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Basti News: पुरातन छात्रों ने कॉलेज की ख्याति को लौटाने का उठाया बीड़ा
Sun, 24 Sep 2023 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 24 Sep 2023 01:17 AM IST
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- खैर इंटर कॉलेज में पहली बार आयोजित हुआ री-यूनियन कार्यक्रम
- गुरुजनों से मिलकर भावुक हुए पुरातन छात्र, स्कूल की यादें हुईं ताजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। खैर काॅलेज ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन की ओर से खैर इंडस्ट्रियल इंटर कॉलेज में शनिवार को री-यूनियन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में कॉलेज के पुरातन छात्र जुटे। इस दौरान सेवानिवृत्त गुरुजनों की उपस्थिति रही। पुरातन छात्र गुरुजनों से मिलकर भावुक हो गए। एक-दूसरे की कुशलक्षेम जानने के साथ ही पुरानी यादें भी ताजा हुईं। पुरातन छात्रों ने कॉलेज की ख्याति को लौटाने का बीड़ा भी उठाया।
मुख्य अतिथि निदेशक माध्यमिक शिक्षा डाॅ. महेंद्र देव ने कहा कि ऐसे आयोजन संस्था, विभाग और बच्चों के लिए फायदेमंद हैं। कहा कि जब पुराने लोग मिलते हैं तो अलग ही अनुभूति होती है। संस्थापक ने कॉलेज की स्थापना कर समाज को नया आयाम दिया था। यहां से निकलने वाले होनहारों की जिम्मेदारी है कि वे इस कॉलेज की बेहतरी के लिए जरूर सोचें। मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि पीढि़यों से लोग इस काॅलेज से निकलकर देश-विदेश में नाम रोशन कर रहे हैं। कभी यहां दाखिले का मतलब सफलता की गारंटी माना जाता था।
कार्यक्रम के संयोजक एवं एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गादत्त पांडेय ने कहा कि यह वही काॅलेज है, जहां 10वीं, 12वीं पास करना आसान, मगर 9वीं और 11वीं उत्तीर्ण करना मुश्किल था। यह आयोजन पुरानी यादों को ताजा करने वाला है। अपने बीच पुरातन छात्रों और गुरुजनों को पाकर अभिभूत हूं। इस कार्यक्रम को लेकर सीएम समेत प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने शुभकामनाएं भी प्रेषित की हैं। कहा कि सरकार ने सहयोगी योगदान योजना शुरू की है। इसके तहत विद्यालयों में संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए सवा करोड़ रुपये मिलते हैं।
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इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्रों ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। छात्रों ने सुरीले अंदाज में काॅलेज के संस्थापक मो. अबुल खैर सईद के व्यक्तित्व की सराहना की। अध्यक्षता काॅलेज के प्रबंधक हमीदुल्लाह खान ने की और संचालन जीजीआइसी की शिक्षक मानवी सिंह व पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर जेडी डाॅ. ओमप्रकाश मिश्र, एडी बेसिक संजय शुक्ल, डीआईओएस जगदीश प्रसाद शुक्ल, बीएसए अनूप कुमार, प्रधानाचार्य फैज आलम अंसारी आदि मौजूद रहे।
...
