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Basti News: यूजीसी के नियमों का औचित्य नहीं
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वशिष्ठ रामायण कथा के दौरान पादुका पूजन करते श्रद्धालु। संवाद
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ आश्रम बढ़नी मिश्र में रविवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अपने प्रवचन के दौरान सरकार को भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश में यूजीसी जैसे कानून का कोई औचित्य नहीं है। इससे किसी का लाभ होने वाला नहीं है। अलबत्ता गृह युद्ध की आशंका बढ़ सकती है। जब तक हम पीठ पर विराजमान रहेंगे इस कानून का विरोध करते रहेंगे।
गुरु वशिष्ठ रामायण कथा के पांचवें दिन जगतगुरु ने कहा कि राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के जन्म, नामकरण आदि प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने आगे कहा कि यूजीसी का परिणाम भयावह होगा। पंथ अनेक हैं लेकिन, हम सभी हिंदू एक हैं। जातिवाद के नाम पर आरक्षण नहीं होना चाहिए। प्रतिभाओं को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने बडा नीक लागे वशिष्ठ जी कै गउवां समेत कई भजन भी सुनाए।
कहा कि प्रभु श्री राम का नाम लेने मात्र से चारों वेदों के पाठ का फल मिलता है। जिनसे राष्ट्र का मंगल होता है, वहीं राम हैं। हिंदू समाज कुरीतियों से दूर हो। श्रीराम मंदिर बन जाने के बाद देश तीसरी अर्थ व्यवस्था बनने की ओर है। कहा कि यदि हिंदू हो तो मानस की चौपाई जरूर गाओ। यदि चौपाई नहीं गाओगे तो चौपट हो जाओगे। कथा के आरंभ में मुख्य यजमान चंद्रभूषण मिश्र, संयोजक राना दिनेश प्रताप सिंह, गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल, पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह ने जगदगुरु का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
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गुरु वशिष्ठ रामायण कथा के पांचवें दिन जगतगुरु ने कहा कि राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के जन्म, नामकरण आदि प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने आगे कहा कि यूजीसी का परिणाम भयावह होगा। पंथ अनेक हैं लेकिन, हम सभी हिंदू एक हैं। जातिवाद के नाम पर आरक्षण नहीं होना चाहिए। प्रतिभाओं को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने बडा नीक लागे वशिष्ठ जी कै गउवां समेत कई भजन भी सुनाए।
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कहा कि प्रभु श्री राम का नाम लेने मात्र से चारों वेदों के पाठ का फल मिलता है। जिनसे राष्ट्र का मंगल होता है, वहीं राम हैं। हिंदू समाज कुरीतियों से दूर हो। श्रीराम मंदिर बन जाने के बाद देश तीसरी अर्थ व्यवस्था बनने की ओर है। कहा कि यदि हिंदू हो तो मानस की चौपाई जरूर गाओ। यदि चौपाई नहीं गाओगे तो चौपट हो जाओगे। कथा के आरंभ में मुख्य यजमान चंद्रभूषण मिश्र, संयोजक राना दिनेश प्रताप सिंह, गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल, पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह ने जगदगुरु का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
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