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Basti News: टांडा पुल की मरम्मत का रास्ता साफ
Fri, 29 Aug 2025 02:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 29 Aug 2025 02:45 AM IST
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रामजानकी मार्ग और लुबनी-दुद्धी मार्ग के कलवारी चौराहे पर क्रासिंग
बस्ती। लुंबिनी-दुद्धी हाईवे पर स्थित क्षतिग्रस्त टांडा पुल की मरम्मत का रास्ता साफ हो गया है। एनएचएआई सितंबर में कार्य कराएगी। पहले मई में यह कार्य शुरू हुअा था। दो महीने तक रूट डाइवर्जन की अनुमति मांगी गई थी। कांवड़ उत्सव के चलते प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। अब 11 सितंबर से पुल पर आवागमन प्रतिबंधित कर मरम्मत शुरू होगी।
यह पुल दोनों जनपदों को जोड़ता है। इसी पर हाईवे का आवागमन उतार दिया गया था। वाहनों का दबाव बढ़ने से यह पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है। पुल के बेयरिंग से लेकर खंभों तक क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट एनएचएआई ने छह महीने पहले ही दे दी थी। वर्ष 2013 में 1.19 अरब रुपये की लागत से तैयार 72 खंभों वाले 2231 मीटर लंबे पुल का लोकार्पण हुआ था।
हाईवे के लिहाज से यह पुल शुरू से ही संकरा महसूस किया जा रहा है। ऊपर क्षतिग्रस्त होने के कारण पुल के ऊपर का पैच जगह-जगह उखड़ चुका है। पुल की सतह पर लगाए गए वायर भी कमजोर हैं। तीन महीने पहले एनएचएआई ने मरम्मत कार्य शुरू करा दिया था। रूट डाइवर्जन के लिए बस्ती जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति न मिलने से मरम्मत कार्य सप्ताह भीतर ही ठप करना पड़ा। इधर भीड़ का अनुमान कम होने पर प्रशासन ने 11 सितंबर से रूट डाइवर्जन की अनुमति दे दी है। निर्माण कंपनी को टेंडर भी आवंटित हो चुका है। दो महीने तक इस पुल पर आवागमन बंद करके मरम्मत कार्य कराया जाएगा। बस्ती से आजमगढ़, बनारस जाने वाहनों को धनघटा बाजार से बिड़हर घाट होकर आजमगढ़ निकलना होगा। इससे लगभग 70 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।
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यह पुल दोनों जनपदों को जोड़ता है। इसी पर हाईवे का आवागमन उतार दिया गया था। वाहनों का दबाव बढ़ने से यह पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है। पुल के बेयरिंग से लेकर खंभों तक क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट एनएचएआई ने छह महीने पहले ही दे दी थी। वर्ष 2013 में 1.19 अरब रुपये की लागत से तैयार 72 खंभों वाले 2231 मीटर लंबे पुल का लोकार्पण हुआ था।
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हाईवे के लिहाज से यह पुल शुरू से ही संकरा महसूस किया जा रहा है। ऊपर क्षतिग्रस्त होने के कारण पुल के ऊपर का पैच जगह-जगह उखड़ चुका है। पुल की सतह पर लगाए गए वायर भी कमजोर हैं। तीन महीने पहले एनएचएआई ने मरम्मत कार्य शुरू करा दिया था। रूट डाइवर्जन के लिए बस्ती जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति न मिलने से मरम्मत कार्य सप्ताह भीतर ही ठप करना पड़ा। इधर भीड़ का अनुमान कम होने पर प्रशासन ने 11 सितंबर से रूट डाइवर्जन की अनुमति दे दी है। निर्माण कंपनी को टेंडर भी आवंटित हो चुका है। दो महीने तक इस पुल पर आवागमन बंद करके मरम्मत कार्य कराया जाएगा। बस्ती से आजमगढ़, बनारस जाने वाहनों को धनघटा बाजार से बिड़हर घाट होकर आजमगढ़ निकलना होगा। इससे लगभग 70 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।
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