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Basti News: सरयू नदी का घट रहा जलस्तर...मईपुर में कटान शुरू
Tue, 16 Jul 2024 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 16 Jul 2024 01:41 AM IST
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- नदी के किनारे भूमि और पेड़ का नदी में विलीन होते वीडियो वायरल
- दुबौलिया क्षेत्र के संवेदनशील गांवों में जनजीवन सामान्य
- खतरे के निशान से 57 सेमी नीचे बहने लगी सरयू
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार नदी का जलस्तर सोमवार को शाम 6 बजे 92.150 पर दर्ज किया गया है। खतरे के निशान 92.730 मीटर से 57 सेंटीमीटर नीचे है। कुदरहा विकास क्षेत्र के मईपुर गांव में सोमवार को कटान होते देखा गया। नदी के किनारे कृषि योग्य भूमि और पेड़ का नदी में विलीन होते वीडियो भी वायरल हुआ है। यहां ग्रामीणों में दहशत है। वहीं दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र में बाढ़ से राहत मिली है। यहां संवेदनशील गांवों में जनजीवन सामान्य होने लगा है।
मईपुर गांव को छोड़ दिया जाए तो अन्य जगहों पर सरयू ने काफी राहत दी है। बाढ़ का पानी प्रभावित गांवों से खिसक गया है। दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक के तटीय गांवों में संकट खत्म होने के कगार पर है। यहां जनजीवन सामान्य होता दिख रहा है। पानी से घिरे गांव सप्ताह भर बाद पहले जैसे दिखने लगे हैं। लोगों का आवागमन बहाल होने लगा है। कुछ गांवों में बारिश के बाद नदी का पानी घुसने से नाव के सहारे लोग आवाजाही कर रहे थे। लेकिन, जलस्तर कम होने से यह समस्या खत्म हो गई है।
देखते ही देखते नदी में विलीन हो गई भूमि और पेड़
कुदरहा। कलवारी रामपुर तटबंध और नदी के बीच बसे मईपुर गांव में कटान होते देखा जा रहा है। सोमवार को सरयू नदी की धारा में कृषि योग्य भूमि और पेड़ विलीन होते देखे गए। ग्रामीणों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया है। जलस्तर घटने के बाद यहां तेजी से कटान शुरु हो गई है। पहले कुछ दूर तक मिट्टी में अंदर तक दरार पड़ रहा है। इसके बाद उतना हिस्सा पानी में बह जा रहा है। कटान होने के चलते खड़ी फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। यह देख गांव के लोग भयभीत हैं। मईपुर बड़कापुरवा मां काली जी के स्थान से कुछ दूरी ही पर कटान होते देखा गया है। ग्रामीण लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि कटान का सिलसिला आबादी क्षेत्र में न शुरू हो जाए।
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सुबिका बाबू में जनजीवन सामान्य
दुबौलिया। सरयू का जलस्तर तेजी से घट गया है। नदी भी सिकुड़कर सामान्य आयत में पहुंच रही है। प्रभावित गांव सुबिका बाबू, आंशिक टेढवा में जनजीवन सामान्य होता दिख रहा है। गांव की पगडंडी से पानी खिसक गया है।
लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध पर बन गए होल, मरम्मत शुरू
विक्रमजोत। लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध पर हुई पहली बरसात में बड़े-बड़े रेनकट और मिट्टी बह जाने से होल बन गए हैं जिसके चलते बंधे पर आवागमन दुभर साबित हो रहा है। बरसात के पूर्व रेनकटों को भरने का कार्य अधूरा छोड़ देने से राहत सामाग्री के आवागमन में दिक्कत हो रही है। तटबंध के संवेदनशील स्थल भरथापुर में कटान रोधी कार्य कराए जा रहे हैं। बाढ़ चौकी घघौवा के समीप बने स्पर 0.950 मीटर की मरम्मत का कार्य दो सप्ताह से चल रहा है। सोमवार को अधिशासी अभियंता ए. अंसारी ने निरीक्षण कर मौजूद जेई अवधेश कुमार, आरके नायक को धीमी कार्य प्रगति पर फटकार लगाई।
