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Basti News: जिला पंचायत की बैठक में जबरदस्त हंगामा... कार्रवाई के विरोध में उतरे 27 सदस्य
Sun, 16 Feb 2025 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 16 Feb 2025 12:38 AM IST
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जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष से बहस करते सदस्य
- सदन में कुर्सी छोड़ गैलरी में आ गए सदस्य, आरोप- प्रत्यारोप से घिरे माननीय
- एएमओ- बोले, 53 करोड़ के बजट पर लगी मोहर, नाराज जिला पंचायत सदस्य डीएम से मिले, बोले- कार्रवाई पर सहमत नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। विकास भवन के सभागार में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में शनिवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। एएमओ विजय प्रकाश वर्मा ने आमंत्रित सदस्य के रूप में पहुंचे माननीयों और जिला पंचायत सदस्यों से बैठक की औपचारिकता पूरी कराई। फिर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने बैठक की कार्रवाई शुरू करने की अनुमति दी। इसके कुछ ही देर बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। कुछ सदस्यों ने मनमाने ढंग से प्रस्ताव पारित करने और कमीशनखोरी के मामले को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद मामला शांत नहीं हुआ।
सदन में पिछली बैठक की कार्रवाई से जैसे ही सदस्यों को अवगत कराया जाने लगा, उसी दौरान जिला पंचायत सदस्य भड़क उठे। उनका कहना था कि पिछली कार्रवाई में सदस्यों के सुझावों पर कोई अमल नहीं किया गया है। मनमाने ढंग से प्रस्ताव पारित कर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। मामला इस कदर बिगड़ा कि विरोध में कई सदस्य कुर्सी छोड़ गैलरी में आ गए। जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों के बीच आरोप- प्रत्यारोप का दौर चला। बैठक में प्रस्तावित बजट को लेकर भी सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के बीच कई माननीय और जिला पंचायत अध्यक्ष बाहर निकल आए। इसके बाद 27 सदस्यों की ओर से डीएम को पत्रक सौंपकर बैठक की कार्रवाई को निरस्त करने की मांग उठाई गई।
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बैठक में पूरी हुई कार्रवाई, 53.93 करोड़ का प्रस्ताव मंजूर
अपर मुख्य अधिकारी (एएमओ) विजय प्रकाश वर्मा की तरफ से बैठक की कार्रवाई पूर्ण किए जाने की अधिकारिक पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि मूल वित्तीय बजट 2025- 26 के लिए 53 करोड़ 93 लाख 5763 रुपये का प्रस्ताव पारित किया गया है। जबकि वर्ष 2024- 25 का 99 करोड़ 37 लाख 59 हजार 763 रुपये के पुनरीक्षित बजट को अनुमोदित किया गया। उन्होंने कहा कि सदन सर्वसम्मति से 2025- 26 की कार्ययोजना को अनुमोदन प्राप्त हुआ है। इसके अलावा उन्होंने एक जिला पंचायत सदस्य पर अभद्रता करने का आरोप भी लगाया है।
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डीएम से मिले नाराज जिला पंचायत सदस्य
भाजपा के एमएलसी पद के पूर्व प्रत्याशी एवं जिला पंचायत सदस्य प्रमोद कुमार उर्फ गिल्लम चौधरी की अगुवाई में नाराज सदस्य बैठक से बाहर निकलकर डीएम से मिलने पहुंचे। 27 सदस्यों का हस्ताक्षर युक्त पत्रक देते हुए कहा गया कि बैठक के दौरान पिछली कार्रवाई की पुष्टि से संतुष्ट न होने पर सदस्यों ने बहिष्कार किया है। अधिकांश सदस्य कार्रवाई में हिस्सा न लेकर सदन से बाहर आ गए। बावजूद इसके कार्रवाई को पूर्ण बताया जाना नियम विरुद्ध है। सदस्यों ने डीएम से बैठक की कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रकरण न्यायालय में पहुंचाया जाएगा।
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गूंजा कमीशनखोरी का मुद्दा, वीडियो हुआ वायरल
बैठक के दौरान हंगामा कर रहे कुछ जिला पंचायत सदस्यों का वीडियों भी वायरल होने लगा। इसमें कई सदस्य खुलेआम कमीशनखोरी का मुद्दा उठाते नजर आ रहे हैं। भाजपा के ही एक कद्दावर नेता एवं वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य वीडियो में यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि जिला पंचायत में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। 41.5 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है।
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जिला पंचायत भवन का भी मुद्दा गरमाया
बैठक के दौरान निर्माणाधीन जिला पंचायत भवन का भी मुद्दा जोर शोर से छाया रहा। सदस्यों का कहना था कि जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यालय भवन की मरम्मत का कार्य दो साल पहले 50 लाख की लागत से कराया गया था। इधर पुराने भवन को तोड़कर दो करोड़ की लागत से नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव सदस्यों को बगैर संज्ञान में लिए प्रस्तावित कर दिया गया। इस तरह शासकीय धन का बड़े पैमाने पर नुकसान और बंदरबांट किया जा रहा है। पुराने भवन के मलबा नीलामी में भी अनियमितता बरतने का मामला छाया रहा।
