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Basti News: सरकारी चिकित्सकों को अल्टीमेटम... बाहर की न लिखे जांच अथवा दवा

Thu, 23 Jan 2025 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 23 Jan 2025 11:56 PM IST
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Ultimatum to government doctors... do not prescribe any outside test or medicine.
- सीएचसी- पीएचसी पर प्राइवेट प्रैक्टिस की तरह मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सक
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- सीएमओ ने पत्र जारी कर दी हिदायत, जांच में पुष्टि होने पर कार्रवाई की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरकारी चिकित्सालयों में प्राइवेट प्रैक्टिस की तरह मरीजों के इलाज की परंपरा खत्म नहीं हो रही है। इसको लेकर विभाग गंभीर हुआ है। शासन से सख्ती के बाद सीएमओ ने सरकारी चिकित्सकों को मरीजों को बाहर की दवा अथवा जांच न लिखने की हिदायत दी है। हालांकि, इस तरह के आदेश अक्सर जारी होते हैं। मगर, इसका कोई प्रभावी असर नहीं देखने को मिलता है।
शहरी क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों से लेकर ग्रामीण अंचल के सीएचसी एवं पीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों को बाहर की दवा और जांच लिखने की परंपरा पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जबकि शासन एवं महानिदेशालय स्तर से सरकारी चिकित्सकों को बाहर की दवा अथवा जांच लिखना प्रतिबंधित है।
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सीएमओ डॉ. आरएस दुबे ने जारी पत्र में स्पष्ट तौर से कहा है कि कतिपय चिकित्साधिकारियों द्वारा मरीजों को बाहर की दवा अथवा जांच लिखी जा रही है। उन्होंने ऐसा न करने की सख्त हिदायत दी है। चेतावनी दी है कि यदि जांच में किसी चिकित्साधिकारी द्वारा बाहर की दवा या जांच लिखे जाने की पुष्टि हुई तो संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस तरह के आदेश पूर्व में भी कई बार हो चुके हैं। बावजूद इसके कोई असर देखने को नहीं मिला है।
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सरकारी पर्चे के साथ मिलती है छोटी पर्ची
जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी और पीएचसी पर मरीजों को सरकारी पर्चे के साथ छोटी पर्ची भी थमाई जाती है। जिस पर बाहर की दवा और जांच लिखी होती है। यह खेल सीएचसी हर्रैया, भानपुर, रुधौली, सल्टौआ, बनकटी, कुदरहा, कप्तानगंज, बहादुरपुर समेत सभी अस्पतालों में चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, कुछ चिकित्सक कार्रवाई की डर से निजी स्टॉफ भी अपने कक्ष में बैठाते हैं। सरकारी पर्चे पर वह खुद दवा लिखते हैं और छोटे पर्चे पर अपने निजी स्टॉफ से दवा और जांच लिखवाकर मरीज को बाहर भेज दे रहे हैं। अलग- अलग चिकित्सकों के कक्ष में निजी जांच सेंटर और दवा कंपनियों के एजेंट की सेटिंग है।
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लंबे समय से तैनात चिकित्सक नहीं चाहते स्थानांतरण
सीएचसी और पीएचसी पर लंबे समय से तैनात चिकित्सक और फार्मासिस्ट स्थानांतरण नहीं चाहते हैं। हर्रैया, बहादुरपुर, रुधौली, सल्टौआ, भानपुर आदि सीएचसी पर 10 से 12 चिकित्सक और फार्मासिस्ट ऐसे हैं जो स्थनांतरण होने के बाद भी नहीं हटे हैं। विभागीय उच्चाधिकारी भी सब जानते हुए चुप्पी साधे रहते हैं। ताजा प्रकरण यह है कि अभी सप्ताह भीतर सीएचसी सॉऊघाट और कुदरहा में तैनात चिकित्साधिकारियों को इधर से उधर स्थानांतरित किया गया है। सीएमओ ने आदेश निर्गत कर सीएचसी सॉऊघाट में लंबे समय से तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार और पीएचसी कुदरहा के मेडिकल अफसर डॉ. शशि कुमार को परस्पर स्थानांतरित किया। बावजूद इसके यह दोनों चिकित्सक अपने पूर्व तैनाती स्थल से रिलीव नहीं हुए।

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कोट
सभी चिकित्साधिकारियों को बाहर की दवा या जांच न लिखने की हिदायत दी गई है। यदि नहीं मानेंगे तो कार्रवाई की जाएगी। जहां तक सांऊघाट और कुदरहा के मेडिकल अफसर के के स्थानांतरण की बात है तो इन्हें अभी विभागीय जरूरत के अनुसार रोक दिया गया है।
-डॉ. आरएस दुबे, सीएमओ
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