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शौचालय का रोशनदान उखाड़कर भागा था सेराज
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किशोरी भगाने का है आरोप, ड्यूटी पर तैनात बंदी रक्षकों पर भी दर्ज हुआ था केस
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। नाबालिग बालिका के अपहरण का आरोपी सिराज 10 अक्टूबर 2019 को जिला अस्पताल से वार्ड के शौचालय के रोशनदान को उखाड़कर फरार हो गया था। इस मामले में दो बंदी रक्षकों धर्मवीर सिंह और अवधेश यादव को जेल अधीक्षक ने प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया था। इस मामले में सेराज के साथ ही बंदी रक्षकों पर भी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
वाल्टरगंज थानाक्षेत्र के पुर्सिया गांव निवासी सेराज पुत्र सोहराब अली को किशोरी के अपहरण, पाक्सो व एससी-एसटी एक्ट के मामले में पुरानी बस्ती पुलिस ने गिरफ्तार कर 22 जुलाई को न्यायालय में पेश किया था। कोर्ट ने सेराज को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। अगली शाम सेराज की तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में तकलीफ होने पर जेल के दो बंदी रक्षकों की सुरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसे सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया। रात नौ बजे बंदी रक्षकों की ड्यूटी बदली तो बंदी रक्षक धर्मवीर सिंह और अवधेश यादव की ड्यूटी लग गई। देर रात सेराज पेशाब करने के बहाने बंदी रक्षकों को चकमा देकर टॉयलेट के रोशनदान को उखाड़कर भाग निकला। यह खबर मिलते ही जनपद भर की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया गया। पुलिस ने उसके गांव और संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। नाबालिग बालिका के अपहरण का आरोपी सिराज 10 अक्टूबर 2019 को जिला अस्पताल से वार्ड के शौचालय के रोशनदान को उखाड़कर फरार हो गया था। इस मामले में दो बंदी रक्षकों धर्मवीर सिंह और अवधेश यादव को जेल अधीक्षक ने प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया था। इस मामले में सेराज के साथ ही बंदी रक्षकों पर भी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
वाल्टरगंज थानाक्षेत्र के पुर्सिया गांव निवासी सेराज पुत्र सोहराब अली को किशोरी के अपहरण, पाक्सो व एससी-एसटी एक्ट के मामले में पुरानी बस्ती पुलिस ने गिरफ्तार कर 22 जुलाई को न्यायालय में पेश किया था। कोर्ट ने सेराज को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। अगली शाम सेराज की तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में तकलीफ होने पर जेल के दो बंदी रक्षकों की सुरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसे सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया। रात नौ बजे बंदी रक्षकों की ड्यूटी बदली तो बंदी रक्षक धर्मवीर सिंह और अवधेश यादव की ड्यूटी लग गई। देर रात सेराज पेशाब करने के बहाने बंदी रक्षकों को चकमा देकर टॉयलेट के रोशनदान को उखाड़कर भाग निकला। यह खबर मिलते ही जनपद भर की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया गया। पुलिस ने उसके गांव और संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली थी।
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