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Basti News: व्यवस्था में करना होगा सुधार तभी सुधरेगी पालिका-पंचायतों की रैंकिंग
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बस्ती। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में केंद्र सरकार ने नए मापदंडों को सख्त किया है। पान-गुटखा के दाग और खुले में पेशाब से रैंकिंग पर असर पड़ेगा। नगर निकायों को सफाई व्यवस्था में सुधार करना होगा, तभी नगर पालिका और नगर पंचायतों की रैंकिंग सुधरेगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 की तैयारी शुरू होने के साथ ही नगर पालिका के सामने पिछले वर्ष की रैंकिंग को बरकरार रखने की चुनौती होगी। सर्वेक्षण मार्च में होगा। ऐसे में कूड़ा प्रबंधन, शुद्ध जलापूर्ति, गड्ढामुक्त सड़कों के मानक को पूरा करना आसान नहीं होगा।
अधिकारियों ने कमियों को ठीक करने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को ईओ अंगद गुप्ता की अगुवाई में नपा अधिकारियों व कर्मचारियों ने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए महत्वपूर्ण बैठक कर रूपरेखा बनाई।
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सर्वेक्षण की रैंकिंग बिगाड़ने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रयास करने पर सहमति बनी और अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी बांटी गई। इस सर्वेक्षण में नागरिक फीडबैक का भी महत्वपूर्ण स्थान होता है, इसलिए लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में बेहतर सुधार की राह में सबसे बड़ा अड़ंगा कूड़े का उचित प्रबंधन न होना है। इसके अलावा शहर की टूटी सड़कों और गलियों के कारण भी रैंकिंग बिगड़ सकती है। इस पर फोकस किया गया है।
स्वच्छ सर्वेक्षण टूलकिट के बारीकियों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंडल कार्यक्रम प्रबंधक अमरेंद्र प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सन्नी गौतम, परियोजना विशेषज्ञ प्रिया यादव ने सफाई नायकों को स्वच्छता के नए मानकों और जमीनी स्तर पर सुधार के गुर सिखाए गए। ईओ ने कहा कि स्वच्छ व सुंदर शहर बनाना प्राथमिकता में है।
उन्होंने नगर वासियों से अपील की है कि घर की तरह अपने नगर को भी स्वच्छ रखें, गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दें, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और कचरा फैलाने से बचें, स्वच्छता नियमों का पालन करें और दूसरों को भी जागरूक करें।
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स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 की तैयारी शुरू होने के साथ ही नगर पालिका के सामने पिछले वर्ष की रैंकिंग को बरकरार रखने की चुनौती होगी। सर्वेक्षण मार्च में होगा। ऐसे में कूड़ा प्रबंधन, शुद्ध जलापूर्ति, गड्ढामुक्त सड़कों के मानक को पूरा करना आसान नहीं होगा।
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अधिकारियों ने कमियों को ठीक करने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को ईओ अंगद गुप्ता की अगुवाई में नपा अधिकारियों व कर्मचारियों ने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए महत्वपूर्ण बैठक कर रूपरेखा बनाई।
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सर्वेक्षण की रैंकिंग बिगाड़ने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रयास करने पर सहमति बनी और अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी बांटी गई। इस सर्वेक्षण में नागरिक फीडबैक का भी महत्वपूर्ण स्थान होता है, इसलिए लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में बेहतर सुधार की राह में सबसे बड़ा अड़ंगा कूड़े का उचित प्रबंधन न होना है। इसके अलावा शहर की टूटी सड़कों और गलियों के कारण भी रैंकिंग बिगड़ सकती है। इस पर फोकस किया गया है।
स्वच्छ सर्वेक्षण टूलकिट के बारीकियों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंडल कार्यक्रम प्रबंधक अमरेंद्र प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सन्नी गौतम, परियोजना विशेषज्ञ प्रिया यादव ने सफाई नायकों को स्वच्छता के नए मानकों और जमीनी स्तर पर सुधार के गुर सिखाए गए। ईओ ने कहा कि स्वच्छ व सुंदर शहर बनाना प्राथमिकता में है।
उन्होंने नगर वासियों से अपील की है कि घर की तरह अपने नगर को भी स्वच्छ रखें, गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दें, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और कचरा फैलाने से बचें, स्वच्छता नियमों का पालन करें और दूसरों को भी जागरूक करें।