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Basti News: रसोई गैस के लिए हाहाकार...बढ़ती जा रही कतार

Wed, 11 Mar 2026 12:54 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Mar 2026 12:54 AM IST
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There is an outcry for cooking gas...the queue is increasing.
हर्रैया ​स्थित गैस एजेंसी पर खाली सिलिंडर के साथ उपभोक्ताओं की लगी लंबी लाइन।  संवाद - फोटो : 1
बस्ती। रसोई गैस की किल्लत बढ़ती ही जा रही है। जिले में विभिन्न कंपनियों की आधा दर्जन एजेंसियां ड्राई पड़ गई हैं। कई एजेंसियों के मैनेजर, हॉकर, कर्मचारी से लेकर मालिक तक आजिज आकर फोन बंद कर लिए हैं। गैस सिलिंडर के लिए सुबह से ही एजेंसियों पर लंबी कतार लग जा रही है, एक-दो घंटे के वितरण के बाद ही एजेंसियां ड्राई हो जा रही हैं।
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ज्यादातर समस्या ग्रामीण क्षेत्र में देखने को मिल रही है। एक सप्ताह से बढ़ी किल्लत उपभोक्ताओं को दस साल पहले जैसी तबाही का दौर याद दिला रही है। बता दें कि होली के बाद से अचानक रसोई गैस की समस्या गहराने लगी। शुरू में तो एजेंसी संचालक और आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार यह कहते सुने गए कि आपूर्ति में कोई कमी नहीं हैं एक-दो दिन में समस्या खत्म हो जाएगी।
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मगर ऐसा हुआ नहीं, सप्ताह भर बाद गैस की किल्लत और बढ़ गई। 20 से 30 दिन पहले की जाने वाली बुकिंग पर भी सिलिंडर मिलने वाला नहीं है। एजेंसी संचालकों की ओर से बताया जा रहा हैं इधर गैस की आवक अचानक घट गई है।
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जिले के विभिन्न अंचलों में विभिन्न कंपनियों की कुल 39 गैस एजेंसियां संचालित हैं। कुल 30 लाख की आबादी में छह लाख के आसपास कनेक्शन है। आधुनिकता के इस दौर में 80 फीसदी घरों की रसोई अब गैस पर ही निर्भर है। शहरी क्षेत्र में इसकी और भी अपडेट व्यवस्था बन गई है। लगभग 15 हजार उपभोक्ताओं के घर पाइप लाइन से चूल्हे तक गैस की सप्लाई की जा रही है। इन घरों में सिलिंडर की जरूरत अब न के बराबर है।
इससे इतर 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं के घर रसोई गैस की जरूरत पड़ रही है। औसत आठ से दस परिवार वाले घरों में 15 दिन और तीन से चार सदस्य वाले परिवार में महीने में एक सिलिंडर की जरूरत पड़ती है। एजेंसी संचालकों के अनुसार प्रत्येक महीने पांच लाख रिफिल की औसत डिमांड रहती है। पहले कंपनियों की ओर से डिमांड के हिसाब से भरपूर रिफिल की आपूर्ति होती रही। इस वजह से गांव-देहात, कस्बा हर जगह गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं।
एजेंसी संचालकों का तर्क हैं कि अब डिमांड के हिसाब से आपूर्ति न करके वितरण के लिए प्राप्त ओटीपी के वेरिफिकेशन के अनुसार रिफिल की आपूर्ति की जा रही है। इसमें भी तीन से चार दिन का वक्त लग रहा है। जिससे आवक लगभग तीन गुना घट गई है।
इस दौरान एजेंसी ड्राई होने की स्थिति में पहुंच जा रही है। इसीलिए उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। मंगलवार को शहर में संचालित आधा दर्जन गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी गई।
घर में समारोह होने से उपभोक्ता परेशान : दसकोलवा से आए नवरत्न ने बताया कि उनके घर पर शादी हैं। 20 दिन पहले ही दो कनेक्शन की बुकिंग कराई थी। दो दिन से लगातार आकर लाइन लगा रहे हैं लेकिन, जब बारी आ रही हैं सिलिंडर खत्म हो जा रहा है। वहीं मंझरिया के राम सेवक ने बताया कि दस साल पहले भी रसोई गैस के लिए इसी तरह की मारा मारी होती थी। वह दौर अब याद आने लगा हैं।

उपभोक्ता कमल कुमार ने बताया कि एजेंसी संचालक और कर्मचारी सलाह दे रहे हैं कि कुछ दिन लकड़ी पर भोजन पकाकर उपभोक्ता धैर्य का परिचय दें। आपूर्ति की स्थिति सामान्य होने पर सिलिंडर सुलभ हो पाएगा।
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