{"_id":"6673477b0fec6a84ca0fe4f6","slug":"three-teenage-girls-drowned-while-trying-to-save-each-other-basti-news-c-207-1-sgkp1002-119054-2024-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: एक-दूसरे को बचाने में तीन किशोरियों की डूबकर गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: एक-दूसरे को बचाने में तीन किशोरियों की डूबकर गई जान
Thu, 20 Jun 2024 02:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 20 Jun 2024 02:32 AM IST
विज्ञापन
वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र के सोनोरा पाठक गांव में पोखरे में तीन किशोरी डूबने से मौत होने पर मौके प
पॉलिथीन में आम, तीनों की एक साथ चप्पल देख हुआ डूबने का शक
-
संवाद न्यूज एजेंसी
वाल्टरगंज। पोखरे में डूबकर तीन किशोरियों की मौत से सोनौरा पाठक गांव में कोहराम मचा हुआ है। हालांकि, उन्हें डूबते हुए किसी ने नहीं देखा। लोगों का कहना है कि एक-दूसरे को बचाने में तीनों की डूबकर मौत हुई। पोखरे के किनारे एक पॉलिथीन में कुछ आम और तीन चप्पल देखकर शक हुआ कि कोई न कोई पोखरे में डूबा जरूर है। खोजबीन करने पर खुशी, चंदा और तारा लापता थीं।
लोग बताते हैं कि महेंद्र की दोनों बेटियां खुशी व चंदा और उनके घर के सामने धीरज की पुत्री तारा अक्सर साथ ही आती-जाती थीं। बुधवार की दोपहर में तीनों एक साथ आम बीनने गई थीं। लू और तेज गर्मी से परेशान तीनों पोखरे में नहाने मन बनाया। तीनों आम रखे पॉलिथीन और चप्पल पोखरे के भीटे पर रखकर नहाने पोखरे में उतर गईं। तभी एक का पैर फिसला और गहरे पानी में चली गई। दूसरी उसे बचाने के लिए हाथ पकड़ा तो वह भी डूबने लगी।
दोनों को डूबता देख तीसरी किशोरी मदद के लिए पहुंचीं, लकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शोर मचाने पर गांव के फूलचंद, मेवालाल, पिंटू, राम तीरथ समेत अन्य लोग पोखर में कूद गए और ढूंढने लगे। तभी तीनों का शरीर ढूंढने वाले के पैर में लगा और एक-एक कर तीनों का शवों को पोखरे से निकाला गया। खुशी व चंदा सात बहनों रोशनी, लक्ष्मी, चांदनी, खजाना, शिवानी व एक भाई के बाद दोनों सबसे छोटी थीं। खुशी कक्षा छह तथा चंदा कक्षा चार में पढ़ती थी।
विज्ञापन
वहीं तारा तीन बहनों व दो भाइयों में दूसरे नंबर की थी। वह कक्षा चार की छात्रा थी। तारा की मौत की खबर सुनकर बड़ी बहन शीतला व मां रीना बेहोश हो गईं। बहन बेबी, भाई यशराज उर्फ बादल तथा साजन एक-दूसरे से चिपक कर विलाप कर रहे थे। इन बच्चियों के मात- पिता मजदूर और बेहद गरीब हैं। सूचना पर हल्का लेखपाल रामप्रकाश मिश्र, कानूनगो संतोष शुक्ल मौके पर पहुंचकर अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन रुधौली को सुपुर्द कर दिया हैं।
विज्ञापन
-
संवाद न्यूज एजेंसी
वाल्टरगंज। पोखरे में डूबकर तीन किशोरियों की मौत से सोनौरा पाठक गांव में कोहराम मचा हुआ है। हालांकि, उन्हें डूबते हुए किसी ने नहीं देखा। लोगों का कहना है कि एक-दूसरे को बचाने में तीनों की डूबकर मौत हुई। पोखरे के किनारे एक पॉलिथीन में कुछ आम और तीन चप्पल देखकर शक हुआ कि कोई न कोई पोखरे में डूबा जरूर है। खोजबीन करने पर खुशी, चंदा और तारा लापता थीं।
लोग बताते हैं कि महेंद्र की दोनों बेटियां खुशी व चंदा और उनके घर के सामने धीरज की पुत्री तारा अक्सर साथ ही आती-जाती थीं। बुधवार की दोपहर में तीनों एक साथ आम बीनने गई थीं। लू और तेज गर्मी से परेशान तीनों पोखरे में नहाने मन बनाया। तीनों आम रखे पॉलिथीन और चप्पल पोखरे के भीटे पर रखकर नहाने पोखरे में उतर गईं। तभी एक का पैर फिसला और गहरे पानी में चली गई। दूसरी उसे बचाने के लिए हाथ पकड़ा तो वह भी डूबने लगी।
विज्ञापन
दोनों को डूबता देख तीसरी किशोरी मदद के लिए पहुंचीं, लकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शोर मचाने पर गांव के फूलचंद, मेवालाल, पिंटू, राम तीरथ समेत अन्य लोग पोखर में कूद गए और ढूंढने लगे। तभी तीनों का शरीर ढूंढने वाले के पैर में लगा और एक-एक कर तीनों का शवों को पोखरे से निकाला गया। खुशी व चंदा सात बहनों रोशनी, लक्ष्मी, चांदनी, खजाना, शिवानी व एक भाई के बाद दोनों सबसे छोटी थीं। खुशी कक्षा छह तथा चंदा कक्षा चार में पढ़ती थी।
विज्ञापन
वहीं तारा तीन बहनों व दो भाइयों में दूसरे नंबर की थी। वह कक्षा चार की छात्रा थी। तारा की मौत की खबर सुनकर बड़ी बहन शीतला व मां रीना बेहोश हो गईं। बहन बेबी, भाई यशराज उर्फ बादल तथा साजन एक-दूसरे से चिपक कर विलाप कर रहे थे। इन बच्चियों के मात- पिता मजदूर और बेहद गरीब हैं। सूचना पर हल्का लेखपाल रामप्रकाश मिश्र, कानूनगो संतोष शुक्ल मौके पर पहुंचकर अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन रुधौली को सुपुर्द कर दिया हैं।