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Basti News: रेट को लेकर ट्रांसपोर्टरों और बिल्डिंग मटिरियल कारोबारियों में ठनी
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एसपी कार्यालय में ज्ञापन देते बिल्डिंग मैटेरियल से जुड़े कारोबारी स्रोत संगठन
बस्ती। बिल्डिंग मटेरियल के रेट को लेकर ट्रांसपोर्टरों और कारोबारियों के बीच विवाद गहरा गया है। बिल्डिंग मटेरियल व्यापारियों ने एसपी को पत्र देकर कुछ ट्रक मालिकों पर निर्धारित दर से अधिक कीमत पर मोरंग-गिट्टी लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। व्यापारियों का कहना है कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी जा रही है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष फूलचंद्र चौधरी और महामंत्री मनोज जायसवाल ने बताया कि बस्ती के कुछ ट्रक मालिक बाजार भाव से पांच से सात रुपये प्रति फीट अधिक दर पर मोरंग-गिट्टी खरीदने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि सामग्री लेने से इन्कार करने पर कई लोग दुकानों पर पहुंचकर विवाद करते हैं।
व्यापारियों के अनुसार, खलीलाबाद से आने वाले ट्रकों में मोरंग नाप के आधार पर बस्ती में उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि स्थानीय ट्रक मालिक वजन के आधार पर सामग्री लेने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि खलीलाबाद से मंगाई गई गाड़ी को दुकान पर खाली कराने की कोशिश करने पर स्थानीय ट्रक मालिक चालक को धमकाकर वापस भेज देते हैं।
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व्यापारियों का दावा है कि पिछले एक सप्ताह में पचपेड़िया रोड स्थित कई दुकानों पर ऐसी घटनाएं हुई हैं। उनका कहना है कि घटनाओं के फोटो और वीडियो भी उनके पास हैं। एसोसिएशन ने पुलिस से मामले की जांच कर कार्रवाई और व्यापारियों को सुरक्षा देने की मांग की है।
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निर्माण कारोबार पर असर की जताई चिंता
व्यापारियों का कहना है कि मोरंग-गिट्टी की कीमत और आपूर्ति को लेकर विवाद का असर जिले के निर्माण कारोबार पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि पहले से ही जीएसटी, बढ़ते भाड़े और बरसात में निर्माण सामग्री की कमी से कारोबार प्रभावित है। ऐसे में रेट को लेकर विवाद से लागत बढ़ने की आशंका है। एसोसिएशन ने प्रशासन से मोरंग-गिट्टी की नाप-तौल और रेट को लेकर स्पष्ट एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष फूलचंद्र चौधरी और महामंत्री मनोज जायसवाल ने बताया कि बस्ती के कुछ ट्रक मालिक बाजार भाव से पांच से सात रुपये प्रति फीट अधिक दर पर मोरंग-गिट्टी खरीदने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि सामग्री लेने से इन्कार करने पर कई लोग दुकानों पर पहुंचकर विवाद करते हैं।
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व्यापारियों के अनुसार, खलीलाबाद से आने वाले ट्रकों में मोरंग नाप के आधार पर बस्ती में उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि स्थानीय ट्रक मालिक वजन के आधार पर सामग्री लेने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि खलीलाबाद से मंगाई गई गाड़ी को दुकान पर खाली कराने की कोशिश करने पर स्थानीय ट्रक मालिक चालक को धमकाकर वापस भेज देते हैं।
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व्यापारियों का दावा है कि पिछले एक सप्ताह में पचपेड़िया रोड स्थित कई दुकानों पर ऐसी घटनाएं हुई हैं। उनका कहना है कि घटनाओं के फोटो और वीडियो भी उनके पास हैं। एसोसिएशन ने पुलिस से मामले की जांच कर कार्रवाई और व्यापारियों को सुरक्षा देने की मांग की है।
निर्माण कारोबार पर असर की जताई चिंता
व्यापारियों का कहना है कि मोरंग-गिट्टी की कीमत और आपूर्ति को लेकर विवाद का असर जिले के निर्माण कारोबार पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि पहले से ही जीएसटी, बढ़ते भाड़े और बरसात में निर्माण सामग्री की कमी से कारोबार प्रभावित है। ऐसे में रेट को लेकर विवाद से लागत बढ़ने की आशंका है। एसोसिएशन ने प्रशासन से मोरंग-गिट्टी की नाप-तौल और रेट को लेकर स्पष्ट एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मांग की है।