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Basti News: गांव वालों ने खुद उठाया तालाब सफाई का बीड़ा
Mon, 20 Oct 2025 01:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 20 Oct 2025 01:55 AM IST
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छठ पूजा के लिए बेहिल तालाब की सफाई करते ग्रामीण- संवाद
महादेवा (बस्ती)। बनकटी ब्लॉक के बेहिल गांव में छठ पूजा से ग्रामीणों ने खुद तालाब सफाई का जिम्मा संभाल लिया। पिछले कई महीनों से ग्रामीणों ने समय माता स्थान पर स्थित तालाब की सफाई के लिए विकास खंड अधिकारी, मुख्यमंत्री पोर्टल और 1076 पर शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश है।
गांव के युवाओं ने जलकुंभी से भरे तालाब की सफाई शुरू कर दी। सफाई अभियान में जुटे पप्पू, रोहित और विनोद ने बताया कि सफाई के दौरान बोतलें, प्लास्टिक के गिलास, टूटी मूर्तियां और भारी मात्रा में जलकुंभी निकाली गई। इस दौरान कुछ युवकों को चोटें भी आईं। गांव के राजन, जितेंद्र और राकेश ने बताया कि मंदिर के बगल का यह तालाब बेहद प्राचीन है और पहले इसका पानी बेहद स्वच्छ हुआ करता था, मगर अब उपेक्षा के चलते गंदगी का अंबार लग गया है। छठ पूजा के दौरान अमरडोभा, ककरोली, बेहिल, सिंदुरिया, महसौना, हटवा और गौरा गांव की सैकड़ों महिलाएं यहीं पर सूर्य भगवान को अर्घ्य देती हैं। गंगाराम ने बताया कि कई बार शिकायत करने और खंड विकास अधिकारी भवानी प्रसाद शुक्ल से आश्वासन मिलने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई। निराश होकर झिनकू पाल, अनिल पाल, उर्मिला, हिमांशु, राकेश, धर्मेंद्र, धनपत, दिनेश, वेद प्रकाश, गोविंद, विक्रम, अजीत समेत अन्य लोगों ने श्रमदान कर तालाब की सफाई शुरू की।
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गांव के युवाओं ने जलकुंभी से भरे तालाब की सफाई शुरू कर दी। सफाई अभियान में जुटे पप्पू, रोहित और विनोद ने बताया कि सफाई के दौरान बोतलें, प्लास्टिक के गिलास, टूटी मूर्तियां और भारी मात्रा में जलकुंभी निकाली गई। इस दौरान कुछ युवकों को चोटें भी आईं। गांव के राजन, जितेंद्र और राकेश ने बताया कि मंदिर के बगल का यह तालाब बेहद प्राचीन है और पहले इसका पानी बेहद स्वच्छ हुआ करता था, मगर अब उपेक्षा के चलते गंदगी का अंबार लग गया है। छठ पूजा के दौरान अमरडोभा, ककरोली, बेहिल, सिंदुरिया, महसौना, हटवा और गौरा गांव की सैकड़ों महिलाएं यहीं पर सूर्य भगवान को अर्घ्य देती हैं। गंगाराम ने बताया कि कई बार शिकायत करने और खंड विकास अधिकारी भवानी प्रसाद शुक्ल से आश्वासन मिलने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई। निराश होकर झिनकू पाल, अनिल पाल, उर्मिला, हिमांशु, राकेश, धर्मेंद्र, धनपत, दिनेश, वेद प्रकाश, गोविंद, विक्रम, अजीत समेत अन्य लोगों ने श्रमदान कर तालाब की सफाई शुरू की।
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