से ही अल्ट्रासाउंड कराना होगा।
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शासन को लिखा गया पत्र
एसआईसी डॉ. आलोक कुमार वर्मा और महिला अस्पताल के सीएमएस केडी पांडेय ने कहा कि स्थानांतरण के चलते यहां सेंटर बंद है। लेकिन मरीजों को ओपेक चिकित्सालय कैली अल्ट्रासाउंड रेफर कर दिया जाता है। वहां मरीजों का निशुल्क अल्ट्रासाउंड होता है। शासन को पत्र लिखा गया है। जिससे यहां स्थापित मशीनों को हर रोज चलाया जा सके। एक चिकित्सक मिले थे, मगर वे आज तक यहां पहुंचे ही नहीं।
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- जिला और महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच बंद
- निजी केंद्रों पर महंगे दामों में कराना पड़ रहा जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला और महिला अस्पताल में लगभग छह माह से अल्ट्रासाउंड जांच बंद है। दरअसल यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट का मई माह के अंतिम में तबादला कर दिया गया। इसके बाद से यहां नए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। मरीजों को निजी केंद्रों से महंगे दामों में जांच कराना पड़ रहा है।
जिला चिकित्सालय और महिला अस्पताल में कई वर्ष से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। इसकी भरपाई मेडिकल कॉलेज की चिकित्सक डॉ. विभा कर रही थीं, मगर मई में उनका स्थानांतरण हो गया। नतीजतन दोनों अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर ताला लटक गया है। इसके बाद से मरीजों को निजी सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराना मजबूरी हो गई है।
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निजी सेंटरों पर आठ सौ में होता है अल्ट्रासाउंड
जिला अस्पताल में महिला अस्पताल जहां अल्ट्रासाउंड निशुल्क होता है, वहीं बाहर निजी सेंटरों पर आठ सौ रुपये लिए जाते हैं। चूंकि सर्वाधिक अल्ट्रासाउंड के मरीज महिला अस्पताल से ही निकलते हैं, मगर इनके लिए अस्पताल प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की है।
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बोले पीड़ित
महिला चिकित्सालय में चिकित्सक को दिखाने आईं गांधी नगर निवासी रीता ने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद है। बताया कि निशुल्क कराना है तो कैली जाएं अथवा निजी अस्पताल से अल्ट्रासाउंड करा लें। पुरानी बस्ती की रंभा ने कहा कि ओपीडी में दिखाने के बाद चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड लिख दिया है, मगर अस्पताल में व्यवस्था नहीं है। बाहर के लिए यहां से कैली जाने का मतलब पूरा दिन लग जाता है। ऐसे में अब तो मजबूरी है कि आठ सौ देकर ही अल्ट्रासाउंड कराना होगा।
जिला अस्पताल में चिकित्सक को ओपीडी में दिखाने आए महराजगंज निवासी राम कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि यहां चिकित्सक को दिखाने के बाद अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह डॉक्टर ने दी है, मगर यहां तो व्यवस्था ही नहीं है। जब शिकायत की गई तो बताया गया कि कैली में व्यवस्था है वहां चले जाएं। शहर के रौता चौराहा निवासी प्रकाश ने जिला अस्पताल में फिजीशियन को दिखाया। चिकित्सक ने उन्हें तत्काल अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी है, मगर यहां तो बाहर से ही अल्ट्रासाउंड कराना होगा।
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शासन को लिखा गया पत्र
एसआईसी डॉ. आलोक कुमार वर्मा और महिला अस्पताल के सीएमएस केडी पांडेय ने कहा कि स्थानांतरण के चलते यहां सेंटर बंद है। लेकिन मरीजों को ओपेक चिकित्सालय कैली अल्ट्रासाउंड रेफर कर दिया जाता है। वहां मरीजों का निशुल्क अल्ट्रासाउंड होता है। शासन को पत्र लिखा गया है। जिससे यहां स्थापित मशीनों को हर रोज चलाया जा सके। एक चिकित्सक मिले थे, मगर वे आज तक यहां पहुंचे ही नहीं।