{"_id":"65eff0989e2a748d460dc46f","slug":"two-accused-of-murderous-attack-acquitted-after-44-years-basti-news-c-207-1-sgkp1004-112876-2024-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: 44 साल बाद जानलेवा हमले के दो आरोपी बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: 44 साल बाद जानलेवा हमले के दो आरोपी बरी
Tue, 12 Mar 2024 11:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 12 Mar 2024 11:35 AM IST
विज्ञापन
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शिवचंद ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शिवचंद ने परशुरामपुर क्षेत्र के 44 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में दो आरोपितों को संदेह का लाभ देकर मामले से बरी कर दिया। अभियोजन के अनुसार, परशुरामपुर क्षेत्र के बबुऔना गांव निवासी राजबहादुर सिंह ने 25 जुलाई 1980 को पुलिस को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसने भतीजे लल्लन सिंह से क्षेत्र के बनवरिया गांव के जग प्रसाद ने ठेकेदारी के लिए दो हजार रुपये उधार लिए थे। बार-बार मांगने पर उधार नहीं दे रहे थे।
25 जुलाई 1980 को जग प्रसाद के पिता सावल प्रसाद से इसकी शिकायत कर भतीजे लल्लन सिंह, विश्वनाथ सिंह, उदय प्रताप सिंह के साथ घर लौट रहे थे, तभी दरूपुर गांव के केटोला खंडवा कुंवर के पास जग प्रसाद, सांवल प्रसाद, जगदीश, शिवकुमार यादव, राम शुभग उर्फ चक्कू व रामअजोर ने उन्हें घेर लिया और मारने पीटने लगे। विश्वनाथ सिंह को मारकर अधमरा कर दिया। परशुरामपुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। जग प्रसाद, सांवल प्रसाद, जगदीश व शिवकुमार के विरुद्ध पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। मुकदमे के विचारण के दौरान सांवल प्रसाद, राम व राम अजोर की मौत हो गई। जगदीश व शिव कुमार को बाल अपचारी घोषित किया गया। आरोपी जग प्रसाद व रामसुभग के विरुद्ध न्यायालय में सुनवाई हुई। आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। लिहाजा न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शिवचंद ने परशुरामपुर क्षेत्र के 44 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में दो आरोपितों को संदेह का लाभ देकर मामले से बरी कर दिया। अभियोजन के अनुसार, परशुरामपुर क्षेत्र के बबुऔना गांव निवासी राजबहादुर सिंह ने 25 जुलाई 1980 को पुलिस को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसने भतीजे लल्लन सिंह से क्षेत्र के बनवरिया गांव के जग प्रसाद ने ठेकेदारी के लिए दो हजार रुपये उधार लिए थे। बार-बार मांगने पर उधार नहीं दे रहे थे।
25 जुलाई 1980 को जग प्रसाद के पिता सावल प्रसाद से इसकी शिकायत कर भतीजे लल्लन सिंह, विश्वनाथ सिंह, उदय प्रताप सिंह के साथ घर लौट रहे थे, तभी दरूपुर गांव के केटोला खंडवा कुंवर के पास जग प्रसाद, सांवल प्रसाद, जगदीश, शिवकुमार यादव, राम शुभग उर्फ चक्कू व रामअजोर ने उन्हें घेर लिया और मारने पीटने लगे। विश्वनाथ सिंह को मारकर अधमरा कर दिया। परशुरामपुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। जग प्रसाद, सांवल प्रसाद, जगदीश व शिवकुमार के विरुद्ध पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। मुकदमे के विचारण के दौरान सांवल प्रसाद, राम व राम अजोर की मौत हो गई। जगदीश व शिव कुमार को बाल अपचारी घोषित किया गया। आरोपी जग प्रसाद व रामसुभग के विरुद्ध न्यायालय में सुनवाई हुई। आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। लिहाजा न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया।
विज्ञापन