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Basti News: गिरोह बंद अधिनियम में तीन को तीन-तीन की कैद
Fri, 22 Dec 2023 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 22 Dec 2023 12:12 AM IST
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बस्ती। जिला अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार सप्तम की अदालत ने गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम में तीन दोषियों को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई है। प्रत्येक को दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा। इसे अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक राम प्रकाश दुबे ने अदालत को बताया कि कोतवाली थाना के तत्कालीन निरीक्षक एसएन सिंह ने थाने में तहरीर दी। उसमें कहा कि 16 फरवरी 2010 को आरोपी प्रवीण कुमार निवासी मनहनडीह का सक्रिय गैंग है। गैंग का लीडर स्वयं प्रवीण है। यह गैंग अपने तथा साथी राजकुमार सिंह निवासी न्यू कॉलोनी सुपेलवा तथा देवेंद्र सिंह उर्फ अनुज सिंह निवासी आवास विकास कॉलोनी, बस्ती के साथ आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए हत्या, अपहरण, धमकी व शस्त्र तस्करी करसा है।
इस गिरोह के विरुद्ध आम जन का कोई भी गवाही का देने का साहस नहीं कर पाता। इस गैंग के खिलाफ सात गंभीर अपराध के केस भी दर्ज हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान न्यायालय में पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया। साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने तीनों को सजा सुनाई।
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विशेष लोक अभियोजक राम प्रकाश दुबे ने अदालत को बताया कि कोतवाली थाना के तत्कालीन निरीक्षक एसएन सिंह ने थाने में तहरीर दी। उसमें कहा कि 16 फरवरी 2010 को आरोपी प्रवीण कुमार निवासी मनहनडीह का सक्रिय गैंग है। गैंग का लीडर स्वयं प्रवीण है। यह गैंग अपने तथा साथी राजकुमार सिंह निवासी न्यू कॉलोनी सुपेलवा तथा देवेंद्र सिंह उर्फ अनुज सिंह निवासी आवास विकास कॉलोनी, बस्ती के साथ आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए हत्या, अपहरण, धमकी व शस्त्र तस्करी करसा है।
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इस गिरोह के विरुद्ध आम जन का कोई भी गवाही का देने का साहस नहीं कर पाता। इस गैंग के खिलाफ सात गंभीर अपराध के केस भी दर्ज हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान न्यायालय में पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया। साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने तीनों को सजा सुनाई।
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