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Basti News: जिले में संचालित हो रहे बिना नंबर वाले 21 हजार ट्रैक्टर
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बालू, मिट्टी व अन्य व्यवसायिक कार्य में जुटे हैं कृषि कार्य में प्रयोग होने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली
- जिले में कृषि कार्य के लिए पंजीकृत हैं कुल 29 हजार ट्रैक्टर, कामर्शियल एक भी नहीं
-निर्माण सामग्री से लेकर बालू ढुलाई तक के काम में किया जा रहा इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में बिना नंबर के चल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली सुरक्षित यातायात के लिए खतरा बने हुए हैं। इसके बावजूद परिवहन विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि फोरलेन से लेकर अन्य मार्गों पर आए दिन ऐसी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निर्माण सामग्री और अन्य सामान ढोते नजर आते हैं। परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार यहां 21 हजार से अधिक वाहनों से नंबर प्लेट गायब है। इनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 29 हजार 539 ट्रैक्टर-ट्रॉली कृषि कार्य के लिए पंजीकृत हैं। इनमें तकरीबन 70 फीसदी (लगभग 21 हजार) की नंबर प्लेट गायब है। यही नहीं कुछ ट्रैक्टरों पर तो सिर्फ जिले का कोड लिखकर काम चलाया जा रहा है। खेत से लेकर बाजार तक यह ट्रैक्टर व्यावसायिक उपयोग के लिए चल रहे हैं। इन पर न तो प्रशिक्षित चालक हैं, और न ही इनकी फिटनेस की कोई गाइड लाइन विभाग के पास है। कारण यह है कि सभी ट्रैक्टर का पंजीकरण सिर्फ कृषि कार्य के लिए जारी हुआ है, जिनकी फिटनेस की कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है। भट्ठों से लेकर मिट्टी व गिट्टी ढोने वाले इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में कई तो ऐसे हैं जो एक ही वाहन स्वामी के लिए ढुलाई करते हैं, लेकिन अभी तक कार्रवाई से बचे हुए हैं। इस तरह के ट्रैक्टर ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों व सरयू नदी के बालू खदानों के घाटों के अलावा शहर के मूड़घाट व पटेल चौक के पास देखे जा सकते हैं।
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बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रालियों की होगी जांच, कार्रवाई
जल्द ही अभियान चलाया जाएगा और बिना नंबर व अवैध रूप से चल रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-पंकज कुमार सिंह, एआरटीओ
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- जिले में कृषि कार्य के लिए पंजीकृत हैं कुल 29 हजार ट्रैक्टर, कामर्शियल एक भी नहीं
-निर्माण सामग्री से लेकर बालू ढुलाई तक के काम में किया जा रहा इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में बिना नंबर के चल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली सुरक्षित यातायात के लिए खतरा बने हुए हैं। इसके बावजूद परिवहन विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि फोरलेन से लेकर अन्य मार्गों पर आए दिन ऐसी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निर्माण सामग्री और अन्य सामान ढोते नजर आते हैं। परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार यहां 21 हजार से अधिक वाहनों से नंबर प्लेट गायब है। इनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 29 हजार 539 ट्रैक्टर-ट्रॉली कृषि कार्य के लिए पंजीकृत हैं। इनमें तकरीबन 70 फीसदी (लगभग 21 हजार) की नंबर प्लेट गायब है। यही नहीं कुछ ट्रैक्टरों पर तो सिर्फ जिले का कोड लिखकर काम चलाया जा रहा है। खेत से लेकर बाजार तक यह ट्रैक्टर व्यावसायिक उपयोग के लिए चल रहे हैं। इन पर न तो प्रशिक्षित चालक हैं, और न ही इनकी फिटनेस की कोई गाइड लाइन विभाग के पास है। कारण यह है कि सभी ट्रैक्टर का पंजीकरण सिर्फ कृषि कार्य के लिए जारी हुआ है, जिनकी फिटनेस की कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है। भट्ठों से लेकर मिट्टी व गिट्टी ढोने वाले इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में कई तो ऐसे हैं जो एक ही वाहन स्वामी के लिए ढुलाई करते हैं, लेकिन अभी तक कार्रवाई से बचे हुए हैं। इस तरह के ट्रैक्टर ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों व सरयू नदी के बालू खदानों के घाटों के अलावा शहर के मूड़घाट व पटेल चौक के पास देखे जा सकते हैं।
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बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रालियों की होगी जांच, कार्रवाई
जल्द ही अभियान चलाया जाएगा और बिना नंबर व अवैध रूप से चल रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-पंकज कुमार सिंह, एआरटीओ