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- एएमओ- बोले, 53 करोड़ के बजट पर लगी मोहर, नाराज जिला पंचायत सदस्य डीएम से मिले, बोले- कार्रवाई पर सहमत नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। विकास भवन के सभागार में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में शनिवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। एएमओ विजय प्रकाश वर्मा ने आमंत्रित सदस्य के रूप में पहुंचे माननीयों और जिला पंचायत सदस्यों से बैठक की औपचारिकता पूरी कराई। फिर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने बैठक की कार्रवाई शुरू करने की अनुमति दी। इसके कुछ ही देर बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। कुछ सदस्यों ने मनमाने ढंग से प्रस्ताव पारित करने और कमीशनखोरी के मामले को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद मामला शांत नहीं हुआ।
सदन में पिछली बैठक की कार्रवाई से जैसे ही सदस्यों को अवगत कराया जाने लगा, उसी दौरान जिला पंचायत सदस्य भड़क उठे। उनका कहना था कि पिछली कार्रवाई में सदस्यों के सुझावों पर कोई अमल नहीं किया गया है। मनमाने ढंग से प्रस्ताव पारित कर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। मामला इस कदर बिगड़ा कि विरोध में कई सदस्य कुर्सी छोड़ गैलरी में आ गए। जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों के बीच आरोप- प्रत्यारोप का दौर चला। बैठक में प्रस्तावित बजट को लेकर भी सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के बीच कई माननीय और जिला पंचायत अध्यक्ष बाहर निकल आए। इसके बाद 27 सदस्यों की ओर से डीएम को पत्रक सौंपकर बैठक की कार्रवाई को निरस्त करने की मांग उठाई गई।
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बैठक में पूरी हुई कार्रवाई, 53.93 करोड़ का प्रस्ताव मंजूर
अपर मुख्य अधिकारी (एएमओ) विजय प्रकाश वर्मा की तरफ से बैठक की कार्रवाई पूर्ण किए जाने की अधिकारिक पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि मूल वित्तीय बजट 2025- 26 के लिए 53 करोड़ 93 लाख 5763 रुपये का प्रस्ताव पारित किया गया है। जबकि वर्ष 2024- 25 का 99 करोड़ 37 लाख 59 हजार 763 रुपये के पुनरीक्षित बजट को अनुमोदित किया गया। उन्होंने कहा कि सदन सर्वसम्मति से 2025- 26 की कार्ययोजना को अनुमोदन प्राप्त हुआ है। इसके अलावा उन्होंने एक जिला पंचायत सदस्य पर अभद्रता करने का आरोप भी लगाया है।
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डीएम से मिले नाराज जिला पंचायत सदस्य
भाजपा के एमएलसी पद के पूर्व प्रत्याशी एवं जिला पंचायत सदस्य प्रमोद कुमार उर्फ गिल्लम चौधरी की अगुवाई में नाराज सदस्य बैठक से बाहर निकलकर डीएम से मिलने पहुंचे। 27 सदस्यों का हस्ताक्षर युक्त पत्रक देते हुए कहा गया कि बैठक के दौरान पिछली कार्रवाई की पुष्टि से संतुष्ट न होने पर सदस्यों ने बहिष्कार किया है। अधिकांश सदस्य कार्रवाई में हिस्सा न लेकर सदन से बाहर आ गए। बावजूद इसके कार्रवाई को पूर्ण बताया जाना नियम विरुद्ध है। सदस्यों ने डीएम से बैठक की कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रकरण न्यायालय में पहुंचाया जाएगा।
गूंजा कमीशनखोरी का मुद्दा, वीडियो हुआ वायरल
बैठक के दौरान हंगामा कर रहे कुछ जिला पंचायत सदस्यों का वीडियों भी वायरल होने लगा। इसमें कई सदस्य खुलेआम कमीशनखोरी का मुद्दा उठाते नजर आ रहे हैं। भाजपा के ही एक कद्दावर नेता एवं वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य वीडियो में यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि जिला पंचायत में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। 41.5 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है।
जिला पंचायत भवन का भी मुद्दा गरमाया
बैठक के दौरान निर्माणाधीन जिला पंचायत भवन का भी मुद्दा जोर शोर से छाया रहा। सदस्यों का कहना था कि जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यालय भवन की मरम्मत का कार्य दो साल पहले 50 लाख की लागत से कराया गया था। इधर पुराने भवन को तोड़कर दो करोड़ की लागत से नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव सदस्यों को बगैर संज्ञान में लिए प्रस्तावित कर दिया गया। इस तरह शासकीय धन का बड़े पैमाने पर नुकसान और बंदरबांट किया जा रहा है। पुराने भवन के मलबा नीलामी में भी अनियमितता बरतने का मामला छाया रहा।