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जिले में भी जब्त होगी हिस्ट्रीशीटरों की संपत्ति
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जिले में भी जब्त होगी हिस्ट्रीशीटरों की संपत्ति
बस्ती। अपराध के जरिए जुटाई गई संपत्ति पर इतराने वालों के लिए बुरी खबर है। आपराधिक छवि का ठप्पा लगाकर आम-अवाम में हेकड़ी दिखने वालों का पुलिस इतिहास खंगाल रही है। ताकि कानपुर कांड के कुख्यात विकास दुबे के घर की तरह उसकी भी संपत्ति तहस-नहस की जा सके। इसके लिए जिले के 621 हिस्ट्रीशीटरों और टॉप टेन अपराधियों की ताजा नवैयत तैयार की जा रही है।
पुलिस कानपुर के विकास दुबे का घर ढहाने के दूसरे दिन नोएडा के गैंगेस्टर भाटी की संपत्ति जब्त करके साफ संकेत दे दिया है कि अब ऐसे अपराधियों के साथ रियायत नहीं बरती जाएगी जो जुर्म की कमाई से सभ्य समाज के लिए सिरदर्द बने हैं। कानपुर में दबिश के दौरान हमले में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की घटना ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है। अपनों की गद्दारी के चलते मात खाने पर मजबूर हुई पुलिस ने पूरे प्रदेश में तेवर कड़े कर दिए हैं। इसकी सबसे पहली गाज जिले के 621 हिस्ट्रीशीटरों, गैगेस्टरों और टॉप टेन अपराधियों पर गिराने की कवायद चल रही है। सबसे पहले लूट-डकैती, मादक पदार्थ, असलहा, पशुओं की तस्करी में लिप्त अपराधियों की कुंडली खंगाली जा रही है। एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि ऐसे हिस्ट्रीशीटरों की खोजबीन की जा रही है जो उक्त अपराध में लिप्त पाए गए थे। इसके लिए थाने, सर्किल, जिला और रेंज स्तर पर टॉप टेन अपराधियों की सूची तैयार की जा रही है। ताकि गैगेस्टर एक्ट सहित अन्य वैधानिक तरीके से उन पर शिकंजा कस जा सके।
गैंगेस्टर एक्ट का दायरा
उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम-1986 में 15 प्रकार के अपराध शामिल थे। नए शामिल किए गए अपराधों में साहूकारी विनियमन अधिनियम 1976 के अधीन दंडनीय अपराध, गोवध निवारण अधिनियम 1955 और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 में उपबंधों के उल्लंघन में मवेशियों के अवैध परिवहन अथवा तस्करी के कार्यों में संलिप्तता शामिल है। इसके अलावा वाणिज्यिक शोषण, बंधुआ श्रम, बालश्रम, यौन शोषण, अंग हटाने तथा व्यापार, भिक्षावृत्ति शामिल है। इसी प्रकार के क्रियाकलापों के प्रायोजनों के लिए मानव दुरव्यापार, विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1966 के अधीन दंडनीय अपराध, जाली नोट छापना और परिचालन करना, नकली दवाएं बनाना, विक्रय और वितरण में शामिल होना, आयुध अधिनियम उल्लंघन , वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करते हुए आर्थिक लाभ के लिए वध करना, उत्पादों की तस्करी करना, मनोरंजन अधिनियम, राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और जीवन की गति को भी प्रभावित करने वाले अपराध भी गैंगेस्टर एक्ट में शामिल हैं।
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बस्ती। अपराध के जरिए जुटाई गई संपत्ति पर इतराने वालों के लिए बुरी खबर है। आपराधिक छवि का ठप्पा लगाकर आम-अवाम में हेकड़ी दिखने वालों का पुलिस इतिहास खंगाल रही है। ताकि कानपुर कांड के कुख्यात विकास दुबे के घर की तरह उसकी भी संपत्ति तहस-नहस की जा सके। इसके लिए जिले के 621 हिस्ट्रीशीटरों और टॉप टेन अपराधियों की ताजा नवैयत तैयार की जा रही है।
पुलिस कानपुर के विकास दुबे का घर ढहाने के दूसरे दिन नोएडा के गैंगेस्टर भाटी की संपत्ति जब्त करके साफ संकेत दे दिया है कि अब ऐसे अपराधियों के साथ रियायत नहीं बरती जाएगी जो जुर्म की कमाई से सभ्य समाज के लिए सिरदर्द बने हैं। कानपुर में दबिश के दौरान हमले में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की घटना ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है। अपनों की गद्दारी के चलते मात खाने पर मजबूर हुई पुलिस ने पूरे प्रदेश में तेवर कड़े कर दिए हैं। इसकी सबसे पहली गाज जिले के 621 हिस्ट्रीशीटरों, गैगेस्टरों और टॉप टेन अपराधियों पर गिराने की कवायद चल रही है। सबसे पहले लूट-डकैती, मादक पदार्थ, असलहा, पशुओं की तस्करी में लिप्त अपराधियों की कुंडली खंगाली जा रही है। एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि ऐसे हिस्ट्रीशीटरों की खोजबीन की जा रही है जो उक्त अपराध में लिप्त पाए गए थे। इसके लिए थाने, सर्किल, जिला और रेंज स्तर पर टॉप टेन अपराधियों की सूची तैयार की जा रही है। ताकि गैगेस्टर एक्ट सहित अन्य वैधानिक तरीके से उन पर शिकंजा कस जा सके।
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गैंगेस्टर एक्ट का दायरा
उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम-1986 में 15 प्रकार के अपराध शामिल थे। नए शामिल किए गए अपराधों में साहूकारी विनियमन अधिनियम 1976 के अधीन दंडनीय अपराध, गोवध निवारण अधिनियम 1955 और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 में उपबंधों के उल्लंघन में मवेशियों के अवैध परिवहन अथवा तस्करी के कार्यों में संलिप्तता शामिल है। इसके अलावा वाणिज्यिक शोषण, बंधुआ श्रम, बालश्रम, यौन शोषण, अंग हटाने तथा व्यापार, भिक्षावृत्ति शामिल है। इसी प्रकार के क्रियाकलापों के प्रायोजनों के लिए मानव दुरव्यापार, विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1966 के अधीन दंडनीय अपराध, जाली नोट छापना और परिचालन करना, नकली दवाएं बनाना, विक्रय और वितरण में शामिल होना, आयुध अधिनियम उल्लंघन , वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करते हुए आर्थिक लाभ के लिए वध करना, उत्पादों की तस्करी करना, मनोरंजन अधिनियम, राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और जीवन की गति को भी प्रभावित करने वाले अपराध भी गैंगेस्टर एक्ट में शामिल हैं।
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