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Basti News: बाढ़ पीड़ितों को भूल गए जिम्मेदार...छप्पर डालकर कर रहे गुजर बसर

Sat, 03 Jan 2026 01:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jan 2026 01:03 AM IST
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The responsible people have forgotten the flood victims...they are living under thatched roofs.
कुदरहा गांव के अइलहा में मौजूद विस्थापित बाढ़ पीड़ित।
बहादुरपुर। कुदरहा ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत माझाकला के दो दर्जन बाढ़ पीड़ित परिवारों की घर-गृहस्थी उजड़ने के बाद जिम्मेदार भी भूल गए। बाढ़ के दौरान सरयू नदी की धारा में तीन साल के भीतर इन परिवारों का घर विलीन हो गया। तभी से यह लोग पड़ोस के राजस्व गांव अइलहा में छप्पर डालकर रह रहे हैं। समय बीता तो जिम्मेदार भी इन परिवारों की घर- गृहस्थी बसाने में रूचि नहीं ली। इसमें से एक भी पीड़ित परिवार को सरकारी आवास की सुविधा नहीं मिली।
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बाढ़ के प्रकोप को झेलने के बाद माझाकला के यह पीड़ित परिवार तीन साल से खानाबदोश की जिंदगी जी रहे हैं। ज्यादातर लोगों का पेशा मजदूरी है। रोज कमाकर खाने जीने वाले इन परिवारों को आवास की दरकार है। घर उजड़ने के समय कई जिम्मेदारों ने सरकारी सुविधाएं मुहैया कराने का इन्हें आश्वासन भी दिया था लेकिन, बाद में लोग भूल गए। अहिलहा में दो दर्जन परिवार झोपड़ी बना कर रह रहे हैं।
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इनके सामने सबसे बड़ी समस्या बिजली की है। कनेक्शन न होने के कारण इन्हें अपने मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरों के घर जाकर मदद लेनी पड़ रही है। इसके अलावा अन्य मूलभूत सुविधाओं से भी यह बाढ़ पीड़ित परिवार वंचित है। शुक्रवार को बीडीओ आलोक कुमार वीबी जी राम जी विधेयक पर चर्चा करने के लिए संबंधित गांव के प्राथमिक विद्यालय अइलहा पंहुचे थे। लौटते समय उनसे प्रधान प्रतिनिधि रामभेज के साथ बाढ़ पीड़ित माधवराज, रामराज, गंगाराम, लाल बिहारी, चंद्रिका, अर्जुन, राजेंद्र, रामजी, अमन, राजपति, पूनम, कुंता, सरिता आदि लोगों ने मुलाकात की।
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इन पीड़ितों का कहना था कि उन्हें कम से कम फौरी तौर पर बिजली की सुविधा मिल जाए। जिससे अंधेरे में न रहना पड़े और मोबाइल आदि भी चार्ज होता रहे। लोगों ने बताया कि उनकी झोपड़ी के सामने से हाईटेंशन तार भी गुजरा है। कनेक्शन न होने के कारण बिजली की सुविधा से वंचित हैं। विस्थापित परिवारों का कहना है कि उनके घर नदी में विलीन होने के बाद प्रधान की मदद से अइलहा गांव में बचत की जमीन पर छप्पर डालकर रह रहे हैं।

प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि लगभग 25 परिवारों के सौ सदस्य कटान के कारण बेघर हो गए थे। अभी अस्थायी तौर पर सभी के रहने के लिए छप्पर डलवा दिया गया है। आवास प्लस सर्वे में इन पीड़ितों का नाम शामिल है। बजट के अभाव में अभी तक आवास नहीं मिल पाया है।

कोेट
बाढ़ पीड़ित परिवारों को बिजली का कनेक्शन मुहैया कराने के लिए विद्युत निगम को पत्र लिखा जाएगा। आवास वितरण में भी इन पीड़ितों को प्राथमिकता दी जाएगी।

-आलोक कुमार, बीडीओ, कुदरहा।
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