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Basti News: प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच और बढ़ी रार
Thu, 15 Feb 2024 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 15 Feb 2024 01:05 AM IST
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सभी न्यायालयों के अधिवक्ता हुए उग, उत्पीड़न का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। प्रशासन एवं अधिवक्ताओं के बीच रार बढ़ती जा रही है। एक तरफ डीएम ने बुधवार को राजस्व न्यायालयों में सीधे फरियादियों की दलील सुने जाने के निर्देश दिए तो दूसरी तरफ संयुक्त बार की ओर से आंदोलन को और तेज कर दिया गया है। दी यंग बार, सिविल बार, जनपद बार एवं कमिश्नर्स कोर्ट बार एसोसिएशन ने सम्मिलित रूप से सभी न्यायालयों का कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
जिले में जनपद बार एसोसिएशन की ओर से 15 जनवरी से राजस्व न्यायालयों का कार्य बहिष्कार जारी है। यह मामला शांत होने के बजाए बुधवार से और तूल पकड़ लिया है। एक दिन पहले डीएम ने सभी राजस्व न्यायालयों को खोलने के निर्देश जारी किए। दूसरे दिन सभी अधिवक्ता संगठन लामबंद हो गए। कलक्ट्रेट, राजस्व, चकबंदी के अलावा निबंधन, कमिश्नर न्यायालय और सिविल न्यायालयों में भी कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया गया।
दी यंग बार के अध्यक्ष शेषनाथ पाठक ने आरोप लगाया कि प्रशासन वादकारियों के मुकदमों का निस्तारण बिना अधिवक्ता की उपस्थिति में कर रहा है। इससे वादकारी और अधिवक्ता दोनों का अहित हो रहा है। जनपद बार के महामंत्री रवि शंकर शुक्ल ने कहा कि अधिवक्ताओं की मांग जायज है। आंदोलन करने पर प्रशासन संगठन पदाधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री दयाशंकर दुबे की रेकी कराई जा रही है। इस तरह से उत्पीड़न करके आंदोलन को समाप्त नहीं कराया जा सकता है।
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इस मौके पर जनपद बार एसोसिएशन ने अध्यक्ष जवाहर लाल मिश्र, रक्षाराम शुक्ल, राधेश्याम यादव, लक्ष्मीकांत मौर्या, राघवेंद्र प्रताप चौधरी, अली हुसैन, रामचंद्र, रामकृष्ण मिश्र आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। प्रशासन एवं अधिवक्ताओं के बीच रार बढ़ती जा रही है। एक तरफ डीएम ने बुधवार को राजस्व न्यायालयों में सीधे फरियादियों की दलील सुने जाने के निर्देश दिए तो दूसरी तरफ संयुक्त बार की ओर से आंदोलन को और तेज कर दिया गया है। दी यंग बार, सिविल बार, जनपद बार एवं कमिश्नर्स कोर्ट बार एसोसिएशन ने सम्मिलित रूप से सभी न्यायालयों का कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
जिले में जनपद बार एसोसिएशन की ओर से 15 जनवरी से राजस्व न्यायालयों का कार्य बहिष्कार जारी है। यह मामला शांत होने के बजाए बुधवार से और तूल पकड़ लिया है। एक दिन पहले डीएम ने सभी राजस्व न्यायालयों को खोलने के निर्देश जारी किए। दूसरे दिन सभी अधिवक्ता संगठन लामबंद हो गए। कलक्ट्रेट, राजस्व, चकबंदी के अलावा निबंधन, कमिश्नर न्यायालय और सिविल न्यायालयों में भी कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया गया।
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दी यंग बार के अध्यक्ष शेषनाथ पाठक ने आरोप लगाया कि प्रशासन वादकारियों के मुकदमों का निस्तारण बिना अधिवक्ता की उपस्थिति में कर रहा है। इससे वादकारी और अधिवक्ता दोनों का अहित हो रहा है। जनपद बार के महामंत्री रवि शंकर शुक्ल ने कहा कि अधिवक्ताओं की मांग जायज है। आंदोलन करने पर प्रशासन संगठन पदाधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री दयाशंकर दुबे की रेकी कराई जा रही है। इस तरह से उत्पीड़न करके आंदोलन को समाप्त नहीं कराया जा सकता है।
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इस मौके पर जनपद बार एसोसिएशन ने अध्यक्ष जवाहर लाल मिश्र, रक्षाराम शुक्ल, राधेश्याम यादव, लक्ष्मीकांत मौर्या, राघवेंद्र प्रताप चौधरी, अली हुसैन, रामचंद्र, रामकृष्ण मिश्र आदि मौजूद रहे।