इनका हुआ सम्मान
खैर इंडस्ट्रियल इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य स्व. मकबूल, स्व. अब्दाल को मरणोपरांत लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। उनके परिवारीजन को यह सम्मान सौंपा गया। सेवानिवृत्त शिक्षक मो. उमर, अली हसन सेंपुल, यशपाल सिंह, नसीबदार, मेजर हयातुल्लाह, शिक्षणेतर कर्मी रामगुलाम भी सम्मानित किए गए। पुरातन छात्रों में पूर्व आईएएस नूर मोहम्मद, पूर्व आईआरएस अधिकारी अब्दुल खालिक, डाॅ. मुस्ताक अमहद, कमलेश्वर त्रिपाठी, अनिल विक्रम सिंह, सेवानिवृत्त सूबेदार शफीक अहमद सिद्दीकी सम्मानित किए गए।
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- गुरुजनों से मिलकर भावुक हुए पुरातन छात्र, स्कूल की यादें हुईं ताजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। खैर काॅलेज ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन की ओर से खैर इंडस्ट्रियल इंटर कॉलेज में शनिवार को री-यूनियन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में कॉलेज के पुरातन छात्र जुटे। इस दौरान सेवानिवृत्त गुरुजनों की उपस्थिति रही। पुरातन छात्र गुरुजनों से मिलकर भावुक हो गए। एक-दूसरे की कुशलक्षेम जानने के साथ ही पुरानी यादें भी ताजा हुईं। पुरातन छात्रों ने कॉलेज की ख्याति को लौटाने का बीड़ा भी उठाया।
मुख्य अतिथि निदेशक माध्यमिक शिक्षा डाॅ. महेंद्र देव ने कहा कि ऐसे आयोजन संस्था, विभाग और बच्चों के लिए फायदेमंद हैं। कहा कि जब पुराने लोग मिलते हैं तो अलग ही अनुभूति होती है। संस्थापक ने कॉलेज की स्थापना कर समाज को नया आयाम दिया था। यहां से निकलने वाले होनहारों की जिम्मेदारी है कि वे इस कॉलेज की बेहतरी के लिए जरूर सोचें। मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि पीढि़यों से लोग इस काॅलेज से निकलकर देश-विदेश में नाम रोशन कर रहे हैं। कभी यहां दाखिले का मतलब सफलता की गारंटी माना जाता था।
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कार्यक्रम के संयोजक एवं एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गादत्त पांडेय ने कहा कि यह वही काॅलेज है, जहां 10वीं, 12वीं पास करना आसान, मगर 9वीं और 11वीं उत्तीर्ण करना मुश्किल था। यह आयोजन पुरानी यादों को ताजा करने वाला है। अपने बीच पुरातन छात्रों और गुरुजनों को पाकर अभिभूत हूं। इस कार्यक्रम को लेकर सीएम समेत प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने शुभकामनाएं भी प्रेषित की हैं। कहा कि सरकार ने सहयोगी योगदान योजना शुरू की है। इसके तहत विद्यालयों में संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए सवा करोड़ रुपये मिलते हैं।
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इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्रों ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। छात्रों ने सुरीले अंदाज में काॅलेज के संस्थापक मो. अबुल खैर सईद के व्यक्तित्व की सराहना की। अध्यक्षता काॅलेज के प्रबंधक हमीदुल्लाह खान ने की और संचालन जीजीआइसी की शिक्षक मानवी सिंह व पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर जेडी डाॅ. ओमप्रकाश मिश्र, एडी बेसिक संजय शुक्ल, डीआईओएस जगदीश प्रसाद शुक्ल, बीएसए अनूप कुमार, प्रधानाचार्य फैज आलम अंसारी आदि मौजूद रहे।
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इनका हुआ सम्मान
खैर इंडस्ट्रियल इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य स्व. मकबूल, स्व. अब्दाल को मरणोपरांत लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। उनके परिवारीजन को यह सम्मान सौंपा गया। सेवानिवृत्त शिक्षक मो. उमर, अली हसन सेंपुल, यशपाल सिंह, नसीबदार, मेजर हयातुल्लाह, शिक्षणेतर कर्मी रामगुलाम भी सम्मानित किए गए। पुरातन छात्रों में पूर्व आईएएस नूर मोहम्मद, पूर्व आईआरएस अधिकारी अब्दुल खालिक, डाॅ. मुस्ताक अमहद, कमलेश्वर त्रिपाठी, अनिल विक्रम सिंह, सेवानिवृत्त सूबेदार शफीक अहमद सिद्दीकी सम्मानित किए गए।