फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Traffic signals were not correct even in traffic month

Basti News: यातायात माह में भी नहीं सही हुए ट्रैफिक सिग्नल... सिर्फ हो रही रस्म अदायगी

Tue, 21 Nov 2023 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 21 Nov 2023 01:02 AM IST
विज्ञापन
Traffic signals were not correct even in traffic month
- एक दशक पहले पांच स्थानों पर लगाए गए थे ट्रैफिक सिग्नल
विज्ञापन


- रखरखाव के अभाव में सभी हो गए खराब, कंपनी ने भी हाथ खींचा
संवाद न्यूज एजेंसी

बस्ती। यातायात माह सिर्फ रस्म अदायगी बनकर रह गया है। यह माह अब बीतने की ओर है, लेकिन अअ तक शहर में पांच जगहों पर लगाए गए यातायात सूचकांक (ट्रैफिक सिग्नल) में से एक भी ठीक नहीं कराए जा सके हैं। इसके अलावा एक दर्जन स्थानों पर रखे गए यातायात पिकेट भी सफेदवर्दी वाली पुलिस से खाली है।
शहर की आबादी और वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा होने से मंडल मुख्यालय पर लगभग दो दशक से यातायात का भार अधिक महसूस किया जा रहा है। वर्ष 2013 में नगर पालिका ने प्रमुख चौराहों को जाम से मुक्त करने के लिए ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था बनाई। इसके तहत कंपनीबाग, नेहरू तिराहा, रोडवेज तिराहा, जिला अस्पताल चौराहा, पांडेय बाजार जैसे प्रमुख स्थल चिह्नित हुए। यहां सोलर पैनल पर आधारित ट्रैफिक सिग्नल लगवाए गए। जिसके नीचे यातायात पुलिस की तैनाती होने लगी। कुछ दिन यह व्यवस्था संचालित हुई तो यातायात व्यवस्था में काफी सुधार नजर आया। यह सभी प्रमुख स्थल जाम से लगभग मुक्त दिखने लगे। सिग्नल के हिसाब से वाहन चलाने को लोग बाध्य हो गए। जिससे ट्रैफिक जंक्शन पर वाहनों का बेतरतीब फंसे रहना बंद हो गया। मगर ट्रैफिक सिग्नल की देखभाल न होने से यह एक- एक कर खराब होते गए। उम्मीद थी कि यातायात माह में प्रशासन की नजर इस ठप हो चुकी व्यवस्था पर जरूर पड़ेगी। मगर पूरा महीना स्कूली आयोजनों में ही बीत रहा है।
विज्ञापन

------------
कंपनी का नहीं हुआ भुगतान
पांच स्थलों पर लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल की लागत 25 लाख रुपये आंकी गई थी। सिग्नल व्यवस्था चालू करने के बाद तीन साल तक देखरेख करने का जिम्मा संबंधित कंपनी के पास ही थी। मगर नगर पालिका की ओर से भुगतान नहीं किया गया। इसीलिए कंपनी ने देखरेख से हाथ खींच लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------------

नदारद रहती है यातायात पुलिस
तीन महीने पूर्व एक दर्जन प्रमुख स्थानों यातायात पुलिस के लिए लोहे के जालीदार बूथ रखवाए गए। इस पर लगभग 12 लाख रुपये खर्च हुए। मगर यह बैठने के लिहाज से काफी छोटा है। जिससे किसी भी चौराहों पर यातायात पुलिस इन बूथों पर नजर नहीं आ रही है। यातायात माह के दौरान भी बड़ेवन, रोडवेज, पांडेय बाजार, कंपनीबाग पर रखे गए यह बूथ खाली नजर आ रहे हैं।
---------------

शहर में लग रहा है जाम

ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम खराब होने से शहर में जाम की समस्या बढ़ गई है। आवागमन का दबाव बढ़ते ही अस्पताल चौराहा पर जाम की स्थिति बन जाती है। यहां चौतरफा वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इसके चलते कुछ ही देर बाद रोडवेज भी जाम का शिकार बन जाता है। पांडेय बाजार में तो दिन में कई बार जाम लग रहा है। कंपनीबाग चौराहे पर भी मनमाने ढंग से वाहन निकलने के दौरान जाम की समस्या खड़ी हो रही है।

-----------------
ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम ठीक कराने के लिए कई बार नगर पालिका परिषद को पत्र लिखा जा चुका है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यातायात पुलिस के जरिये प्रमुख चौराहों का आवागमन सुचारू रूप से बहाल कराया जा रहा है।

कामेश्वर सिंह, यातायात प्रभारी

-------------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed