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Basti News: गार्ड न वाॅर्डन... पुरुष अधीक्षक के भरोसे चल रहा महिला छात्रावास

Sat, 21 Sep 2024 03:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sat, 21 Sep 2024 03:22 AM IST
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There is no guard or warden... women's hostel is running under the trust of male superintendent.
नगर पंचायत नगर बाजार के भतरिन्हाजोत में बने आँगनबाडी केंद्र में रखा कबाड़। 
बभनान कस्बे में बनाया गया है 17 कमरों का महिला छात्रावास
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शुद्ध पेयजल व प्रकाश तक का इंतजार नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बभनान। कस्बे में महिला छात्रावास में रह रहीं बेटियों की सुरक्षा भगवान भरोसे हैं। बदहाल छात्रावास में न कोई सुविधा है और न ही गार्ड व वाॅर्डन की तैनाती है। बेटियों को शुद्ध पेयजल तक के लिए तरसना पड़ रहा है। तमाम दुश्वारियां झेलते हुए 48 बेटियां इसमें रहकर पढ़ाई कर रही हैं। एक पुरुष अधीक्षक की तैनाती है और वह भी नियमति रूप से नहीं रहते हैं।
आचार्य नरेंद्र देव किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए कस्बे में दो मंजिला 17 कमरों व 51 सीटों का छात्रावास बनाया गया है। छात्रावास की सुरक्षा के लिए पहले पीआरडी के जवान तैनात थे, जिन्हें अब हटा लिया गया है। एक महिला वाॅर्डन का भी पद सृजित है, जो रिक्त है। परिसर में झाड़ियां उगी हुई हैं। प्रकाश की व्यवस्था न होने के कारण दिन ढलते ही अंधेरा छा जाता है।
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बिजली न रहने पर छात्रावास में अंधेरा हो जाता है। जनरेटर या इनवर्टर भी नहीं हैं। दो सोलर पैनल लगाए गए थे, जो अब खराब हो चुके हैं। शुद्ध पेयजल के लिए वाटर कूलर व आरओ मशीन लगाई गई थी, जो मौजूदा समय में खराब है। परिसर में तीन इंडिया मार्का हैंडपंप लगे मिले, इसमें भी एक खराब है। अन्य दोनों दूषित पानी उगल रहे हैं।
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शुल्क जमा करने के बाद भी नहीं मिलती सुविधाएं
समाज कल्याण विभाग की ओर संचालित महिला छात्रावास में रहने के लिए बेटियों से शुल्क वसूला जाता है। फिर भी कोई सुविधा नहीं मिलती है। जानकारी के अनुसार, छात्रावास में रहने के लिए अनुसूचित जाति की बेटियों को 400, सामान्य व पिछड़ा वर्ग की बेटियों से 500 रुपये प्रतिवर्ष शुल्क वसूला जाता है।

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नियमित रूप से देखभाल नहीं कर पाते अधीक्षक
छात्रावास में रहने वाले बीएससी की छात्रा शालिनी यादव, चांदनी गौतम, दीपमाला, सुजाता गौतम, हर्षित वर्मा, संगीता चौधरी आदि ने बताया कि शाम होते ही परिसर में अंधेरा छा जाता है। परिसर में झाड़ियां से आए दिन सांप निकलते रहते हैं। नालियां टूट गई हैं। हैंडपंप का पानी पीना मजबूरी है। छात्रावास के अधीक्षक सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि अन्य कई छात्रावास का भी प्रभार होने के चलते वह नियमित रूप से समय नहीं दे पाते हैं। खामियों को दुरुस्त कराने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है।
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कोट
महिला छात्रावास में प्रकाश, बिजली व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था जल्द करा दी जाएगी। अन्य खामियों को दुरुस्त कराने के लिए शासन से धन की मांग की गई है।
-श्री प्रकाश पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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