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चूहा को रंगकर घर में छोड़ें, भाग जाएंगे अन्य चूहे
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चूहा को रंगकर घर में छोड़ें, भाग जाएंगे अन्य चूहे
बस्ती। सदर कृषि रक्षा इकाई बरगदवा परिसर में शनिवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण के तहत जागरूकता गोष्ठी की गई। कृषि रक्षा प्रभारी अजय कुमार तिवारी ने चूहों से निजात पाने की तरकीब बताई। कहा कि घर में मौजूद चूहों में से एक को पकड़कर रंग दें। फिर उसे घर में छोड़ दें। उसे देखकर बाकी चूहे घर से भाग जाएंगे।
उन्होंने किसानों से कहा कि चूहे के बिल का पहले दिन चिह्नित कर बंद कर दें। दूसरे दिन खुली मिली बिलों में प्रलोभन चारा रख दें। तीसरे दिन प्रलोभन चारे में जिंक फास्फाइड या एल्यूमिनियम फास्फाइड मिलाकर रख दें। इसे खाकर चूहे मर जाएंगे। उन्होंने किसानों को चूहा-छछूंदर से होने वाली बीमारियां जैसे डेंगू, प्लेग, मलेरिया, इंसेफेलाइटिस आदि से बचाव के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए जागरूकता कार्यक्रम में पांच से दस किसानों को शामिल कराने का निर्देश मिला है। जेडी कृषि डॉ. एसके त्रिपाठी ने बताया कि लक्ष्य 392 के सापेक्ष कुल 141 जागरूकता कार्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं। मौके पर वरिष्ठ लिपिक विनोद कुमार, किसान मुनिराम, संतराम, बुद्धिराम, नंदलाल, रामकेवल सहित आठ अन्य किसान मौजूद रहे।
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बस्ती। सदर कृषि रक्षा इकाई बरगदवा परिसर में शनिवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण के तहत जागरूकता गोष्ठी की गई। कृषि रक्षा प्रभारी अजय कुमार तिवारी ने चूहों से निजात पाने की तरकीब बताई। कहा कि घर में मौजूद चूहों में से एक को पकड़कर रंग दें। फिर उसे घर में छोड़ दें। उसे देखकर बाकी चूहे घर से भाग जाएंगे।
उन्होंने किसानों से कहा कि चूहे के बिल का पहले दिन चिह्नित कर बंद कर दें। दूसरे दिन खुली मिली बिलों में प्रलोभन चारा रख दें। तीसरे दिन प्रलोभन चारे में जिंक फास्फाइड या एल्यूमिनियम फास्फाइड मिलाकर रख दें। इसे खाकर चूहे मर जाएंगे। उन्होंने किसानों को चूहा-छछूंदर से होने वाली बीमारियां जैसे डेंगू, प्लेग, मलेरिया, इंसेफेलाइटिस आदि से बचाव के बारे में बताया।
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उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए जागरूकता कार्यक्रम में पांच से दस किसानों को शामिल कराने का निर्देश मिला है। जेडी कृषि डॉ. एसके त्रिपाठी ने बताया कि लक्ष्य 392 के सापेक्ष कुल 141 जागरूकता कार्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं। मौके पर वरिष्ठ लिपिक विनोद कुमार, किसान मुनिराम, संतराम, बुद्धिराम, नंदलाल, रामकेवल सहित आठ अन्य किसान मौजूद रहे।
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