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- दुबौलिया क्षेत्र के संवेदनशील गांवों में जनजीवन सामान्य
- खतरे के निशान से 57 सेमी नीचे बहने लगी सरयू
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार नदी का जलस्तर सोमवार को शाम 6 बजे 92.150 पर दर्ज किया गया है। खतरे के निशान 92.730 मीटर से 57 सेंटीमीटर नीचे है। कुदरहा विकास क्षेत्र के मईपुर गांव में सोमवार को कटान होते देखा गया। नदी के किनारे कृषि योग्य भूमि और पेड़ का नदी में विलीन होते वीडियो भी वायरल हुआ है। यहां ग्रामीणों में दहशत है। वहीं दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र में बाढ़ से राहत मिली है। यहां संवेदनशील गांवों में जनजीवन सामान्य होने लगा है।
मईपुर गांव को छोड़ दिया जाए तो अन्य जगहों पर सरयू ने काफी राहत दी है। बाढ़ का पानी प्रभावित गांवों से खिसक गया है। दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक के तटीय गांवों में संकट खत्म होने के कगार पर है। यहां जनजीवन सामान्य होता दिख रहा है। पानी से घिरे गांव सप्ताह भर बाद पहले जैसे दिखने लगे हैं। लोगों का आवागमन बहाल होने लगा है। कुछ गांवों में बारिश के बाद नदी का पानी घुसने से नाव के सहारे लोग आवाजाही कर रहे थे। लेकिन, जलस्तर कम होने से यह समस्या खत्म हो गई है।
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देखते ही देखते नदी में विलीन हो गई भूमि और पेड़
कुदरहा। कलवारी रामपुर तटबंध और नदी के बीच बसे मईपुर गांव में कटान होते देखा जा रहा है। सोमवार को सरयू नदी की धारा में कृषि योग्य भूमि और पेड़ विलीन होते देखे गए। ग्रामीणों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया है। जलस्तर घटने के बाद यहां तेजी से कटान शुरु हो गई है। पहले कुछ दूर तक मिट्टी में अंदर तक दरार पड़ रहा है। इसके बाद उतना हिस्सा पानी में बह जा रहा है। कटान होने के चलते खड़ी फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। यह देख गांव के लोग भयभीत हैं। मईपुर बड़कापुरवा मां काली जी के स्थान से कुछ दूरी ही पर कटान होते देखा गया है। ग्रामीण लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि कटान का सिलसिला आबादी क्षेत्र में न शुरू हो जाए।
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सुबिका बाबू में जनजीवन सामान्य
दुबौलिया। सरयू का जलस्तर तेजी से घट गया है। नदी भी सिकुड़कर सामान्य आयत में पहुंच रही है। प्रभावित गांव सुबिका बाबू, आंशिक टेढवा में जनजीवन सामान्य होता दिख रहा है। गांव की पगडंडी से पानी खिसक गया है।
लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध पर बन गए होल, मरम्मत शुरू
विक्रमजोत। लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध पर हुई पहली बरसात में बड़े-बड़े रेनकट और मिट्टी बह जाने से होल बन गए हैं जिसके चलते बंधे पर आवागमन दुभर साबित हो रहा है। बरसात के पूर्व रेनकटों को भरने का कार्य अधूरा छोड़ देने से राहत सामाग्री के आवागमन में दिक्कत हो रही है। तटबंध के संवेदनशील स्थल भरथापुर में कटान रोधी कार्य कराए जा रहे हैं। बाढ़ चौकी घघौवा के समीप बने स्पर 0.950 मीटर की मरम्मत का कार्य दो सप्ताह से चल रहा है। सोमवार को अधिशासी अभियंता ए. अंसारी ने निरीक्षण कर मौजूद जेई अवधेश कुमार, आरके नायक को धीमी कार्य प्रगति पर फटकार लगाई।